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सर, कॉलेज पहुंचें कैसे, बस में चढ़ने की जगह नहीं मिलती...
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Thu, 28 Aug 2014 12:01 AM IST
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कैथल। शहर के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में गांवों से आने वाली छात्राओं को बस सुविधा न मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को गांव बुढ़ाखेड़ा व सिरटा की करीब 70 छात्राएं बस सुविधा के लिए डीसी एनके सोलंकी से मिलने लघु सचिवालय पहुंची।
जहां छात्राओं ने कहा कि बस सुविधा के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो है। छात्राओं ने डीसी को बताया कि इस रूट पर एक सरकारी बस है, जो सुबह पूरी तरह से भरी होती है, जिसमें छात्राओं को चढ़ना मुश्किल होता है। अधिकतर छात्राएं बस के बजाये प्रतिदिन निजी वाहनों से स्कूल व कॉलेज पहुंचती हैं। बस में अधिक भीड़ होने से कुछ शरारती तत्व भी परेशान करते हैं।
डेढ़ साल से गुहार लगा रही हैं छात्राएं
छात्राओं ने बताया कि पिछले एक साल से छात्राएं इस समस्या की गुहार लगा रही है। लेकिन समाधान नहीं निकल रहा है। छात्रा पूनम, डिंपल, सोनिया, रीतु, प्रीति, नीलम, सुनीता, एकता, सोनिया, रीना, मनीक्षा, मनदीप, ज्योति, वर्षा, बबली, राज, पूजा, सोनिया, पिंकी, कविता, अमन, मोनिका, दिव्या, मुश्कान, कुसुम, सुमन, अंजू, सोनिया, नीतु, अंजू, शुभम, सोनू, कविता, माफी, सीमा, प्रीति, सरला रानी, नितेश, अमन, सोनिया, मीनू, बबली, मनीषा, रीनू, मीनाक्षी, परमजीत, श्वेता, ममता, पूजा, सपना, रीना, रश्मि, मुकेश, परमजीत, अंजलि, आशा, कविता, बबीता, मोनिका, ज्योति, नेहा, राशि, सुमन, पूजा, दीपिका, आशू, अमनदीप, प्रियंका, शांति और राखी ने बताया कि वे पिछले एक साल से सुबह व शाम छुट्टी के समय लड़कियों के लिए एक अलग से चक्कर लगाने की मांग कर रही हैं।
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निजी वाहनों से पहुंचती हैं स्कूल कालेज
प्रशासन छात्राओं की समस्या को देखते हुए सुबह आठ बजे व शाम को तीन बजे एक अलग से चक्कर लगाने की व्यवस्था करे। छात्राओं ने बताया कि बूढ़ाखेड़ा मार्ग पर मानस, मागो माजरी, बाबलदाना गांव से इंदिरा गांधी महिला कॉलेज के अलावा आरकेएसडी कॉलेज, एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय, राजकीय स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में छात्राएं प्रतिदिन बस न मिलने के कारण परेशान होकर किसी न किसी निजी वाहनों में कॉलेजों में पहुंचती है।
डीसी सोलंकी ने छात्राओं की समस्या को देखते हुए रोडवेज विभाग के अधिकारियों को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश जारी किए हैं।
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जहां छात्राओं ने कहा कि बस सुविधा के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो है। छात्राओं ने डीसी को बताया कि इस रूट पर एक सरकारी बस है, जो सुबह पूरी तरह से भरी होती है, जिसमें छात्राओं को चढ़ना मुश्किल होता है। अधिकतर छात्राएं बस के बजाये प्रतिदिन निजी वाहनों से स्कूल व कॉलेज पहुंचती हैं। बस में अधिक भीड़ होने से कुछ शरारती तत्व भी परेशान करते हैं।
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डेढ़ साल से गुहार लगा रही हैं छात्राएं
छात्राओं ने बताया कि पिछले एक साल से छात्राएं इस समस्या की गुहार लगा रही है। लेकिन समाधान नहीं निकल रहा है। छात्रा पूनम, डिंपल, सोनिया, रीतु, प्रीति, नीलम, सुनीता, एकता, सोनिया, रीना, मनीक्षा, मनदीप, ज्योति, वर्षा, बबली, राज, पूजा, सोनिया, पिंकी, कविता, अमन, मोनिका, दिव्या, मुश्कान, कुसुम, सुमन, अंजू, सोनिया, नीतु, अंजू, शुभम, सोनू, कविता, माफी, सीमा, प्रीति, सरला रानी, नितेश, अमन, सोनिया, मीनू, बबली, मनीषा, रीनू, मीनाक्षी, परमजीत, श्वेता, ममता, पूजा, सपना, रीना, रश्मि, मुकेश, परमजीत, अंजलि, आशा, कविता, बबीता, मोनिका, ज्योति, नेहा, राशि, सुमन, पूजा, दीपिका, आशू, अमनदीप, प्रियंका, शांति और राखी ने बताया कि वे पिछले एक साल से सुबह व शाम छुट्टी के समय लड़कियों के लिए एक अलग से चक्कर लगाने की मांग कर रही हैं।
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निजी वाहनों से पहुंचती हैं स्कूल कालेज
प्रशासन छात्राओं की समस्या को देखते हुए सुबह आठ बजे व शाम को तीन बजे एक अलग से चक्कर लगाने की व्यवस्था करे। छात्राओं ने बताया कि बूढ़ाखेड़ा मार्ग पर मानस, मागो माजरी, बाबलदाना गांव से इंदिरा गांधी महिला कॉलेज के अलावा आरकेएसडी कॉलेज, एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय, राजकीय स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में छात्राएं प्रतिदिन बस न मिलने के कारण परेशान होकर किसी न किसी निजी वाहनों में कॉलेजों में पहुंचती है।
डीसी सोलंकी ने छात्राओं की समस्या को देखते हुए रोडवेज विभाग के अधिकारियों को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश जारी किए हैं।