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Chandigarh News: सुखना झील पर कांग्रेस का ब्लैक डे, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
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काले कपड़े पहनकर ओपन हैंड के सामने बैठे नेता-पार्षद, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने सुखना झील पर ब्लैक डे मनाते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ करीब आधा घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ के प्रतीक ओपन हैंड के सामने कांग्रेस नेता और पार्षद काले कपड़े पहनकर हाथों में प्लेकार्ड लेकर धरने पर बैठे। प्लेकार्ड पर ‘ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘झूठे मुकदमे बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान भी इन नारों के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की चंडीगढ़ प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, एआईसीसी सचिव चेतन चौहान और विदित चौधरी समेत कांग्रेस के सभी पार्षद मौजूद रहे।
विपक्ष की आवाज दबाना सरकार की मानसिकता : रजनी पाटिल
रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्ष गंभीर मुद्दे पर सवाल उठा रहा है तो जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और मुकदमे दर्ज नहीं किए जाने चाहिए।
एचएस लक्की ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना सरकार के विपक्ष के आंदोलन से घबराने को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। चेतन चौहान और विदित चौधरी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान दमन से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से होना चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने सुखना झील पर ब्लैक डे मनाते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ करीब आधा घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ के प्रतीक ओपन हैंड के सामने कांग्रेस नेता और पार्षद काले कपड़े पहनकर हाथों में प्लेकार्ड लेकर धरने पर बैठे। प्लेकार्ड पर ‘ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘झूठे मुकदमे बंद करो’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान भी इन नारों के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की चंडीगढ़ प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की, एआईसीसी सचिव चेतन चौहान और विदित चौधरी समेत कांग्रेस के सभी पार्षद मौजूद रहे।
विपक्ष की आवाज दबाना सरकार की मानसिकता : रजनी पाटिल
रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्ष गंभीर मुद्दे पर सवाल उठा रहा है तो जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और मुकदमे दर्ज नहीं किए जाने चाहिए।
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एचएस लक्की ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना सरकार के विपक्ष के आंदोलन से घबराने को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिलने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। चेतन चौहान और विदित चौधरी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान दमन से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से होना चाहिए।
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