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गोवा के विरुद्ध रणजी मैच में चंडीगढ़ की पकड़ मजबूत
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गोवा के पुरवोरिम में चंडीगढ़ और गोवा के बीच खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी में मेहमान टीम ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मंगलवार को मैच के तीसरे दिन बिपुल शर्मा के शानदार शतक और अंकित कौशिक के 83 रनों की बदौलत चंडीगढ़ ने सात विकेट के नुकसान पर 580 रनों का पहाड़ खड़ा कर 329 रनों की बढ़त प्राप्त कर ली थी। दिन का खेल समाप्त होने तक गोवा का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 87 रन था।
इससे पहले चंडीगढ़ ने अपने कल के स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 310 रनों से आगे खेलना शुरू किया तो टीम के स्कोर में मात्र 14 रन जोड़कर शिवम भांबरी लक्ष्य गर्ग की गेंद पर अपना कैच एसके पटेल को थमा बैठे।
भांबरी ने 17 चौकों और एक छक्के की मदद से 157 रन बनाए। इसके बाद ताबड़तोड़ पारी खेल रहे अंकित कौशिक ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इस पारी को मजबूत स्कोर तक ले जाने की जिम्मेदारी अब अंकित कौशिक और बिपुल शर्मा के हाथ में थी। दोनों ने 30 ओवर के खेल में 123 रनों की साझेदारी की। 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 83 रनों पर पहुंचते ही कौशिक का विकेट अमूल्या पांडरेकर ने झटका। टीम का स्कोर इससे पांच विकेट के नुकसान पर 447 हो गया। 34 गेंदों पर 33 रनों पर खेल रहे गुरेंद्र को अमित वर्मा ने आउट किया। बिपुल के शतक पूरा करते ही मनन वोहरा ने चंडीगढ़ की पारी सात विकेट के नुकसान पर 580 रनों पर घोषित कर दी।
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12 चौकों और दो छक्कों की मदद से बिपुल ने नाबाद 103 रन बनाए। दूसरे छोर पर खेल रहे जसकरनदीप सोही 28 रनों पर नॉट आउट रहे। कप्तान अमित वर्मा ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए। अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी गोवा की टीम ने सधी शुरुआत की, लेकिन पारी के 10वें ओवर में जगजीत सिंह संधू ने सलामी बल्लेबाज आदित्य कौशिक (15) को निशाना बना लिया। नए बल्लेबाज एसके पटेल ने सुमिरन अमोनकर का साथ दिया और अगले 13 ओवर्स में 52 रनों की साझेदारी कर गोवा को संकट से उबारने का प्रयास किया। गुरेंद्र सिंह ने 24वें ओवर में 40 रनों पर खेल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज एसके पटेल को आउट कर बाकी गेंदबाजों मेें जोश भर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक गोवा दो विकेट के नुकसान पर 87 रन बना चुका था। सुमिरन अमोनकर 21 और अमूल्या पांडरेकर छह रनों पर खेल रहे थे।
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इससे पहले चंडीगढ़ ने अपने कल के स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 310 रनों से आगे खेलना शुरू किया तो टीम के स्कोर में मात्र 14 रन जोड़कर शिवम भांबरी लक्ष्य गर्ग की गेंद पर अपना कैच एसके पटेल को थमा बैठे।
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भांबरी ने 17 चौकों और एक छक्के की मदद से 157 रन बनाए। इसके बाद ताबड़तोड़ पारी खेल रहे अंकित कौशिक ने अपना अर्धशतक पूरा किया। इस पारी को मजबूत स्कोर तक ले जाने की जिम्मेदारी अब अंकित कौशिक और बिपुल शर्मा के हाथ में थी। दोनों ने 30 ओवर के खेल में 123 रनों की साझेदारी की। 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 83 रनों पर पहुंचते ही कौशिक का विकेट अमूल्या पांडरेकर ने झटका। टीम का स्कोर इससे पांच विकेट के नुकसान पर 447 हो गया। 34 गेंदों पर 33 रनों पर खेल रहे गुरेंद्र को अमित वर्मा ने आउट किया। बिपुल के शतक पूरा करते ही मनन वोहरा ने चंडीगढ़ की पारी सात विकेट के नुकसान पर 580 रनों पर घोषित कर दी।
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12 चौकों और दो छक्कों की मदद से बिपुल ने नाबाद 103 रन बनाए। दूसरे छोर पर खेल रहे जसकरनदीप सोही 28 रनों पर नॉट आउट रहे। कप्तान अमित वर्मा ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए। अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी गोवा की टीम ने सधी शुरुआत की, लेकिन पारी के 10वें ओवर में जगजीत सिंह संधू ने सलामी बल्लेबाज आदित्य कौशिक (15) को निशाना बना लिया। नए बल्लेबाज एसके पटेल ने सुमिरन अमोनकर का साथ दिया और अगले 13 ओवर्स में 52 रनों की साझेदारी कर गोवा को संकट से उबारने का प्रयास किया। गुरेंद्र सिंह ने 24वें ओवर में 40 रनों पर खेल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज एसके पटेल को आउट कर बाकी गेंदबाजों मेें जोश भर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक गोवा दो विकेट के नुकसान पर 87 रन बना चुका था। सुमिरन अमोनकर 21 और अमूल्या पांडरेकर छह रनों पर खेल रहे थे।