पीजीआई ब्लड बैंक बना मददगार: कोविड काल में 57 हजार यूनिट से ज्यादा खून देकर बचाई मरीजों की जान
पीजीआई ब्लड बैंक से एक साल में एक से सवा लाख यूनिट खून का संग्रह कर उसे जांच के बाद मरीजों के इलाज के लिए दिया जा रहा है।
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कोविड काल में जब अस्पतालों में कोरोना के कारण अन्य सभी कार्य बंद हो गए थे, उस दौरान भी पीजीआई ब्लड बैंक ने मरीजों की जान बचाने के लिए खून की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का काम जारी रखा। पीजीआई की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि 2020 में पीजीआई के ब्लड बैंक से 57,842 यूनिट से ज्यादा खून मरीजों को दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पीजीआई अपने मरीजों के साथ ही ट्राइसिटी के अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी हर साल कुल संग्रह का 8 से 10 प्रतिशत खून दे रहा है।
संस्थाओं का मिल रहा भरपूर साथ
पीजीआई ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा ने बताया कि लगभग 200 से ज्यादा संस्थाएं रक्तदान शिविर के माध्यम से पीजीआई को खून उपलब्ध करा रही हैं। उनमें से कुछ संस्थाएं जैसे श्री शिव कावड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट व महामाई मनसा देवी चैरिटेबल भंडारा कमेटी अकेले 8 हजार यूनिट खून पीजीआई को दे रही हैं। कोविड के दौरान भी उनका रक्तदान का नियमित सिलसिला थमा नहीं है। कोरोना काल में संग्रहित किए गए 57842 यूनिट खून में से पीजीआई को 48757 स्वैच्छिक और 9085 यूनिट एक्सचेंज से मिले हैं।
10 प्रतिशत अन्य अस्पतालों को
पीजीआई ब्लड बैंक से एक साल में एक से सवा लाख यूनिट खून का संग्रह कर उसे जांच के बाद मरीजों के इलाज के लिए दिया जा रहा है। अगर गौर करें तो कोविड के दौरान 2020 में भी यह क्रम जारी रहा है। उस दौरान ब्लड बैंक से 7135 यूनिट रेड ब्लड सेल, 398 यूनिट प्लेटलेट्स, 3741 यूनिट प्लाज्मा और 2382 यूनिट क्रियोप्रिसिपिटेट ट्राइसिटी के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए दिया गया है।
तीन सालों में इतने यूनिट खून के अवयव दिए
वर्ष रेड ब्लड सेल प्लेटलेट्स प्लाज्मा क्रियोप्रिसिपिटेट
2020 71356 23827 37414 3088
2019 80049 23761 50272 3587
2018 78268 25757 51070 2598
हर साल एक लाख यूनिट से ज्यादा खून के विभिन्न अवयवों का संग्रह कर मरीजों को दिया जा रहा है। हमारी पहली प्राथमिकता पीजीआई के मरीज हैं, लेकिन कुल संग्रहित खून में से 8 से 10 प्रतिशत खून अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों को भी दिया जा रहा है। -प्रो. रतिराम शर्मा, पीजीआई ट्र्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख