Special Dog Squad: केंद्र से मिला श्वान दस्ता, चार प्रशिक्षित डॉग हर तरह के नशे को सूंघकर बताने में सक्षम
पुलिस ने वर्ष 1992 से लेकर 2022 तक नशे की खेप को अलग-अलग मात्रा में नष्ट किया है। इन सभी केसों में सुनवाई पूरी हो चुकी थी। ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी (डीडीसी) के चेयरमैन और यूटी पुलिस के एसएसपी मुख्यालय मनोज मीणा के नेतृत्व में 1341 केसों में छह बार नशे को नष्ट किया गया।
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केंद्रीय गृहमंत्री की ओर से चंडीगढ़ को मिला विशेष श्वान दस्ता (डॉग स्क्वॉयड) नशे के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाएगा। चंडीगढ़ समेत देश के चार राज्यों को नशा पकड़ने के लिए विशेष श्वान दस्ता मिला है। दस्ते में चार प्रशिक्षित डॉग हैं, जो हर तरह के नशे को सुंघकर बताने में सक्षम हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले 30 वर्षों में तीन टन नशीला पदार्थ पकड़ा गया है। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा गांजे की है। गृह मंत्रालय की ओर से 1 जून से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में सहयोग देते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने इस नशे को नष्ट किया।
पुलिस ने वर्ष 1992 से लेकर 2022 तक नशे की खेप को अलग-अलग मात्रा में नष्ट किया है। इन सभी केसों में सुनवाई पूरी हो चुकी थी। ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी (डीडीसी) के चेयरमैन और यूटी पुलिस के एसएसपी मुख्यालय मनोज मीणा के नेतृत्व में 1341 केसों में छह बार नशे को नष्ट किया गया। गृहमंत्री ने शनिवार को राजभवन में जैसे ही श्वान दस्ते को हरी झंडी दी, स्वान ने दस्ते ने उन्हें सलामी दी। अब यह दस्ता नशा पकड़वाने में मदद करेगा।
पाकिस्तान सीमा से भी आ रही ड्रग्स की खेप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हेरोइन की सप्लाई ज्यादातर दिल्ली से हो रही है। इसमें नाइजीरियन शामिल हैं। पाकिस्तान सीमा से भी हेरोइन की खेप आ रही है। गांजा आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बॉर्डर से आता है। चरस हिमाचल के चंबा, कुल्लू, मनाली और नेपाल जबकि पॉपी हस्क (चूरा पोस्त) राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आता है। अफीम राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम और नागालैंड से आती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चंडीगढ़ में हाल ही में आइस नाम का नशा चला है। इसकी चपेट में काफी युवा आ रहे हैं।
जून में 101 किलो हेरोइन की थी नष्ट
20 जून को एनसीबी ने 12 मामलों में जब्त 101.260 किलो हेरोइन नष्ट की थी जबकि चंडीगढ़ पुलिस ने 36 मामलों में 1.053 किलो हेरोइन, 0.495 किलो चरस, 0.250 किलो डोडा पोस्त, 16.6 किलो गांजा, 48 टीके और 904 कैप्सूल नष्ट किए।
छह महीने में 30 ड्रग्स तस्करों से 7 करोड़ की ड्रग्स बरामद
चंडीगढ़ जिला अपराध प्रकोष्ठ ने छह महीने में 31 ड्रग्स तस्करों से सात करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की है। जिला अपराध प्रकोष्ठ ने अब तक कुल 86 केस दर्ज किए हैं। इनमें एनडीपीएस के 35 मामले शामिल हैं। इन केसों में पुलिस ने लगभग 55 किलो गांजा, एक किलो 695 ग्राम अफीम, डेढ़ किलो हेरोइन, दो किलो चरस, साढ़े आठ किलो चूरा पोस्त, दो ग्राम आइस, 740 ग्राम डोडा और 60 टीके बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग सात करोड़ रुपये है। इसमें लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की हेरोइन है।