चंडीगढ़ में हिंसक प्रदर्शन, डीआईजी सहित 12 घायल
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रेप के बाद बच्ची की हत्या होने की खबर फैलते ही चंडीगढ़ में भड़की हिंसा में डीआईजी, एएसपी सहित बारह लोग घायल हो गए। शनिवार सुबह बच्ची का शव जंगल में नाले में मिलने के बाद लोगों ने धरना दे दिया। बच्ची का शव उठाने के लिए पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े तो गुस्साए लोगों ने पथराव कर दिया। जंगल में हुई इस झड़प में डीआईजी, एएसपी सहित बारह लोग घायल हो गए।
कॉलोनी नंबर चार से बच्ची के गायब होने की सूचना शुक्रवार रात को ही इंडस्ट्रियल थाना पुलिस को दे दी गई थी। सुबह होने पर कॉलोनी के लोगों ने बच्ची का शव जंगल में जाकर खुद तलाशा। इसकी सूचना देने के डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो गुस्साए लोगों ने एसएचओ देवेंदर शर्मा को सस्पेंड करने की मांग की।
एसएचओ को दस दिन की फोर्स लीव पर भेजा
पुलिस की लापरवाही से वारदात के बाद भी एसएचओ पर कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से लोगों ने आईजी को मौके पर बुलाने की मांग की। इस पर छह घंटे बाद डीआईजी पहुंचे। उन्होंने एसएचओ को दस दिन की फोर्स लीव पर भेज दिया है।
पुलिस ने बच्ची का शव जबरन उठाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए और पथराव कर दिया। पुलिस ने लोगों को जंगल से खदेड़ा तो उन्होंने कॉलोनी नंबर चार के लाइट प्वाइंट के चौराहे पर जाम लगा दिया।
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एसएसपी जान बचाकर भागे
बीच चौराहे पर करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद एसएसपी सुखचैन सिंह गिल लोगों को शांत करने पहुंचे। लेकिन, लोगों ने एसएसपी की गाड़ी को घेरलिया। एसएसपी नीचे उतरते उससे पहले ही भीड़ ने उनके सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। गाड़ी पर ताबड़तोड़ पत्थर गिरने लगे तो एसएसपी जान बचाकर भाग खड़े हुए।
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पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
एसएसपी पर हमला होने के बाद पुलिस ने एक बार फिर लाठीचार्ज किया और लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। भीड़ को खदेड़ने में पुलिस को दो घंटे से ज्यादा का समय लगा।