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आशुतोष महाराज के अंतिम संस्कार पर मई तक फैसला ले कमेटी: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:47 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल, जालंधर के प्रमुख आशुतोष महाराज का अंतिम संस्कार करने के लिए मांगे गए प्रस्ताव पर विचार को संस्थान ने कमेटी गठित कर दी है। पंजाब सरकार ने कमेटी से बातचीत शुरू कर दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मई महीने तक अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया है।
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पंजाब सरकार केवकील ने हाईकोर्ट को अवगत कराया कि संस्थान ने इस मुद्दे पर कमेटी बना ली है। इसकी जानकारी सरकार को दे दी गई है। हाईकोर्ट की बेंच ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि क्लीनिकली डेड व्यक्ति को समाधि में बताते हुए जीवित कैसे माना जा सकता है।
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लिहाजा, अदब से संस्कार कर संस्थान को दुनिया के सामने मिसाल पेश करनी चाहिए कि धार्मिक मसले आपस में मिलकर सुलझाए जा सकते हैं। इसके साथ ही बेंच ने कहा था कि संस्थान प्रस्ताव बनाए कि आखिर आशुतोष महाराज का अंतिम संस्कार किस विधि से किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि दो साल पहले डॉक्टरों ने आशुतोष महाराज को क्लीनिकली डेड करार दिया था। उनके संस्कार के लिए बेटे दलीप झा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की एकल बेंच ने सरकार को तय समय में संस्कार करने का निर्देश दिया था, लेकिन इस फैसले को सरकार, संस्थान और दलीप झा ने अपील के माध्यम से चुनौती दी थी।
सरकार ने कहा था कि वह केवल लावारिस शव के संस्कार करने को ही पाबंद है और आशुतोष महाराज अज्ञात नहीं हैं। संस्थान ने फिर से वही बात कही थी कि आशुतोष महाराज समाधि में हैं, जबकि दलीप झा ने कहा था कि शव उसे सौंपा जाना चाहिए। इसी मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आशुतोष महाराज का संस्कार अदब से करने के लिए कमेटी गठित करने को कहा था।