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शहरवासियों पर पड़ेगा एंट्री टैक्स का बोझ, तैयार रहें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:34 PM IST
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अगर नगर निगम कामर्शियल वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलने का प्रस्ताव पास कर देता है तो इसका असर शहरवासियों पर भी पड़ेगा। वहीं, शहर में बिजनेस कर रहे ट्रांसपोर्टर्स पर भी इसका असर पड़ेगा क्योंकि अधिकतर ट्रांसपोर्टर्स ऐसे है जिनके वाहन पंचकूला, मोहाली और आसपास में रजिस्टर्ड हैं।
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उधर, मेयर अरुण सूद के निर्देश के बाद अधिकारी दूसरे राज्यों से आने वाले कामर्शियल वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलने का प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं।
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12 फरवरी को सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। भारी वाहनों के साथ- साथ कामर्शियल टैक्सियों से भी एंट्री टैक्स वसूल किया जाएगा जिसका भुगतान टैक्सी पर सफर करने वालों को भी करना पड़ेगा।
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वहीं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन इस प्रस्ताव के विरोध में आ गया है। उनका कहना है कि अगर कामर्शियल वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने का विरोध किया जाएगा। एसोसिएशन के सह सचिव संजीव दीवान का कहना है कि इस समय शहर में 350 ट्रांसपोर्टर काम कर रहे हैं, जिनमे से 50 प्रतिशत पंजाब व हरियाणा के निवासी हैं। उनके वाहन वहां पर रजिस्टर्ड हैं। अगर कोई गाड़ी दूसरे राज्य में माल छोड़कर वापस आएगी तो भी उससे एंट्री टैक्स वसूला जाएगा। इससे महंगाई बढ़ेगी।
दिल्ली और शिमला पैटर्न का अध्ययन
प्रस्ताव तैयार करने में जुटे अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली और शिमला में लागू एंट्री टैक्स का अध्ययन किया जा रहा है।
मंडी कमेटी ने भी एंट्री फीस का प्रस्ताव भेजा
वहीं मार्केट कमेटी भी चाहती है कि कामर्शियल वाहनों से सेक्टर-26 मंडी में एंट्री पर टैक्स वसूल किया जाए। कमेटी ने यह प्रस्ताव डीसी कार्यालय में भेजा है। इस प्रस्ताव में उन्होंने जमींदारों के वाहनों को राहत देने की बात की है। कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि मंडी के अंदर सड़कों के रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च होते हैं ऐसे में दूसरे राज्यों से मंडी में माल लेकर आने वालों से टैक्स वसूल करना चाहिए।
दिल्ली में 400 रुपये तक है एंट्री टैक्स
दिल्ली में इस समय छह टायर वाले ट्रक से 250 रुपये और 10 टायर वाले ट्रक से 400 रुपये एंट्री टैक्स वसूल किया जाता है। जबकि टैक्सी चालक से 100 रुपये एंट्री टैक्स वसूला जाता है। नगर निगम की ओर से भी इसके आसपास रेट तय करने का विचार किया जा रहा है। दिल्ली में अलग से ग्रीन टैक्स भी वसूला जाता है।
शहर में बढ़ेगी महंगाई: चावला
कांग्रेस पार्षद एवं पूर्व मेयर सुभाष चावला का कहना है कि कामर्शियल वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने से शहर में महंगाई बढ़ेगी। इसका असर शहर में काम कर रहे ट्रांसपोर्टरों पर भी पड़ेगा, क्योंकि कई ट्रांसपोर्टरों के ट्रक दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में ट्रक का भाड़ा बढ़ने का असर शहरवासियों पर पड़ना लाजमी है। कांग्रेस इस प्रस्ताव का विरोध करेगी।
दूसरे राज्यों के कामर्शियल वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलने पर शहरवासियों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। प्रशासन की ओर से नगर निगम को अपनी कमाई बढ़ाने के लिए कहा गया है। ऐसे में इस ओर कदम उठाया गया है। शहरवासियों पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा। चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड कामर्शियल वाहनों पर कोई एंट्री टैक्स नहीं लगेगा।
-अरुण सूद, मेयर