Amritsar: दूसरे दिन भी श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे राहुल गांधी, काटी सब्जी, जूठे बर्तन मांजे, सेवा निभाई
राहुल गांधी निजी दौरे पर अमृतसर आए हैं। वे सोमवार को भी श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए थे और जोड़ों-बर्तन की सेवा निभाई थी। उनकी निजता का सम्मान करते हुए कांग्रेस का कोई बड़ा नेता उनके साथ नहीं दिखा।
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कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को दूसरे दिन भी श्री हरमंदिर साहिब में सेवा निभाते नजर आए। संभावना है कि बुधवार को भी राहुल इसी तरह श्री हरमंदिर साहिब में सेवा निभाएंगे। राहुल ने सुबह सबसे पहले लंगर घर में महिलाओं के साथ बैठकर सब्जी काटी व लहसुन छीला। उन्होंने लंगर के जूठे बर्तन धोए गए। इसके बाद वह लंगर हाल गए और संगत को लंगर बांटा।
राहुल ने कुछ समय के लिए इलाही गुरबाणी कीर्तन भी सुना। राहुल गांधी ने मंगलवार को भी हरमंदिर साहिब में सेवा के दौरान यहां कार्यकर्ता और नेताओं से दूरी बनाए रखी। वहीं मीडिया के साथ भी कोई बातचीत नहीं की। सेवा के दौरान राहुल पहुंची संगत व सेवादारों के साथ जरूरत कुछ न कुछ बातचीत करते रहे। उधर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा कि राहुल गांधी जो सेवा निभा रहे हैं, यह उनके परिवार की ओर से किए गए कर्मों का पश्चाताप नहीं हो सकता है।
#WATCH | Punjab: Congress MP Rahul Gandhi offers 'Sewa' at the Golden Temple in Amritsar. pic.twitter.com/t6QLT6C5GX
— ANI (@ANI) October 3, 2023
इससे पहले राहुल ने सोमवार देर रात 12 बजे तक सेवा की थी। 24 घंटों में वह तीसरी बार सेवा करने पहुंचे हैं। सोमवार रात राहुल गांधी ने पालकी साहिब की सेवा भी निभाई और कंधा दिया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सिर पर उठाकर सुख आसन के लिए भी लेकर गए। सोमवार देर रात पालकी साहिब के दर्शन के बाद गुरुघर के द्वार बंद होने पर भी राहुल गांधी साफ सफाई की सेवा करते रहे। उन्होंने रेलिंग की सफाई भी की थी। श्री हरमंदिर साहिब में सेवा कर रहे युवकों के साथ वह हाथ बंटाते दिखे।
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राहुल गांधी की सेवा को पश्चाताप नहीं कहा जा सकता: ग्रेवाल
एसजीपीसी के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सिख मर्यादा के अनुसार इस घर में कोई भी आ सकता है। यहां चढ़ के आए को तेग, निम के आए को देग की परंपरा है। राहुल गांधी ने यहां सेवा की, इसलिए उन्हें देग दी गई। लेकिन उनकी सेवा को पश्चाताप कहना गलत होगा। जो उन्हें यहां आकर कहना (माफी मांगना) था और उन्होंने नहीं कहा। ग्रेवाल ने कहा कि राहुल गांधी उस परिवार का हिस्सा हैं, जिनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और उनके पिता ने दिल्ली में सिखों का कत्लेआम करवाया था लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब पूरी बुलंदी पर खड़ा है।
40 साल से जख्म वैसा ही है। ग्रेवाल ने कहा कि उनके पिता राजीव गांधी को मारने वाली नलिनी को मिलने के लिए प्रियंका जेल जा सकती हैं। क्या राहुल गांधी विधवाओं की बस्ती में गए हैं, जहां दिल्ली में कत्लेआम हुआ, क्योंकि सिख सिर्फ 2 प्रतिशत हैं और नलिनी श्रीहरन हिंदू थी और उनका वोट उन्हें चाहिए। राहुल गांधी ने कभी बोला कि उनके साथ कुर्सियों पर बैठने वाले माकन व जगदीश टाइटलर आदि कातिल हैं। ऐसे में सेवा करना न राजनीति है और न ही पश्चाताप। गुरु घर में हर व्यक्ति को आकर अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा करने का अधिकार है। इसे कोई नहीं रोक सकता।