फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गीता जयंती महोत्सव 2018 में पहुंचा 'आधा हिंदुस्तान'...तस्वीरों में देखें रंग-बिरंगी झलकियां

Sat, 15 Dec 2018 11:34 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 15 Dec 2018 11:34 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Performances by artists from several state in International Geeta Festival
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में ब्रह्मसरोवर तट पर लगे हरियाणवी पंडाल में शुक्रवार को हरियाणवी मूंछ और पगड़ी छाई रही। मौका था आच्छी पगड़ी, चौक्खी मूंछ प्रतियोगिता का। रैंप पर 30 से अधिक मुच्छड़ ताऊ ने जलवा बिखेरा। लड़कियों में 21 सेकेंड में सीनू खान ने पगड़ी बांध कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं लड़कों में पवन कुमार ने 19 सेकेंड में पगड़ी बांधकर प्रथम स्थान हासिल किया। 

Chandigarh Performances by artists from several state in International Geeta Festival
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव

आच्छी पगड़ी, चौक्खी मूंछ प्रतियोगिता में सबसे लंबी मूंछ में भिवानी से आए रामपाल को पहला स्थान मिला जबकि दूसरा स्थान चौ. ईश्वर सिंह का रहा। पगड़ी प्रतियोगिता में पहला स्थान साहब सिंह का रहा जबकि दूसरा स्थान मनफूल सिंह को हासिल हुआ। चौ. भरत सिंह मलिक को प्रतियोगिता में ओवरऑल श्रेष्ठ ताऊ चुना गया।

Chandigarh Performances by artists from several state in International Geeta Festival
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव

हरियाणवी पंडाल में हरियाणवी शब्दों के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन सुरातिया, बटुवा, पोथिया, घपड़चोथ, गड़बड़झाला आदि शब्द पूछे गए। सभी शब्दों का हरियाणवी बुजुर्गों एवं महिलाओं ने अर्थ बताकर दो-दो लड्डू इनाम में जीते। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Chandigarh Performances by artists from several state in International Geeta Festival
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव

गीता महोत्सव में 14 प्रदेशों के लोक कलाकारों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति से ओत-प्रोत कार्यक्रम पेश कर पर्यटकों को लोक कला के रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तमपुरा बाग के मंच पर 11 राज्यों के लगभग 300 लोक कलाकारों ने कार्यक्रम पेश कर तालियां बटोरीं।

सबसे पहले मध्य प्रदेश के कलाकारों ने उनके राज्य में चैत्र मास में शिव-पार्वती की स्तुति के लिए किया जाने वाला प्रसिद्ध लोक नृत्य गणघोर की प्रस्तुति देकर पर्यटकों में भक्ति भाव का संचार किया। अगली प्रस्तुति गुजरात के लोक कलाकारों ने डांडिया रास के माध्यम से दी।

विज्ञापन
Chandigarh Performances by artists from several state in International Geeta Festival
अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव

वहीं जम्मू-कश्मीर से आए लोक कलाकारों ने डोगरी नृत्य के माध्यम से शादी-ब्याह में किए जाने वाले हल्के-फल्के हास-परिहास का चित्रण किया। मणिपुर के कलाकारों ने लाइहरोबा, त्रिपुरा के कलाकारों ने होजागिरी, झारखंड के कलाकारों ने छाउ नृत्य से समां बांध दिया।

पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने नटवाहू नृत्य, महाराष्ट्र के कलाकारों ने लावणी नृत्य, राजस्थान से आए लोक कलाकारों ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। उत्तरप्रदेश के कलाकारों ने मयूर नृत्य पेश कर कार्यक्रम को कृष्णमय कर दिया। इस नृत्य में बरसाना की गलियों में कृष्ण का घूमना, मोरकुटी में भगवान कृष्ण का मोर बनकर पहुंचना जैसी लीलाओं का वर्णन किया गया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed