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अच्छी खबरः चंडीगढ़ में अब नौकरी से नहीं हटेंगे 850 शिक्षक, कैट ने दी बड़ी राहत

Tue, 07 May 2019 01:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 07 May 2019 01:21 AM IST
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Chandigarh teachers to retain their jobs as per CAT verdict
प्रतीकात्मक तस्वीर

साल 2014 में भर्ती 850 जेबीटी और टीजीटी को केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (कैट) ने सोमवार को बड़ी राहत दी है। कैट ने यूटी प्रशासन के 850 जेबीटी और टीजीटी की नौकरी समाप्त करने के फैसले को निरस्त कर दिया है। कैट ने अपने आदेश में कहा है कि 850 में से जिन शिक्षकों के नाम एफआईआर में दर्ज नहीं हैं, उनकी नौकरी खत्म करने का फैसला संविधान के खिलाफ है। 

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कैट ने प्रशासन के इस फैसले को गैरकानूनी, मनमाना और संविधान के आर्टिकल 14, 16, 21 और 311 का उल्लंघन बताया है। हालांकि, आदेश में यूटी प्रशासन से कहा गया है कि जिन शिक्षकों के नाम एफआईआर में नहीं हैं, उनके खिलाफ रेगुलर जांच की जा सकती है। यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 
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लंबे समय से चली आ रही सुनवाई के बाद कैट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। कैट के आदेश सुनाते ही 2014 से नौकरी की आस में बैठे शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई देने के साथ अपने परिवारों को खुशखबरी सुनाई। 
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2014 में हुई थी लिखित परीक्षा 
वर्ष 2014 में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। मेरिट के आधार पर 2015 में 1150 जेबीटी और टीजीटी की नियुक्ति की गई। पंजाब विजिलेंस की जांच में पता लगा था कि भर्ती की लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों के पास पहुंच गया था। लीक पेपर के लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से 7-7 लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस के समक्ष आरोपी दिनेश यादव ने टीचर भर्ती में धांधली की बात कबूली थी।

पंजाब विजिलेंस की रिपोर्ट में शिक्षक भर्ती घोटाले के उजागर होने पर यूटी प्रशासन ने जांच के लिए यूटी पुलिस की एसआईटी बनाई थी। तत्कालीन एसपी रवि कुमार के नेतृत्व में एसईआटी ने मामले की जांच की।

इसके बाद यूटी पुलिस ने 29 जुलाई 2016 को मामले में केस दर्ज किया। एसआईटी ने पंजाब विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर चार दिन का रिमांड लेकर पूछताछ की थी। 

इसके बाद पुलिस टीमों ने छापेमारी कर मामले के एक अन्य आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को हरियाणा के भिवानी से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अहम तथ्य हाथ लगने पर एसआईटी ने कई सरकारी टीचरों समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पंजाब पुलिस ने 17 मई को तेलंगाना पुलिस की मदद से संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडेय और शिव बहादुर को गिरफ्तार किया था। भर्ती घोटाले में दर्ज एफआईआर में सरकारी व गैर सरकारी करीब 49 लोगों को नामजद किया गया था। 

30 मई 2018 को नौकरी से हटाने के आदेश 
यूटी शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली होने पर यूटी प्रशासक को पूरी भर्ती निरस्त किए जाने के लिए लिखा था। इस मामले में गठित कमेटी ने सभी 850 शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने की सिफारिश की। इसके बाद 30 मई 2018 को 850 शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने के आदेश जारी किए गए, लेकिन शिक्षकों ने यूटी प्रशासन के आदेश के खिलाफ अदालत से स्टे ले लिया था। 

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