एमबीबीएस और एमडी करने वाले युवाओं को अब पूरी करनी होगी ये नई शर्त, नहीं चलेगी ना-नुकुर
एमबीबीएस और एमडी करने वाले युवाओं को अब डॉक्टर बनते ही एक नई शर्त पूरी करनी होगी। कोई भी इस नियम को मानने के लिए ना-नुकुर भी नहीं कर पाएगा। हरियाणा में यह नियम लागू हो रहा है। सरकार ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मानसून सत्र में इसके लिए एक बिल पेश किया जाएगा।
नए नियम के तहत हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टरों को अब एक साल की सेवा हरियाणा में ही देनी होगी। कोई डॉक्टर सरकार के इस फैसले को मानने के लिए ना नुकुर नहीं कर पाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। मानूसन सत्र में सरकार इस प्रस्ताव को सिरे चढ़ाने के लिए एक बिल लाएगी।
मानसून सेशन में इस बिल को मंजूरी मिल जाएगी और फिर यह नया नियम हरियाणा में लागू हो जाएगा।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा
नियम के तहत मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और एमडी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को उसी समय एक बॉन्ड भरना होगा। इस बॉन्ड में यह शर्त रखी जाएगी कि उन्हें पास आउट होने के बाद एक वर्ष की सेवा हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में देनी पड़ेगी। इस बॉन्ड के तहत कोई भी डॉक्टर एक साल से पहले कहीं और नौकरी नहीं कर सकता है।
सरकार के इस फैसले से हर साल एक हजार डॉक्टर सरकारी सेवाओं के लिए मिलेंगे। हर साल हरियाणा के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों से 710 एमबीबीएस और 290 पीजी डॉक्टर परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं। लिहाजा इन सभी डॉक्टरों को एक वर्ष तक हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य तौर से अपनी सेवाएं देनी पड़ेंगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के तहत इन डॉक्टरों की भर्ती अलग से की जाएगी। जिसके लिए वित्त विभाग से एक हजार पदों की स्वीकृति ली जाएगी। इसमें 710 मेडिकल अफसर तो 290 स्पेशलिस्ट डॉक्टर शामिल होंगे।