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चंडीगढ़ में कोरोना का ड्राई रन शुरू, सिक्योरिटी गार्ड को लगी पहली डमी वैक्सीन
Sat, 02 Jan 2021 11:30 AM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 02 Jan 2021 11:30 AM IST
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चंडीगढ़ में कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन की शुरुआत हुई।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना से बचाव के लिए होने वाले टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए शनिवार को चंडीगढ़ में ड्राई रन की प्रक्रिया की गई। चंडीगढ़ में निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग, जीएमएसएच 16 के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ वीके नागपाल और अन्य चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में हेल्थ केयर वर्कर के रूप में हॉस्पिटल के सिक्योरिटी गार्ड राकेश कुमार को पहली डमी वैक्सीन लगाई गई।
जीएमएसएच 16 अस्पताल की न्यू ओपीडी बिल्डिंग के छठे तल पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र में तय मानकों के अनुसार सबसे पहले सुरक्षा गार्ड ने प्रवेश द्वार पर राकेश के मोबाइल में भारत सरकार के पोर्टल द्वारा आए मैसेज की जांच की। उसके बाद उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया गया। पहले कमरे में मेडिकल ऑफिसर ने राकेश का पहचान पत्र जांचा। उसके बाद उसे टीकाकरण के लिए भेजा गया। टीकाकरण अधिकारी ने राकेश को डमी वैक्सीन लगाई। फिर राकेश को 10 मिनट तक रेस्ट रूम में रोकने के बाद बाहर भेज दिया गया।
यह भी पढ़ें - आज से पंजाब में फिर कोरोना टीकाकरण का ड्राई रन, पटियाला में तीन स्थानों पर होगा पूर्वाभ्यास
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राकेश का कहना है कि उन्हें गर्व है कि ड्राई रन की प्रक्रिया के लिए हेल्थ केयर वर्कर में से सबसे पहले स्वयंसेवक के रूप में मुझे चुना गया। इसके बाद सुबह 11 बजे तक 15 हेल्थ केयर वर्कर को डमी वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
बता दें कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्वाभ्यास के तहत हो रही है। स्वयंसेवकों को असली टीका नहीं बल्कि डमी टीका लगाया गया। टीकाकरण प्रक्रिया के अभ्यास के दौरान किसी स्वयंसेवक को चक्कर आने पर वहां मौजूद चिकित्सा अधिकारी समस्या समाधान के लिए राष्ट्रीय हेल्प डेस्क पर कॉल भी करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया अवास्तविक है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कौर कंग ने बताया कि टीकाकरण के ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) के लिए शुक्रवार को पंजीकृत हेल्थ केयर वर्कर्स में से 75 को डिजिटल माध्यम से सफलतापूर्वक संदेश भेज दिया गया था। मोबाइल पर यह संदेश प्राप्त करने वाले हेल्थ केयर वर्कर्स ने शनिवार को पूर्वाभ्यास की प्रक्रिया के अंतर्गत अपना मैसेज दिखाकर टीकाकरण केंद्रों पर प्रवेश किया।
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जीएमएसएच 16 अस्पताल की न्यू ओपीडी बिल्डिंग के छठे तल पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र में तय मानकों के अनुसार सबसे पहले सुरक्षा गार्ड ने प्रवेश द्वार पर राकेश के मोबाइल में भारत सरकार के पोर्टल द्वारा आए मैसेज की जांच की। उसके बाद उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया गया। पहले कमरे में मेडिकल ऑफिसर ने राकेश का पहचान पत्र जांचा। उसके बाद उसे टीकाकरण के लिए भेजा गया। टीकाकरण अधिकारी ने राकेश को डमी वैक्सीन लगाई। फिर राकेश को 10 मिनट तक रेस्ट रूम में रोकने के बाद बाहर भेज दिया गया।
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राकेश का कहना है कि उन्हें गर्व है कि ड्राई रन की प्रक्रिया के लिए हेल्थ केयर वर्कर में से सबसे पहले स्वयंसेवक के रूप में मुझे चुना गया। इसके बाद सुबह 11 बजे तक 15 हेल्थ केयर वर्कर को डमी वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
बता दें कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्वाभ्यास के तहत हो रही है। स्वयंसेवकों को असली टीका नहीं बल्कि डमी टीका लगाया गया। टीकाकरण प्रक्रिया के अभ्यास के दौरान किसी स्वयंसेवक को चक्कर आने पर वहां मौजूद चिकित्सा अधिकारी समस्या समाधान के लिए राष्ट्रीय हेल्प डेस्क पर कॉल भी करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया अवास्तविक है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कौर कंग ने बताया कि टीकाकरण के ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) के लिए शुक्रवार को पंजीकृत हेल्थ केयर वर्कर्स में से 75 को डिजिटल माध्यम से सफलतापूर्वक संदेश भेज दिया गया था। मोबाइल पर यह संदेश प्राप्त करने वाले हेल्थ केयर वर्कर्स ने शनिवार को पूर्वाभ्यास की प्रक्रिया के अंतर्गत अपना मैसेज दिखाकर टीकाकरण केंद्रों पर प्रवेश किया।