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पंजाब: नहीं दिया पीड़ित परिवार को मुआवजा, राष्ट्रीय एससी आयोग ने दिए दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज करने के आदेश
Sat, 25 Sep 2021 12:08 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:08 PM IST
सार
बताया गया है कि पीडि़त पुलिस थाने गया था। जब लड़का घर आया तो कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। विजय सांपला ने 4 जून को गांव फफड़ेभाईके का दौरा किया था। डीसी को कहा था कि एससी एक्ट के तहत पीड़ित परिवार को दी जाने वाली 8 लाख 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि में से 4 लाख 25 हजार तुरंत जारी करें।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जारी आदेशों की अवहेलना करने वाले पंजाब सरकार के अफसरों अब पर गाज गिरेगी। आयोग ने इनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इन अफसरों ने मानसा के गांव फफड़ेभाईके के पीड़ित अनुसूचित जाति परिवार को शेडयूल कास्ट एंड शेडयूल ट्राइब (पीओए) रूल्स 1995 के तहत मुआवजा व अतिरिक्त सहायता प्रदान नहीं की।
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इन अफसरों के रवैये पर संज्ञान लेते हुए आयोग के चेयरमैन विजय सांपला ने डिवीजनल कमिश्नर फरीदकोट डिवीजन को तुरंत दोषी सरकारी अधिकारियों पर एससी/एसटी (पीओए) एक्ट 1989 की धारा-4 के तहत मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। मामला गांव फफड़ेभाईके के एक अनुसूचित जाति के लड़के से जुड़ा है।
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थाने से लौटते ही हो गई थी युवक की मौत
उस लड़के को पंजाब पुलिस तफ्तीश के लिए थाने ले गई थी। जब लड़का घर आया तो कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई न करने पर सांपला ने 4 जून को गांव फफड़ेभाईके का दौरा किया था। उन्होंने मौके पर मौजूद डीसी मानसा को आदेश दिए थे कि एससी एक्ट के तहत पीड़ित परिवार को दी जाने वाली 8 लाख 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि में से 4 लाख 25 हजार तुरंत जारी करें।
दो बार दिए आदेश, नहीं हुई कार्रवाई
दिवंगत के छोटे भाई को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा देने और मृतक की माता को मकान बनाने के लिए तुरंत बनती अनुदान राशि जारी करने के आदेश भी डीसी को दिए थे। इसके साथ ही मृतक की माता को 5000 रुपये प्रति माह पेंशन देने के आदेश दिए गए थे। मानसा के डीसी ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो सांपला ने उन्हें दिल्ली तलब कर दोबारा आदेश दिए।
एक सप्ताह में देनी होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
इसके बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गत 21 सितंबर को मृतक की मां ने आयोग के चेयरमैन को पत्र लिखकर शिकायत की कि उन्हें अभी तक कोई मुआवजा राशि व सहायता प्राप्त नहीं हुई है। इस पर आयोग ने मामला दर्ज कर एक सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजने को कहा है।