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CWG की गोल्ड मेडलिस्ट ने उठाया सवाल, इनाम के एक करोड़ क्यों खाना चाहती है रेलवे?

Fri, 27 Apr 2018 12:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 27 Apr 2018 12:46 PM IST
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clash in haryana government and commonwealth medal winners for reward amount
विनेश फोगाट
कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वाली एथलीट ने सवाल उठाते हुए कहा कि रेलवे इनाम के डेढ़ करोड़ रुपये क्यों खाना चाहती है। दरअसल, हरियाणा सरकार की इनाम में कटौती की खेल नीति से खिलाड़ियों में कोहराम मचा हुआ है। इसलिए इस मनमानी के विरोध में कई खिलाड़ी खुलकर सामने आ गए हैं।
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उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तत्काल हस्तक्षेप कर नीति में बदलाव करने की गुहार लगाई है। पहलवान विनेश फौगाट रेलवे से जुड़ी हैं। गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में उन्होंने 50 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें इनाम में डेढ़ करोड़ मिलने चाहिए मगर रेलवे से इनाम में मिली राशि काटी जाती है तो उन्हें 50 लाख कम मिलेंगे।
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विनेश ने वीरवार को ट्वीट कर प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री और पीएमओ को उन्होंने लिखा है कि सारा देश हरियाणा को उदाहरण के रूप में देखता है। वर्षों की मेहनत के बाद प्राप्त किया गया यह गौरवपूर्ण स्थान गलत खेल नीति के कारण गर्त में चला जाएगा। इस तरह विनेश ने प्रदेश सरकार की नीति पर खुलकर सवाल उठाया है।
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इससे पहले एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए भी विनेश ने लिखा है कि हम (खिलाड़ी) सभी देश के लिए अपना सब कुछ त्याग देते हैं। और जब हमारे प्रदर्शन के पुरस्कृत करने का मौका आता है तो यह मोलभाव क्यों शुरू हो जाता है कि कौन हमें क्या दे रहा है? अपने खिलाड़ियों को पूरे दिल से सहयोग करें ताकि वे भारत को गौरव दिलाते रहें।

 

पहले जीतने को मेहनत करो, फिर इनाम पाने को लड़ो

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bajrang punia
विनेश फौगाट ने पीएम मोदी को ट्वीट किया तो बजरंग पूनिया भी समर्थन में खड़े हो गए। बजरंग ने कहा कि मैं हरियाणवी और भारतीय होने पर गर्व महसूस करता हूं। मैने अपने देश का हर बड़े स्तर पर प्रतिनिधित्व किया। हम पहले जीतने के लिए कड़ी मेहनत करते है। लेकिन जब पुरस्कार की बात आती है तो हमें हर बार उसके लिए भी लड़ना पड़ता है।

मानदेय में कटौती करके नहीं बढ़ता मनोबल
बॉक्सर मनोज कुमार ने कहा है कि मनोबल बढ़ाने का काम किया जाना चाहिए, लेकिन यहां तो मानदेय में कटौती करके गिराया जा रहा है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि मानदेय देने के लिए कोई सरकार कटौती करने की बात कह रही है। मनोज भी खेल नीति को बदलने की बात कहते हैं।

घोषणा के मुताबिक इस तरह दिया जाना है ईनाम
खिलाड़ियों ने मानदेय कटौती को खेल से खिलवाड़ बताया है तथा कहा कि ऐसा करने से खिलाड़ियों का मनोबल कैसे बढ़ेगा। सरकार ने नीति में बदलाव लाते हुए तय किया था कि जो खिलाड़ी हरियाणा के अलावा अन्य एजेंसियों के लिए खेलते हैं, उन्हें की कुल इनाम राशि में उन एजेंसियों से मिली राशि की कटौती की जाएगी।

कॉमनवेल्थ में हरियाणा के जिन 22 खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं, उनमें से 11 अन्य एजेंसियों से खेलते हैं। इन खिलाड़ियों ने सरकार की नीति पर ऐतराज जताया और इस वजह से 26 अप्रैल को पंचकूला में होने वाला सम्मान समारोह भी सरकार ने रद्द कर दिया गया। सरकार की घोषणा के मुताबिक, स्वर्ण पदक विजेताओं को डेढ़ करोड़, रजत के लिए 75 लाख और कांस्य के लिए 50 लाख का इनाम दिया जाना है।  
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