कांग्रेस ने सीबीआई की साख बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार के खिलाफ सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता एक बैरिकेड्स को तोड़कर दूसरे बैरिकेड्स पर पहुंच गए। जब कांग्रेसियों ने दूसरे बैरिकेड्स को लांघने की कोशिश की तो पुलिस ने पानी की बौछारें शुरू कर दीं। पानी की बौछारें तीन बार अलग-अलग समय के लिए चलाई गईं। फिर भी जब कांग्रेसी नहीं माने तो पुलिस ने 10 मिनट तक लगातार पानी की तेज बौछारें छोड़कर कार्यकर्ताओं को पीछे धकेल दिया। पंजाब के वीवीआईपी नेताओं की सुरक्षा में लगे कई पुलिस जवान भी भी वाटर कैनन की चपेट में आ गए।
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, जिला अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह हैप्पी, जर्मन सहित कई अन्य नेता घायल हो गए। पूर्व मेयर सुरेंद्र सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सेक्टर-32 में भर्ती करवाया गया। इस प्रदर्शन में पंजाब और चंडीगढ़ की पार्टी प्रभारी आशा कुमारी, पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल, हरियाणा विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पंजाब के मंत्री बलबीर सिद्ध सहित कई विधायक शामिल रहे। आशा कुमारी ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के हर बड़े और ऊंचे संस्थानों की छवि को धूमिल किया गया है।
सह प्रभारी और राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी ने कहा कि सीबीआई निदेशक को हटाने का काम तीन लोगों की कमेटी करती है, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता होते हैं। इनसे कोई सलाह मशविरा नहीं लिया गया। यह पूरी तरह से गैर कानूनी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने कहा कि मोदी सरकार एक के बाद एक डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन को ध्वस्त कर रही है। राफेल में हुए बड़े घोटाले को सरकार दबाना चाहती है। आज सीबीआई जैसे निष्पक्ष संस्थान सवालों के घेरे में आ गए हैं।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। सरकार की अक्ल पर पर पड़े ताले को अब जनता हटाएगी और तोड़ेगी। हरियाणा विधायक की नेता किरण चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार सभी संवैधानिक नियमों को ताक पर रख कर यह काम कर रही है। राफेल डील की जांच फाइल को देख रहे सीबीआई चीफ को ऐसे समय में छुट्टी पर भेजना क्या दर्शाता है। इस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ और कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि भाजपा सरकार देश को लूट रही है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि, जीएसटी, नोटबंदी जैसे मामलों से लोग पहले ही त्रस्त थे। अब देश की सर्वोच्च जांच संस्था का कद भी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब हो कि सीबीआई मुख्यालय पहुंचने के लिए सेक्टर 29 की तरफ से और सेक्टर 20 की लाइटों की तरफ से 30 के लिए जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए गए थे। फिर भी कांग्रेस के प्रदर्शनकारी एक-एक कर धरनास्थल पर पहुंचते रहे।