{"_id":"58ef565d4f1c1bbc7fcf6f25","slug":"chandigarh-police-punjab-university-clash","type":"story","status":"publish","title_hn":"कवरेज के दौरान पत्रकारों को न लगे चोट, इसके लिए पुलिस ने निकाला ये तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कवरेज के दौरान पत्रकारों को न लगे चोट, इसके लिए पुलिस ने निकाला ये तरीका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:28 AM IST
विज्ञापन
Students, cops clash at Panjab University
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीयू कैंपस में मंगलवार को हुई पथराव की घटना के कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों और छायाकारों से पुलिस द्वारा मारपीट करने के मामले को गम्भीरता से लेते हुए बुधवार को प्रैस क्लब का प्रतिनिधिमंडल डी.जी.पी. तेजिंद्र सिंह लूथरा से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने डी.जी.पी. को बताया की कैसे पी.यू. में कवरेज के दौरान पुलिस कर्मियों ने वहां कवरेज के लिए गए पत्रकारों और छायाकारों से मारपीट की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। डी.जी.पी. ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिलवाया कि 24 घंटे के भीतर जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि किसी छायाकार के कैमरे का नुक्सान भी हुआ है तो उसे भी ठीक करवाया जाएगा।
डी.जी.पी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिलवाया कि कैसे इस समस्या को सोल्व करने के लिए वे कवरेज के समय पत्रकारों और छायाकारों की पहचान को लेकर जल्द हाथ के बैंड तैयार करवाए जाएंगे ताकि ऐसे समय में इस बैंड को देख कर पुलिस वाले उनकी पहचान कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने डी.जी.पी. को बताया की कैसे पी.यू. में कवरेज के दौरान पुलिस कर्मियों ने वहां कवरेज के लिए गए पत्रकारों और छायाकारों से मारपीट की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। डी.जी.पी. ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिलवाया कि 24 घंटे के भीतर जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि किसी छायाकार के कैमरे का नुक्सान भी हुआ है तो उसे भी ठीक करवाया जाएगा।
विज्ञापन
डी.जी.पी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिलवाया कि कैसे इस समस्या को सोल्व करने के लिए वे कवरेज के समय पत्रकारों और छायाकारों की पहचान को लेकर जल्द हाथ के बैंड तैयार करवाए जाएंगे ताकि ऐसे समय में इस बैंड को देख कर पुलिस वाले उनकी पहचान कर सकें।
विज्ञापन