Chandigarh Grenade Attack: चार आरोपी अमृतसर से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार, पांच दिन का रिमांड
चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में कोठी नंबर 575 में 11 सितंबर को हुए हैंड ग्रेनेड बम ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार चार आरोपियों को चंडीगढ़ पुलिस आज प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।
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गौरतलब है कि बीती 11 सितंबर की शाम को करीब 6 बजे ऑटो में सवार दो अज्ञात बदमाशों ने 575 नंबर कोठी में हैंड ग्रेनेट बम फेंककर ब्लास्ट किया था। हालांकि इस ब्लास्ट में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि इसी कोठी में कुछ साल पहले तक पंजाब पुलिस से रिटायर एसपी जसकीरत सिंह चहल व उनका परिवार रहता था। इन्हें मारने के लिए हैंड ग्रेनेट का प्रयोग किया गया था जबकि वह इस कोठी में रहते भी नहीं थे। आरोपियों को इस बात की जानकारी भी नहीं थी। दोनों आरोपी सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए थे, जिसके आधार पर एक आरोपी को अमृतसर में पंजाब पुलिस की टीम ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया था जबकि दूसरे आरोपी को अगले ही दिन मोबाइल लोकेशन के जरिए दिल्ली से पकड़ा गया था।
इस घटना के कुछ घंटे बाद ही हैप्पी पशिया नाम से सोशल मीडिया में एक पोस्ट वायरल करके इस बम ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली गई थी। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों ने भी पूछताछ में खुलासा किया कि यह बम ब्लास्ट पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा व यूएसए बेस्ट गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया के कहने पर किया गया है। दोनों ने उन्हें इस वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लाख रुपये नगद व घटना के बाद उन्हें पाकिस्तान में बुलाने का वादा किया था। लेकिन घटना के बाद आरोपियों को कोई पैसा ही नहीं मिला। इन्होंने पूछताछ में खुलासा किया 8 सितंबर को उन्हें अमरजीत व अक्षदीप ने ही ब्लॉस्ट के लिए दो पिस्टलें, कुछ कारतूस, 20 हजार रुपये नगद और हैंड ग्रेनेड बम दिया था। हालांकि इन दोनों आरोेपियों को अमृतसर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी और इनके खिलाफ अमृतसर में एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। दोनों आरोेपी लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे आतंकी रिंदा के संपर्क में थे और बम ब्लास्ट की वारदात के लिए पाकिस्तान से भेजा गया असलहा व अन्य सामान इन दोेनों के पास ही पहुंचा था। इसलिए जांच टीम इन दोनों को भी रिमांड पर साथ लेकर आई है।
इस मामले में पाशिया का नाम सामने आते ही सुरक्षा जांच एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए थे, जिसके बाद साफ हो गया कि यह पूरा बम ब्लास्ट का षड्यंत्र पाकिस्तान से शुरू हुआ था। जांच टीमों ने हैप्पी का क्रिमिनल रिकॉर्ड निकाला तो पता चला कि वह पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंद्र रिंदा के साथ मिलकर टारगेट किलिंग का काम करता है। रिंदा और हैप्पी ने वर्ष 2023 में चंडीगढ़ व पंजाब में कई लोगों की हत्या के लिए कुछ युवकों को टारगेट भी दिया था। बाकायदा स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने गत वर्ष मोहाली से चार युवकों को भी गिरफ्तार किया था जिन्होंने रिमांड के दौरान टारगेट किलिंग का खुलासा किया था। इन दोनों ने अपने गैंंग में कई शार्प शूटर रखे हुए हैं जो इनके लिए टारगेट किलिंग का काम करते हैं। रिंदा ने ही एक साल पहले भी इसी कोठी की रैकी करवाई थी ताकि एसपी चहल को मारा जा सके।