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केंद्रीय मंत्री नड्डा से शिकायत के बाद PGI ने उठाया बड़ा कदम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Feb 2016 09:34 AM IST
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से शिकायत करने के बाद पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन ने बड़ा कदम उठाया। प्रशासन ने पीडियाट्रिक सर्जरी की पोस्ट वापस ले ली है। पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन ने पांच फरवरी को 11 विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर की कांट्रैक्ट के आधार पर पोस्ट निकाली थी।
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पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन ने इस बारे में शिकायत दी थी कि कुछ दिन पहले रेगुलर पोस्ट के लिए इंटरव्यू हुए थे। इसमें पीजीआई के कई होनहार कैंडिडेंट ने अप्लाई किया। लेकिन उनमें से किसी का भी सेलेक्शन नहीं हुआ। अब कांट्रैक्ट पर असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट निकाली गई है।
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एसोसिएशन ने लिखे पत्र में सवाल उठाया कि जब रेगुलर पोस्ट के लिए किसी को सेलेक्ट नहीं किया तो कांट्रैक्ट पर पोस्ट क्यों निकाली गई। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि कांट्रैक्ट के तौर होने वाली नियुक्ति भाई-भतीजावाद की कोशिश हो सकती है। इसलिए इस पोस्ट को रद्द किया जाए। इसके बाद प्रशासन ने एक पत्र जारी किया। जिसमें बताया गया कि एडमिनिस्ट्रेटिव कारणों की वजह से पीडियाट्रिक सर्जरी की पोस्ट को वापस लिया जा रहा है।
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इसलिए उठाया सवाल
अक्तूबर 2014 में पीजीआई ने पीडियाट्रिक सर्जरी की रेगुलर पोस्ट के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट निकाली थी। इसमें एक पोस्ट जनरल सर्जरी की थी और दूसरी ओबीसी कैटेगरी की। सितंबर 2015 को इंटरव्यू हुए। अक्तूबर 2015 को इसके परिणाम घोषित किए गए। ओबीसी कैटेगरी में तो एक कैंडिडेट की नियुक्ति हो गई। लेकिन जनरल कैटेगरी में किसी की नियुक्ति नहीं हुई।
खास बात यह थी कि जनरल कैटेगरी में छह कैंडिडेंट ने हिस्सा लिया। सभी के सभी इसी डिपार्टमेंट से पास आउट थे। हर कैंडिडेंट की अच्छी परफॉर्मेंस रही। इसके बावजूद नियुक्ति नहीं हुई। उसके बाद कांट्रैक्ट की पोस्ट निकाल दी गई। इस पर कैंडिडेंट और पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को एक पत्र लिखा और न्याय की मांग की।
अब भी उठ रहे सवाल
एंटी करप्शन फ्रंट के चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कहा कि सिर्फ एक पोस्ट को कैंसल करने से कोई फायदा नहीं होगा। बाकी पोस्ट को विदड्रॉ करना होगा। कांट्रैक्ट की पोस्ट पर अपने लोगों को भर्ती कर लिया जाता है। इसके बाद उन्हें पक्का कर दिया जाता है। इससे पीजीआई का जो टैलेंट है, उसे मौका नहीं मिलता है। इससे पीजीआई की साख पर असर पड़ता है और पेशेंट प्रभावित होते हैं। इसलिए सभी पोस्टें कैंसल होनी चाहिए। पीजीआई को भर्ती करना है तो रेगुलर पोस्ट निकाले।
25 फरवरी को हैं इंटरव्यू
पीजीआई ने 11 विभागों में करीब 14 पोस्टें निकाली हैं। इन पर पीजीआई को कांट्रैक्ट के आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती करने हैं। इसके लिए 25 फरवरी को इंटरव्यू हैं। इनमें मुख्य रूप से एनेस्थीसिया में चार पोस्ट, इंडोक्राइनोलाजी में एक, गैस्ट्रोएंट्रोलाजी में एक, न्यूरोलाजी, नेफरोलाजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, गायनी, आरथोपीडिक्स, पीडियाट्रिक्स व वायरोलाजी में एक-एक पोस्ट है।