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हादसे में मारे गए इंजीनियर के परिवार को करोड़ों का मुआवजा, जानिए
अमरीश शर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 09 Jan 2017 05:04 PM IST
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चंडीगढ़ में सड़क हादसे में मारे गए 31 वर्षीय इंजीनियर के परिवार को एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल करोड़ों का मुआवजा देगा। ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने मृतक के परिवार को 1.59 करोड़ रुपये का मुआवजा मंजूर किया है। ट्रिब्यूनल ने पंचकूला निवासी हरविंदर सिंह, सन्नी कुमार और द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को इस राशि को 7.5 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर-27 निवासी अंजली गर्ग ने संबंधित मुआवजा क्लेम याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार अंजलि के पति सचिन गर्ग (31 वर्ष) मोहाली स्थित एक कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। 3 मई 2015 को वह सुबह 10 बजे घर से भाई राहुल गर्ग के सेक्टर-36 स्थित आफिस के लिए बाइक से निकले थे। जैसे ही वह सेक्टर-20/21 की विभाजित सड़क पर पहुंचे तभी तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही हरियाणा नंबर की कार ने सचिन को पीछे से टक्कर मार दी।
कार को पंचकूला निवासी सन्नी कुमार चला रहा था। सचिन को फौरन जीएमसीएच-32 ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में कार चालक के खिलाफ सेक्टर-19 पुलिस ने केस दर्ज किया था। कोर्ट में दाखिल जवाब में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से कहा गया था कि कार चालक के पास हादसे के वक्त वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसलिए वह इस मामले में मुआवजा चुकाने के लिए प्रतिबद्घ नहीं है।
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वहीं कार चालक और मालिक की ओर से भी हादसे में लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण होने से इंकार किया। ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता अंजलि गर्ग, उनके दो साल के बेटे सारांश गर्ग, मृतक के माता-पिता पवन कुमार और प्रेमलता की याचिका को मंजूर कर दिया। ट्रिब्यूनल ने 1,59,20,675 रुपये प्रतिवादी पक्ष को केस फाइल करने से लेकर अंतिम फैसला सुनाए जाने के दिन तक 7.5 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए हैं।
इस मुआवजा राशि में से 50 फीसदी अंजलि गर्ग, 30 फीसदी नाबालिग बेटे सारांश गर्ग और शेष 20 फीसदी मां प्रेमलता को देने के आदेश दिए हैं।
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सेक्टर-27 निवासी अंजली गर्ग ने संबंधित मुआवजा क्लेम याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार अंजलि के पति सचिन गर्ग (31 वर्ष) मोहाली स्थित एक कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। 3 मई 2015 को वह सुबह 10 बजे घर से भाई राहुल गर्ग के सेक्टर-36 स्थित आफिस के लिए बाइक से निकले थे। जैसे ही वह सेक्टर-20/21 की विभाजित सड़क पर पहुंचे तभी तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही हरियाणा नंबर की कार ने सचिन को पीछे से टक्कर मार दी।
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कार को पंचकूला निवासी सन्नी कुमार चला रहा था। सचिन को फौरन जीएमसीएच-32 ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में कार चालक के खिलाफ सेक्टर-19 पुलिस ने केस दर्ज किया था। कोर्ट में दाखिल जवाब में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से कहा गया था कि कार चालक के पास हादसे के वक्त वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसलिए वह इस मामले में मुआवजा चुकाने के लिए प्रतिबद्घ नहीं है।
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वहीं कार चालक और मालिक की ओर से भी हादसे में लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण होने से इंकार किया। ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता अंजलि गर्ग, उनके दो साल के बेटे सारांश गर्ग, मृतक के माता-पिता पवन कुमार और प्रेमलता की याचिका को मंजूर कर दिया। ट्रिब्यूनल ने 1,59,20,675 रुपये प्रतिवादी पक्ष को केस फाइल करने से लेकर अंतिम फैसला सुनाए जाने के दिन तक 7.5 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए हैं।
इस मुआवजा राशि में से 50 फीसदी अंजलि गर्ग, 30 फीसदी नाबालिग बेटे सारांश गर्ग और शेष 20 फीसदी मां प्रेमलता को देने के आदेश दिए हैं।