हरियाणा राज्यसभा चुनाव: तैयारी के बावजूद भाजपा-जजपा के फेंके पासे में उलझ गई कांग्रेस
किरण चौधरी का कहना है कि वह दिग्विजय चौटाला को अपना वोट क्यों दिखाएंगी। वोट की गोपनीयता भंग करने का उनका दावा पूरी तरह झूठा है। मैंने विधानसभा चुनाव अधिकारियों को वोटिंग का वीडियो दिखाया है, उसमें बैलेट पेपर एजेंट के अलावा किसी और को दिखाया नहीं गया।
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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान विवाद खड़ा होना नई बात नहीं है। 2004 से यह होता आ रहा है। इस बार कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार अजय माकन की जीत सुनिश्चित करने के लिए रायपुर में काफी तैयारी की। बावजूद इसके भाजपा-जजपा के वोट की गोपनीयता भंग करने के फेंके पासे में उलझ गई।
विधायकों को वोट डालने के लिए करवाई गई तीन-तीन मॉक ड्रिल भी काम नहीं आई। दो वोट पर अंतत: बखेड़ा खड़ा हो ही गया। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी रायपुर चिंतन और प्रशिक्षण शिविर में नहीं गई थीं।
विधायक बीबी बत्रा वहां मौजूद रहे। वह अनुभवी होने के साथ ही अधिवक्ता भी हैं और उन्हें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा का बेहद करीबी माना जाता है। ऐसे में उनसे गलती की संभावनाए न के बराबर हैं। चूंकि इस चुनाव से हुड्डा के साथ ही कांग्रेस आलाकमान की साख जुड़ी हुई है।
आलाकमान की मान-मनोव्वल के बावजूद विधायक कुलदीप बिश्नोई नाखुश दिखे। उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर ही वोट डाला। उन्होंने वोट माकन को दिया या फिर उनके प्रतिद्वंदी कार्तिकेय को, इस पर कांग्रेस के पर्यवेक्षक तक बोलने को तैयार नहीं हैं। पर्यवेक्षक राजीव शुक्ला ने भी कुलदीप का वोट माकन को जाने की पुष्टि नहीं की। वह बोले, 20 साल पत्रकार रहा हूं, उनके वोट के बारे में नहीं बता सकता।
उन्होंने दावा किया कि माकन ही जीतेंगे, चूंकि मतदान की वीडियोग्राफी में भाजपा-जजपा और कार्तिकेय शर्मा के आरोप पुष्ट नहीं होते। भाजपा हारने की स्थिति में हर राज्यसभा चुनाव में ऐसा ही प्रपंच करती है। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि किरण चौधरी और बीबी बत्रा ने वोट की गोपनीयता भंग नहीं की है। कांग्रेस की एकजुटता के आगे उनकी एक नहीं चली तो वोट रदद करवाने के लिए यह चाल चली।
किरण चौधरी का कहना है कि वह दिग्विजय चौटाला को अपना वोट क्यों दिखाएंगी। वोट की गोपनीयता भंग करने का उनका दावा पूरी तरह झूठा है। मैंने विधानसभा चुनाव अधिकारियों को वोटिंग का वीडियो दिखाया है, उसमें बैलेट पेपर एजेंट के अलावा किसी और को दिखाया नहीं गया।
आखिर राहुल से क्यों नहीं मिला कुलदीप को समय
कांग्रेस ने बीते अप्रैल में उदयभान को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया था। उसके बाद से ही कुलदीप बिश्नोई नाराज हैं और कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही अपना अगला राजनीतिक निर्णय लूंगा। कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन, प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल तक ने जोर लगाया पर अब तक मिलने का समय तय नहीं हो पाया।
इस बीच अपने विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों को लेकर बिश्नोई गुरुग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से जरूर मिले। उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की थी। राहुल के कुलदीप से न मिलने की वजह से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है। माकन की जीत-हार के बाद हरियाणा में कांग्रेस की सियायत में और बड़ी हलचल संभव है।
मतदान के दौरान तल्ख रहे नेताओं के तेवर
दो सीटों के लिए सुबह नौ बजे मतदान शुरू होने के बाद से ही मतदान केंद्र के अंदर सभी दलों के अधिकृत एजेंट बने नेताओं के तेवर तल्ख रहे। कांग्रेस के बीबी बत्रा, जजपा के दिग्विजय चौटाला व निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शुरू से टोकाटोकी करते दिखाई दिए। बत्रा ने केंद्र के अंदर कई बातों पर सवाल खड़े किए। दिग्विजय का रवैया आक्रामक रहा। कार्तिकेय भी पूरी तरह से सक्रिय रहे।