फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh news: High Court made it clear - parents or relatives are natural guardians of minor

हाईकोर्ट ने किया साफ- माता-पिता या संबंधी ही नाबालिग के स्वाभाविक संरक्षक

Sun, 14 Feb 2021 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 14 Feb 2021 05:37 AM IST
सार

  • कहा- शादी करने वाले प्रेमी को भी नहीं दिया जा सकता नाबालिग का संरक्षक होने का अधिकार
  • फिरोजपुर के प्रेमी जोड़े की शादी को बताया अवैध, याचिका खारिज

विज्ञापन
Chandigarh news: High Court made it clear - parents or relatives are natural guardians of minor
हाईकोर्ट - फोटो : SELF

विस्तार

घर से भाग कर विवाह करने वाले प्रेमी जोड़े की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि लड़की नाबालिग हो तो उससे शादी करने वाला प्राकृतिक संरक्षक के तौर पर उसके लिए हलफनामा दाखिल नहीं कर सकता। ऐसा अधिकार केवल उसके माता-पिता और करीबी रिश्तेदार को ही कानून में दिया गया है।

विज्ञापन


फिरोजपुर के एक प्रेमी जोड़े ने घर से भाग कर शादी की और परिवार से जान को खतरा बताकर सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। याची ने बताया कि वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे और इंतजार कर रहे थे कि कब लड़की बालिग हो और वह विवाह कर लें।
विज्ञापन


इस दौरान उनके घर वालों को उनके प्रेम के बारे में जानकारी हो गई और लड़की का विवाह कहीं अन्य करने की तैयारी करने लगे। दोनों का प्यार बना रहे इसलिए उन्होंने घर से भागकर शादी करने का फैसला ले लिया। विवाह करने के बाद दोनों ने फिरोजपुर के एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जब लड़की की आयु विवाह योग्य ही नहीं है तो उनके विवाह को कैसे वैध माना जा सकता है। साथ ही प्रेमी द्वारा अपने हलफनामे में लड़की का प्रतिनिधित्व करने को भी हाईकोर्ट ने गलत करार देते हुए कहा कि ऐसा हलफनामा केवल अभिभावक दे सकते हैं। ऐसे में हलफनामे में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़े को बिना कोई राहत देते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed