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Chandigarh News: हरियाणा सरकार के निशाने पर कोचिंग संस्थान, मार्च से कानून की जद में होंगे
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बजट सत्र में लाया जाएगा विधेयक, सदन के बाद राज्यपाल की मुहर के बाद लागू होगा कानून
25 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक का जुर्माना, बार-बार उल्लंघना करने पर रद्द होगा लाइसेंस
चंडीगढ़। हरियाणा में नियमों की उल्लंघना करके चल रहे कोचिंग संस्थान हरियाणा सरकार के निशाने पर आ गए हैं। कोचिंग संस्थानों के लिए हरियाणा सरकार कानून बनाने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार विधानसभा के चालू बजट सत्र के दौरान हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और विनियम विधेयक-2024 पेश करेगी। उच्चतर शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अब शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा इसे सदन में पेश करेंगे।
इससे पहले, हरियाणा कैबिनेट इस ड्राफ्ट को मंजूरी दे चुकी है। सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल से अनुमति मिलने के बाद मार्च से इसे लागू कर दिया जाएगा। कानून बनने के लिए प्रदेश में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो जाएगा। बिना पंजीकरण के सेंटर नहीं चल सकेंगे। इतना ही नहीं, सरकार की ओर से नियम और शर्तें तय की जाएंगी। उन्हीं के मुताबिक सेंटर विद्यार्थियों से फीस वसूल सकेंगे। अगर कोई संस्थान नियमों की उल्लंघना करेगा तो उस पर 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले कोचिंग सेंटर का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान होगा। इन सेंटर्स में फायर और भवन संबंधी एनओसी के भी प्रावधान विधेयक में हैं।
डीसी की अध्यक्षता में बनेंगी कमेटी
राज्यपाल की मंजूरी के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग नोटिफिकेशन जारी करेगा। इसके तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन होगा। इस कमेटी में पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, डीसी के अनुमोदन से एक लेखा अधिकारी को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। इसी तरह से जिले में निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों में से दो को ड्राॅ के जरिये सदस्यों के तौर पर कमेटी में जगह मिलेगी।
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निंयत्रित होगी फीस, पूरे बैच की देनी होगी जानकारी
विधेयक में स्पष्ट है कि प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट में ट्यूशन फीस पर भी सरकार का कंट्रोल रहेगा। एक लिमिट से अधिक फीस कोचिंग संस्थान वसूल नहीं सकेंगे। उन्हें कुल विद्यार्थियों की संख्या के अलावा बैचवार विद्यार्थियों का ब्योरा, बिल्डिंग में उपलब्ध सुविधाओं सहित सभी प्रकार की जानकारी सरकार को देनी होगी। शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा का कहना है कि अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाई जाएगी और विद्यार्थियों को अच्छा माहौल दिया जाएगा।
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25 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक का जुर्माना, बार-बार उल्लंघना करने पर रद्द होगा लाइसेंस
चंडीगढ़। हरियाणा में नियमों की उल्लंघना करके चल रहे कोचिंग संस्थान हरियाणा सरकार के निशाने पर आ गए हैं। कोचिंग संस्थानों के लिए हरियाणा सरकार कानून बनाने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार विधानसभा के चालू बजट सत्र के दौरान हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और विनियम विधेयक-2024 पेश करेगी। उच्चतर शिक्षा विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अब शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा इसे सदन में पेश करेंगे।
इससे पहले, हरियाणा कैबिनेट इस ड्राफ्ट को मंजूरी दे चुकी है। सदन से पारित होने के बाद राज्यपाल से अनुमति मिलने के बाद मार्च से इसे लागू कर दिया जाएगा। कानून बनने के लिए प्रदेश में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो जाएगा। बिना पंजीकरण के सेंटर नहीं चल सकेंगे। इतना ही नहीं, सरकार की ओर से नियम और शर्तें तय की जाएंगी। उन्हीं के मुताबिक सेंटर विद्यार्थियों से फीस वसूल सकेंगे। अगर कोई संस्थान नियमों की उल्लंघना करेगा तो उस पर 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले कोचिंग सेंटर का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान होगा। इन सेंटर्स में फायर और भवन संबंधी एनओसी के भी प्रावधान विधेयक में हैं।
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डीसी की अध्यक्षता में बनेंगी कमेटी
राज्यपाल की मंजूरी के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग नोटिफिकेशन जारी करेगा। इसके तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन होगा। इस कमेटी में पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, डीसी के अनुमोदन से एक लेखा अधिकारी को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। इसी तरह से जिले में निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों में से दो को ड्राॅ के जरिये सदस्यों के तौर पर कमेटी में जगह मिलेगी।
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निंयत्रित होगी फीस, पूरे बैच की देनी होगी जानकारी
विधेयक में स्पष्ट है कि प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट में ट्यूशन फीस पर भी सरकार का कंट्रोल रहेगा। एक लिमिट से अधिक फीस कोचिंग संस्थान वसूल नहीं सकेंगे। उन्हें कुल विद्यार्थियों की संख्या के अलावा बैचवार विद्यार्थियों का ब्योरा, बिल्डिंग में उपलब्ध सुविधाओं सहित सभी प्रकार की जानकारी सरकार को देनी होगी। शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा का कहना है कि अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाई जाएगी और विद्यार्थियों को अच्छा माहौल दिया जाएगा।