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कांग्रेस सरकार! 'क्या हुआ तेरा वादा'...तीसरी दिवाली पर भी वफा न हुआ मुफ्त स्मार्टफोन का दावा
Wed, 30 Oct 2019 10:21 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 30 Oct 2019 10:21 AM IST
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पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने तीसरी दिवाली भी मना ली लेकिन प्रदेश के नौजवानों को मुफ्त स्मार्टफोन देने का वादा इस बार भी पूरा नहीं हो सका। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने मेनिफेस्टो में वादा किया था कि सत्ता में आते ही नौजवानों को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जाएंगे।
पार्टी ने इस वादे के तहत विधानसभा चुनाव के दौरान ही नौजवानों से फार्म भी भरवाए थे। लेकिन हर साल दीवाली पर स्मार्टफोन बांटने का वादा होता रहा और रविवार को तीसरी दिवाली भी बीत गई। न किसी को मुफ्त स्मार्टफोन मिला न सरकार या कांग्रेस की तरफ से कोई बयान दिया गया।
14 सितंबर को प्रदेश के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया था कि इस बार दीवाली पर राज्य सरकार नौजवानों को स्मार्टफोन बांटकर अपना वादा पूरा कर देगी। वित्त मंत्री ने स्मार्टफोन खरीदने के लिए 130 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी और टेंडर जारी करने की बात भी कही थी। लेकिन कांग्रेस का वादा और वित्त मंत्री का दावा, दोनों पूरे नहीं हुए।
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पार्टी ने इस वादे के तहत विधानसभा चुनाव के दौरान ही नौजवानों से फार्म भी भरवाए थे। लेकिन हर साल दीवाली पर स्मार्टफोन बांटने का वादा होता रहा और रविवार को तीसरी दिवाली भी बीत गई। न किसी को मुफ्त स्मार्टफोन मिला न सरकार या कांग्रेस की तरफ से कोई बयान दिया गया।
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14 सितंबर को प्रदेश के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया था कि इस बार दीवाली पर राज्य सरकार नौजवानों को स्मार्टफोन बांटकर अपना वादा पूरा कर देगी। वित्त मंत्री ने स्मार्टफोन खरीदने के लिए 130 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी और टेंडर जारी करने की बात भी कही थी। लेकिन कांग्रेस का वादा और वित्त मंत्री का दावा, दोनों पूरे नहीं हुए।
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चुनाव मेनीफेस्टो में किया था वादा
इससे पहले, 20 नवंबर, 2016 को कांग्रेस ने अपने चुनाव मेनिफेस्टो में वादा किया था कि सत्ता में आते ही 100 दिन के भीतर 18-35 साल के बेरोजगार युवाओं को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जाएंगे। लेकिन सत्ता संभालने के बाद अपने पहले ही बजट में कांग्रेस सरकार ने खजाना खाली होने का हवाला देते हुए सभी वादे बारी-बारी से पूरे करने की बात कही।
हालांकि बजट में स्मार्टफोन के लिए 10 करोड़ का प्रावधान भी किया गया। लेकिन 2017 की दीवाली तक यह वादा पूरा नहीं हो सका। इस दौरान राज्य सरकार ने अपना सारा ध्यान किसान कर्ज माफी का वादा पूरा करने पर लगा दिया। 2018 में भी वित्त मंत्री ने दीवाली तक स्मार्टफोन बांट दिए जाने का ऐलान किया लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।
30 लाख नौजवानों ने भरे थे स्मार्टफोन के लिए फार्म
विधानसभा चुनाव के दौरान मुफ्त स्मार्टफोन के वादे के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 30 लाख नौजवानों से फार्म भरवाए थे। इनमें पटियाला, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और बठिंडा जिलों में फार्म भरने वाले नौजवानों की संख्या सबसे ज्यादा थी। वादे के मुताबिक, नौजवानों को 4जी स्मार्टफोन के साथ एक साल के लिए मुफ्त इंटरनेट और कॉल सुविधा भी दी जानी है।
लेकिन बाद में सरकार की ओर से कई शर्ते भी जोड़ दी गई, जिसके तहत मुफ्त स्मार्टफोन उन्हें ही दिए जाएंगे, जिन नौजवानों को परिवारों की सालाना आय 6 लाख रुपये से कम है और जिन नौजवानों के पास कोई स्मार्टफोन नहीं है। साथ ही, नौजवान 10वीं पास होना चाहिए।
हालांकि बजट में स्मार्टफोन के लिए 10 करोड़ का प्रावधान भी किया गया। लेकिन 2017 की दीवाली तक यह वादा पूरा नहीं हो सका। इस दौरान राज्य सरकार ने अपना सारा ध्यान किसान कर्ज माफी का वादा पूरा करने पर लगा दिया। 2018 में भी वित्त मंत्री ने दीवाली तक स्मार्टफोन बांट दिए जाने का ऐलान किया लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।
30 लाख नौजवानों ने भरे थे स्मार्टफोन के लिए फार्म
विधानसभा चुनाव के दौरान मुफ्त स्मार्टफोन के वादे के साथ ही कांग्रेस पार्टी ने राज्य में 30 लाख नौजवानों से फार्म भरवाए थे। इनमें पटियाला, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और बठिंडा जिलों में फार्म भरने वाले नौजवानों की संख्या सबसे ज्यादा थी। वादे के मुताबिक, नौजवानों को 4जी स्मार्टफोन के साथ एक साल के लिए मुफ्त इंटरनेट और कॉल सुविधा भी दी जानी है।
लेकिन बाद में सरकार की ओर से कई शर्ते भी जोड़ दी गई, जिसके तहत मुफ्त स्मार्टफोन उन्हें ही दिए जाएंगे, जिन नौजवानों को परिवारों की सालाना आय 6 लाख रुपये से कम है और जिन नौजवानों के पास कोई स्मार्टफोन नहीं है। साथ ही, नौजवान 10वीं पास होना चाहिए।