हरियाणा विस चुनाव से पहले सीएम मनोहर लाल का बड़ा दांव, बोले- प्रदेश में लागू करेंगे एनआरसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में भी असम की तरह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) लागू किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में कानून आयोग के गठन पर भी विचार किया जा रहा है। समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों की सेवाएं लेने के लिए अलग से एक स्वैच्छि विभाग का गठन किया जाएगा। ये जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दी।
वह रविवार को महा जनसंपर्क अभियान के अंतिम दिन हरियाणा राज्य मानव अधिकार आयोग के पूर्व चेयरमैन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) एचएस भल्ला से मिलने उनके निवासी स्थान सेक्टर-16 पंचकूला पहुंचे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पार्टी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पांच दिवसीय महासंपर्क अभियान शुरू किया गया था। इसी कड़ी में वह पंचकूला के प्रबुद्ध लोगों से मिलने पहुंचे हैं।
न्यायमूर्ति भल्ला के अलावा पूर्व एडमिरल जेएस लांबा सेक्टर 6 एमसीडी तथा लेफ्टिनेंट सेवानिवृत बलजीत सिंह जयसवाल अमरावती इनक्लेव में भी उन्होंने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है।
इसके अलावा आने वाले समय में क्या किया जा सकता है इसके बारे भी प्रबुद्ध लोगों से सुझाव ले रहे हैं। आपको बता दें कि कुछ समय पहले असम में करीब 19 लाख लोगों को एनआरसी की लिस्ट से बाहर किया गया है और उन्हें खुद को भारतीय नागरिक सिद्ध करने के लिए समय दिया गया है। असम पहला राज्य है, जहां एनआरसी के डाटा को अपडेट किया जा रहा है।
सोशल ऑडिट सिस्टम भी करेंगे लागू
मनोहर लाल ने कहा कि विकास कार्यों का ऑडिट समाज के प्रबुद्ध लोगों से हो इसके लिए सोशल ऑडिट सिस्टम भी लागू किया जाएगा, जिसमें भूतपूर्व सैनिकों, अध्यापकों, इंजीनियर या किसी अन्य प्रकार की विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाली विभूतियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसके लिए अलग से एक स्वैछिक विभाग का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र पर हरियाणा सरकार तेजी से कार्य कर रही है तथा इसके आंकड़ों का उपयोग राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में भी किया जाएगा।
एनआरसी डाटा अध्ययन के लिए भल्ला जाएंगे असम
मुख्यमंत्री ने न्यायमूर्ति एचएस भल्ला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे सेवानिवृति के बाद भी एनआरसी डाटा का अध्ययन करने के लिए असम दौरे पर जा रहे हैं। भल्ला की सेवाएं राज्य में स्थापित किए जाने वाले एनआरसी के लिए उपयोगी होंगी। उन्होंने कहा कि कुछ कानून बहुत पुराने हो गए हैं उन्हें बदलने की भी आवश्यकता है।
उदाहरण के लिए वन विभाग का पीएलपी एक्ट ऐसा है, जिसमें बदलाव की जरूरत है। हरियाणा सरकार ने इसमें संशोधन भी किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अनुच्छेद 370 व 35ए अखंड भारत के निर्माण में अड़चन बनी हुई थी, जिसे प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री ने संशोधित कर दिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जयसवाल ने दिया सुझाव
लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जयसवाल ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि संविधान का अनुच्छेद 51 नागरिकों का देश के प्रति क्या कर्तव्य होना चाहिए इसकी जानकारी देता है लेकिन कोई भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान हमें मौलिक अधिकारों के साथ-साथ क्या देश के प्रति हमारे कर्तव्य हैं इसकी भी जानकारी देता है।
नागरिकों को अधिकारों की तरह अपने कर्तव्यों के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए। मुख्यमंत्री के साथ विधायक ज्ञानचंद गुप्ता व श्रीमती लतिका शर्मा, उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा, पुलिस आयुक्त कमलदीप गोयल, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक शर्मा, भजपा नेता कुलभूषण गोयल, एडवोकेट रणधीर सिंह जागलान के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्या है एनआरसी
भारत सरकार द्वारा देश के वास्तविक नागरिकों को लेकर एक रजिस्टर मेंटेन किया जाता है, जिससे पता चलता है देश में कितने नागरिक हैं। जिस व्यक्ति का नाम रजिस्टर में नहीं है उसको अवैध नागरिक माना जाता है।