फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh RLA Bribe Case

50 सवाल खोलेंगे RLA में दलाली की पोल

Thu, 14 Aug 2014 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 14 Aug 2014 09:36 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh RLA Bribe Case

रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) से जुड़े दलाली के मामले में विजिलेंस की टीम ने मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) जय सिंह डोगरा से पूछताछ के लिए 50 सवालों की लिस्ट तैयार की है। डोगरा को विजिलेंस ने वीरवार को दफ्तर में तलब किया है।

विज्ञापन


संबंधों का खुलासा

विजिलेंस जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार दलाल सोनू और डोगरा के बीच तालमेल था। सोनू ने स्वीकार किया है कि ड्राइविंग टेस्ट पास करवाने में उनकी ही मदद ली जाती थी। वह डोगरा के घर जाकर भी फाइल पास करवा लाता था। विजिलेंस ने डोगरा की आरएलए में पोस्टिंग का सारा रिकार्ड हासिल कर लिया है।

विज्ञापन

अधूरा रिकार्ड ही दिया

Chandigarh RLA Bribe Case

लर्निग ड्राइविंग लाइसेंस और ड्राइविंग टेस्ट पास करवाने के लिए आरएलए ने अधूरा रिकार्ड विजिलेंस को दिया है। विजिलेंस ने बुधवार को रिकार्ड की जांच की। जांच में सामने आया कि काफी रिकार्ड गायब है। वीरवार को विजिलेंस टीम आरएलए जाकर बाकी बचा रिकार्ड भी जब्त करेगी।

जल्द ही और गिरफ्तारियां
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में आरएलए और पूर्व कर्मचारी की गिरफ्तारी विजिलेंस जल्द ही कर सकती है। विजिलेंस को मामले से जुड़े सारे सबूत मिल गए हैं।

ज्यादातर सबूत आरएलए के पीयन और सफाई कर्मियों ने ही दिए हैं। इसके अलावा दलाल भी आरएलए के कर्मचारियों के नामों का खुलासा कर रहे हैं।

विजिलेंस ने एक साल का रिकार्ड किया जब्त

Chandigarh RLA Bribe Case

दलालों के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में विजिलेंस ने सोमवार को आरएलए से रिकार्ड जब्त किया है। रिकार्ड लेने के लिए विजिलेंस की टीम आरएलए से पहुंच गई थी। विजिलेंस टीम आने से आरएलए के कर्मचारियों में हड़कंप में मंच गया। विजिलेंस टीम अब जब्त किए गए रिकार्ड खंगाल रही है।

आरएलए इंचार्ज ने किया था जार्ज जोश का तबादला
आरएलए इंचार्ज कशिश मित्तल ने विभाग का चार्ज लेते ही आरएलए आफिस में काफी गड़बड़ी पाई गई थी। दलालाें द्वारा विभाग के कर्मियों के साथ मिलकर लाइसेंस बनाने की बात सामने आई थी। जिसके बाद कशिश मित्तल ने ड्राइविंग लाइसेंस के ब्रांच इंचार्ज जार्ज जोश का तबादला करवा दिया  था। जार्ज जोश का तबादला मैरिज रजिस्ट्रेशन की ब्रांच में कर दिया गया था।

दलालों द्वारा लाइसेंस बनाने के मामले में कई आरएलए के पूर्व ब्रांच इंचार्ज की भूमिका संदेह में आ रही है। जांच में कई दलालों के संबंध ब्रांच इंचार्ज के साथ पाए गए है। विजिलेंस मामले की गहनता से जांच करने में लगी हुई है।
गुरजीत कौर, प्रभारी विजिलेंस विभाग

विज्ञापन

पूछताछ और रिकॉर्ड से सामने आईं कई बातें

Chandigarh RLA Bribe Case

विजिलेंस ने प्राथमिक जांच में पाया कि दलाल पूर्व ब्रांच इंचार्ज जार्ज जोस और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) से फाइलें पास करवाने के लिए संपर्क करते थे। पकड़े गए दलाल सोनू के मोबाइल से इन दोनों के नंबर व बातचीत भी पाई गई है।

विजिलेंस ने जब जार्ज जोस की पोस्टिंग का रिकार्ड निकाला तो उनकी पोस्टिंग आरएलए में पाई गई है।  जार्ज जोश आरएलए में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की ब्रांच का इंचार्ज 2011 से 2012 तक रहा।

इसके बाद जार्ज जोस 2013 से 14 में दुबारा आरएलए दफ्तर पहुंच गया था। एक साल के लिए उनकी पोस्टिंग नीचे आरसी बनाने वाली ब्रांच में की थी।

यहीं नहीं पीयन राकेश और विनोद ने विजिलेंस पूछताछ में बताया कि दलालों के संबंध पूर्व अफसरों के साथ थे। मंगलवार को विजिलेंस टीम मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर(एमवीआई) को पूछताछ के लिए बुलाएगी। 

पूर्व ब्रांच इंचार्ज से थे दलालों के संबंध

Chandigarh RLA Bribe Case

रुपये लेकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले दलालों के संबंध विजिलेंस ने रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के पूर्व ब्रांच इंचार्ज के साथ पाए गए है। दूसरे विभाग में पोस्टिंग होने के बावजूद ब्रांच इंचार्ज का सिक्का आरएलए में खूब चल रहा था।

फाइलें पास करवाने के लिए कई दलाल आरएलए में मौजूद कर्मचारियों को पूर्व ब्रांच इंचार्ज से फोन करवाते थे। ब्रांच इंचार्ज इन कंप्यूटर आपरेटर से बातचीत पीयन के मोबाइल फोन के जरिए करते थे।

पकड़े गए दलाल सोनू के मोबाइल फोन से दो पूर्व ब्रांच इंचार्ज के साथ बातचीत की डिटेल निकली है। पूर्व ब्रांच इंचार्ज के नामों का खुलासा होने के बाद विजिलेंस ने सोमवार को आरएलए के पूर्व ब्रांच इंचार्ज जार्ज जोश और पीयन राकेश व विनोद को पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया। विजिलेंस टीम ने तीनों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की।

दलालों की लिस्ट तैयार

Chandigarh RLA Bribe Case

आरएलए के बाहर लोगों से रुपये लेकर ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बनाने वाले दलालों की लिस्ट विजिलेंस तैयार कर रही है। ज्यादातर सभी दलालों के नाम और पते विजिलेंस को मिल गए हैं। जल्द ही विजिलेंस इन पर भी शिकंजा कसेगा।

नाम सामने आता है पर कार्रवाई नहीं होती
दो साल पहले विजिलेंस टीम ने जाली कागजात पर और ड्राइविंग टेस्ट के लिए डीएसपी के फर्जी साइन करके ड्राइविंग टेस्ट बनाने वाले दलाल और नगर निगम के कर्मचारी को पकड़ा था। विजिलेंस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

जांच में चंडीगढ़ पुलिस के कई कर्मचारियों के नाम आए थे, लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद ही आरएलए के कर्मचारियों के मोबाइल फोन ड्यूटी पर आने के बाद जमा करवा लिए जाते थे।

ऐसे चलता था खेल

Chandigarh RLA Bribe Case

आरएलए का प्रभार संभालते ही कशिश मित्तल ने आदेश जारी किए थे कि कंप्यूटर पर डाटा एंट्री करने वाले कर्मचारियों के मोबाइल फोन ड्यूटी पर आते ही उनसे ले लिए जाएं। उसके बाद से इन कर्मचारियों ने दलालों से संपर्क साधने का नया तरीका निकाला।

इसके लिए पियन और सफाई कर्मचारियों की मदद ली जाने लगी। दलाल लर्निंग लाइसेंस के टेस्ट में पास होने और बिना रेजीडेंट प्रूफ के लाइसेंस बनाने के लिए तीन से पांच हजार रुपये मांगते थे।

सौदा होने के बाद दलाल आरएलए के पीयन के माध्यम से डाटा आपरेटर से संपर्क करता था। दलाल फाइल पास करने के लिए डाटा एंट्री आपरेटर को 1500 रुपये देता था। ऑपरेटर तक फाइल पहुंचाने के लिए 500 रुपये पीयन या सफाई कर्मी को दिए जाते थे।

रोज अंडर टेबल कमाते हैं पांच से दस हजार

Chandigarh RLA Bribe Case

रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के कर्मचारी दलालों के साथ मिलकर हर रोज पांच से दस हजार रुपये की से ज्यादा कमाई करते थे। एक फाइल पास करने के कर्मचारी एक हजार से 1500 के बीच रुपये लेते थे।

इस चक्कर में आरएलए के कर्मचारी फाइल में लगे कागजात को भी वेरीफाइ नहीं करते थे। कई लोगों के तो दलालों ने जाली रेजीडेंट प्रूफ पर ही चंडीगढ़ का लाइसेंस बना डाला। यह खुलासा पकड़े गए दलाल सोनू ने विजिलेंस से किया।

सोनू ने बताया कि वह हर रोज करीब दस लाइसेंस आरएलए कर्मचारियों के द्वारा बनवाता था। उसके जरिए लाइसेंस बनवाने वाले को किसी प्रकार का कोई टेस्ट नहीं देना होता था।

विजिलेंस ने दलाल सोनू और पीयन राकेश को शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। गिरोह के अन्य सदस्य पकड़ने के लिए विजिलेंस ने दोनों आरोपियों का रिमांड मांगा। अदालत ने दोनों का एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed