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गुड न्यूज! इस बार नहीं देना होगा हाउस टैक्स
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Mar 2015 08:29 AM IST
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नगर निगम इस बार हाउस टैक्स की वसूली नहीं कर पाएगा। प्रशासन की ओर से हाउस टैक्स बढ़ाने पर तो लगातार दबाव बनाया जाता रहा मगर चालू वित्तवर्ष के लिए नया नोटिफिकेशन जारी करना भूल गया। यह वित्त वर्ष 31 मार्च को खत्म हो रहा है।
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वर्ष 2013-14 में एक रुपये वर्ग फुट के हिसाब से 5 मरले से ऊपर तक के मकानों का हाउस टैक्स वसूलने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसकी अवधि एक साल ही थी।
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ऐसा क्यों हुआ
असल में वर्ष 2013-14 में तत्कालीन प्रशासक शिवराज पाटिल ने एक रुपये प्रति वर्ग फुट के रेट को बहुत कम बताया था। इसे एक साल के लिए ही मंजूरी देते हुए अगले साल से रिवाइज्ड रेट लागू करने का निर्देश उन्होंने दिया था। इसके बाद प्रशासन ने नगर निगम को रिवाइज्ड रेट का प्रस्ताव बनाने को कहा। कमेटी ने प्रस्ताव बनाया भी मगर नगर निगम में इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद चालू वित्त वर्ष के लिए अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
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12 गुणा ज्यादा होना चाहिए हाउस टैक्स
प्रशासन का मानना है कि नगर निगम की ओर से जो हाउस टैक्स के रेट तय किए गए थे वह काफी कम है। ऐसे में रेट 12 गुणा से ज्यादा हो। उदाहरण के तौर पर 5 मरले(125 गज) की कोठी पर निगम की ओर से 1 रुपये प्रति गज चार्ज करने का निर्णय लिया गया है जबकि प्रशासन चाहता है कि 12 गुणा की बढ़ौतरी से 1500 रुपये प्रति साल चार्ज किए जाएं।
अब क्या
अब जबकि इस वित्तवर्ष में कुछ ही दिन शेष हैं तो नोटिफिकेशन जारी करने के बाद उस पर लोगों की राय भी मांगनी होगी। ऐसे में प्रापर्टी टैक्स के स्वयंमूल्यांकन के लिए भी समय देना होगा। इतना समय अब बाकी नहीं है।
तू वादा न तोड़
नगर निगम को इस बात की भी नाराजगी है कि हाउस टैक्स लगाने पर प्रशासन ने जवाहर लाल रिवयूनल मिशन के तहत ग्रांट आने की बात कही थी। यह वादा तो पूरा किया नहीं उल्टा चालू वित्त वर्ष की प्रस्तावित ग्रांट में भी 58 करोड़ रुपये कम कर दिए गए। इसी तरह नए बजट में यह 33.65 करोड़ कम कर दी गई है। मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार को पिछले साल के मुकाबले ग्रांट कम नहीं करनी चाहिए थी, जबकि निगम को तो बढ़े हुए बजट की उम्मीद थी।
कमर्शियल साइट्स से हो रही वसूली
नगर निगम कमर्शियल साइट्स से प्रापर्टी टैक्स की वसूली कर रहा है। इससे नगर निगम को हर साल 15 से 18 करोड़ रुपये मिलते हैं।
राजीव गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम ने बताया कि प्रशासन ने सिर्फ 2013-14 के लिए ही हाउस टैक्स चार्ज करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। उसके बाद बने नए प्रस्ताव को पार्षदों ने बहुमत से खारिज कर दिया था। प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी गई थी। ऐसे में कोई नया नोटिफिकेशन जारी न होने से कोई हाउस टैक्स नहीं वसूला जा रहा है।