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महिला डीएसडब्ल्यू की कुर्सी के लिए पीयू में घमासान.. सात नाम सामने आए
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्षों बाद महिला डीएसडब्ल्यू की कुर्सी को लेकर घमासान चल रहा है। इस पद के लिए सात नाम सामने आए हैं। बताया जाता है कि कुछ चेहरों की सिफारिशें करने के लिए भाजपा नेता सामने आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व सिंडिकेट सदस्य इंतजार कर रहे हैं कि इस पद के लिए नियमों की अनदेखी हो और वह वीसी को फिर घेरें, क्योंकि इन सदस्यों की ओर से कई बार नियमों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं।
पिछले साल महिला डीएसडब्ल्यू प्रो. सुखबीर कौर बनीं। उन्होंने इस पद का असली महत्व पीयू को अवगत कराया। एक महिला होकर वह छात्रों के प्रदर्शन को शांत करने में सबसे आगे रहीं। कई बार छात्रों का प्रदर्शन हुआ। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर वार्डन आदि को भेजते रहे, लेकिन प्रो. सुखबीर कौर खुद पहुंचती थीं। यही नहीं विद्यार्थियों को वह भाषा आदि पर संयम रखने का भी पाठ पढ़ाती रहीं। अब उनका कार्यकाल 31 मई को पूरा होने जा रहा है। इस पद के लिए सात चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं। इसमें बॉटनी विभाग से प्रो. प्रोमिला पाठक, भूगोल विभाग से प्रो. सिमरित काहलो, यूसोल से प्रो. योजना रावत, इतिहास विभाग से प्रो. अंजू सूरी, बायोकेमेस्ट्री विभाग से प्रो. नवनीत अग्निहोत्री, प्रो. इंदू छाबड़ा और प्रो. अर्चना भटनागर मास कम्युनिकेशन का नाम शामिल है। इनमें से कुछ प्रोफेसर इस पद के लिए खुद आगे नहीं आ रही हैं, लेकिन उनके परिवारों के भाजपाइयों से संबंध हैं, इसलिए वह आगे आने के लिए कह रहे हैं। यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सूत्रों का कहना है कि 31 मई को इस पद के लिए नाम फाइनल हो जाएगा।
इस बार यह समीकरण भी बन रहे
पीयू कैंपस में चर्चा है कि इस बार भूगोल कुछ यूं भी हो सकता है। डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर को रजिस्ट्रार बनाया जा सकता है। वहीं एसवीसी प्रो. देवेंद्र सिंह को डीएसडब्ल्यू। ऐसे में एसवीसी किसी अन्य को जगह दी जा सकती है। हालांकि एसवीसी के लिए किसी के नाम सामने नहीं आए हैं। वहीं दूसरी ओर एडीएसडब्ल्यू के लिए हिंदी विभाग या बॉटनी विभाग से किसी चेहरे को सामने लाया जा सकता है।
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पिछले साल महिला डीएसडब्ल्यू प्रो. सुखबीर कौर बनीं। उन्होंने इस पद का असली महत्व पीयू को अवगत कराया। एक महिला होकर वह छात्रों के प्रदर्शन को शांत करने में सबसे आगे रहीं। कई बार छात्रों का प्रदर्शन हुआ। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर वार्डन आदि को भेजते रहे, लेकिन प्रो. सुखबीर कौर खुद पहुंचती थीं। यही नहीं विद्यार्थियों को वह भाषा आदि पर संयम रखने का भी पाठ पढ़ाती रहीं। अब उनका कार्यकाल 31 मई को पूरा होने जा रहा है। इस पद के लिए सात चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं। इसमें बॉटनी विभाग से प्रो. प्रोमिला पाठक, भूगोल विभाग से प्रो. सिमरित काहलो, यूसोल से प्रो. योजना रावत, इतिहास विभाग से प्रो. अंजू सूरी, बायोकेमेस्ट्री विभाग से प्रो. नवनीत अग्निहोत्री, प्रो. इंदू छाबड़ा और प्रो. अर्चना भटनागर मास कम्युनिकेशन का नाम शामिल है। इनमें से कुछ प्रोफेसर इस पद के लिए खुद आगे नहीं आ रही हैं, लेकिन उनके परिवारों के भाजपाइयों से संबंध हैं, इसलिए वह आगे आने के लिए कह रहे हैं। यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सूत्रों का कहना है कि 31 मई को इस पद के लिए नाम फाइनल हो जाएगा।
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इस बार यह समीकरण भी बन रहे
पीयू कैंपस में चर्चा है कि इस बार भूगोल कुछ यूं भी हो सकता है। डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर को रजिस्ट्रार बनाया जा सकता है। वहीं एसवीसी प्रो. देवेंद्र सिंह को डीएसडब्ल्यू। ऐसे में एसवीसी किसी अन्य को जगह दी जा सकती है। हालांकि एसवीसी के लिए किसी के नाम सामने नहीं आए हैं। वहीं दूसरी ओर एडीएसडब्ल्यू के लिए हिंदी विभाग या बॉटनी विभाग से किसी चेहरे को सामने लाया जा सकता है।
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