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डिफाल्टरों की पोल खोलने के लिए नगर निगम अपनाएगा ये तरीका, तैयार रहें लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 16 May 2017 03:44 PM IST
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चंडीगढ़ नगर निगम
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चंडीगढ़ नगर निगम प्रॉपर्टी, हाउस टैक्स के साथ-साथ पानी के बिलों के डिफाल्टरों की पोल खोलने के लिए एक नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत डिफाल्टरों के घरों, दुकानों और कॉर्मिशयल इमारतों के बाहर बैंड बाजा बजाया जाएगा और डिफाल्टर की मुनियादी की जाएगी। यह सिस्टम पुणे में लागू है। डिफाल्टरों से बकाया लेने के लिए पुणे में लागू इस सिस्टम को पार्षदों ने स्टडी किया है। इसके बाद भाजपा पार्षद सतीश कैंथ के सुझाव पर निगम के सदन में बैंड बाजा बजाने का निर्णय लिया है।
पुणे में जाकर की स्टडी
पिछले माह 8 पार्षद और दो अधिकारियों का दल पूर्व मेयर अरुण सूद के नेतृत्व में स्टडी टूर पर पुणे गया था। भाजपा पार्षद ने कहा कि जिसका भी टैक्स और पानी का बिल एक लाख से ज्यादा बकाया है, उसके पास जाकर बैंड बजाया जाए। सोमवार को हुई सदन की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डिफाल्टरों से बकाया राशि लगाने के लिए लोक अदालतें भी लगाई जाएं। पुणे के अलावा विशाखापट्टम और मुंबई भी पार्षदों का स्टडी टूर गया था जिनकी रिपोर्ट पर सोमवार को पार्षदों ने चर्चा की। इन टूरों पर निगम का 18 लाख रुपये का खर्च आया है।
15 करोड़ का बकाया वसूलना है टैक्स से
इस समय निगम ने करीब 15 करोड़ रुपये प्रापर्टी और हाउस टैक्स के तौर पर डिफाल्टरों से लेना है जबकि पानी के बिल का बकाया 12 करोड़ है, जिन्हें निगम ने कई बार नोटिस भी जारी किए हैं। नगर निगम के पास सिर्फ इमारत को सील करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। पिछले दिनों तीन कॉर्मिश्यल इमारतों को सील भी किया गया है।
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विशाखापट्टम की तर्ज पर ऑनलाइन टैक्स भुगतान की सुविधा होगी शुरू
विशाखापट्टम में टैक्स जमा करवाने का सिस्टम काफी अच्छा है, जिस पर चर्चा के बाद कमिश्नर ने कहा कि शहर में भी प्रापर्टी और ऑनलाइन टैक्स जमा करवाने का सिस्टम शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय घरों का कोई रिकार्ड नहीं है। घर-घर जाकर एरिया की मैपिंग की जाएगी। इसके लिए टेंडर निकाल दिया गया है। हर घर और कॉर्मिशयल इमारत का यूनिक नंबर होगा।
पहले होता था सैर सपाटा, इस बार हुआ काम : बबला
कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने विशाखापट्टनम गए टूर की तारीफ की। उन्होंने माना कि पिछले स्टडी टूरों में बीच और फाइव स्टार होटल का लुत्फ उठाए जाते थे, लेकिन इस टूर में वाकई सुबह से लेकर शाम तक स्टडी हुई है और अधिकारियों से बैठकें की गई हैं।
ई गवर्नेंस सिस्टम के लिए अलग से सेल बनाने के निर्देश
कमिश्नर ने सभी टूरों की चर्चा के बाद यह कहा कि इस समय शहर में ई गवर्नेंस के नाम पर कुछ नहीं है। किसी भी सर्विस की ऑनलाइन सुविधा नहीं है। उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. शिल्पी पात्रा को ई गवर्नेंस सिस्टम के लिए अलग से सेल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एनआईसी से बात चल रही है, जिसके तहत निगम की वेबसाइट भी काफी अपडेट होगी। इसी माह के अंत तक नई वेबसाइट बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने वेबसाइट पर ही लोगों को घर बैठे सुविधा मिल जाएगी।
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पुणे में जाकर की स्टडी
पिछले माह 8 पार्षद और दो अधिकारियों का दल पूर्व मेयर अरुण सूद के नेतृत्व में स्टडी टूर पर पुणे गया था। भाजपा पार्षद ने कहा कि जिसका भी टैक्स और पानी का बिल एक लाख से ज्यादा बकाया है, उसके पास जाकर बैंड बजाया जाए। सोमवार को हुई सदन की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डिफाल्टरों से बकाया राशि लगाने के लिए लोक अदालतें भी लगाई जाएं। पुणे के अलावा विशाखापट्टम और मुंबई भी पार्षदों का स्टडी टूर गया था जिनकी रिपोर्ट पर सोमवार को पार्षदों ने चर्चा की। इन टूरों पर निगम का 18 लाख रुपये का खर्च आया है।
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15 करोड़ का बकाया वसूलना है टैक्स से
इस समय निगम ने करीब 15 करोड़ रुपये प्रापर्टी और हाउस टैक्स के तौर पर डिफाल्टरों से लेना है जबकि पानी के बिल का बकाया 12 करोड़ है, जिन्हें निगम ने कई बार नोटिस भी जारी किए हैं। नगर निगम के पास सिर्फ इमारत को सील करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। पिछले दिनों तीन कॉर्मिश्यल इमारतों को सील भी किया गया है।
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विशाखापट्टम की तर्ज पर ऑनलाइन टैक्स भुगतान की सुविधा होगी शुरू
विशाखापट्टम में टैक्स जमा करवाने का सिस्टम काफी अच्छा है, जिस पर चर्चा के बाद कमिश्नर ने कहा कि शहर में भी प्रापर्टी और ऑनलाइन टैक्स जमा करवाने का सिस्टम शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय घरों का कोई रिकार्ड नहीं है। घर-घर जाकर एरिया की मैपिंग की जाएगी। इसके लिए टेंडर निकाल दिया गया है। हर घर और कॉर्मिशयल इमारत का यूनिक नंबर होगा।
पहले होता था सैर सपाटा, इस बार हुआ काम : बबला
कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने विशाखापट्टनम गए टूर की तारीफ की। उन्होंने माना कि पिछले स्टडी टूरों में बीच और फाइव स्टार होटल का लुत्फ उठाए जाते थे, लेकिन इस टूर में वाकई सुबह से लेकर शाम तक स्टडी हुई है और अधिकारियों से बैठकें की गई हैं।
ई गवर्नेंस सिस्टम के लिए अलग से सेल बनाने के निर्देश
कमिश्नर ने सभी टूरों की चर्चा के बाद यह कहा कि इस समय शहर में ई गवर्नेंस के नाम पर कुछ नहीं है। किसी भी सर्विस की ऑनलाइन सुविधा नहीं है। उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. शिल्पी पात्रा को ई गवर्नेंस सिस्टम के लिए अलग से सेल बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एनआईसी से बात चल रही है, जिसके तहत निगम की वेबसाइट भी काफी अपडेट होगी। इसी माह के अंत तक नई वेबसाइट बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने वेबसाइट पर ही लोगों को घर बैठे सुविधा मिल जाएगी।