क्या दिवालिया हो गया चंडीगढ़ नगर निगम: बिजली बिल भरने तक के पैसे नहीं... कर्मचारियों के फंड से निकाले छह करोड़
चंडीगढ़ नगर निगम की आर्थिक हालत खस्ता हो गई है। हालात यह हैं कि बिजली बिल भरने तक के पैसे नहीं हैं। नौबत यह आ गई है कि कर्मचारियों के फंड से रुपये निकाले जा रहे हैं।
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गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे नगर निगम की हालत बेहद खराब हो गई है। निगम के पास बिजली का बिल भरने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। बिल चुकाने के लिए निगम ने वीरवार को कर्मचारियों के पेंशन फंड से छह करोड़ रुपये निकाले। इस संकट का असर कर्मचारियों की सैलरी पर भी पड़ रहा है। आउटसोर्स कर्मियों की सैलरी पहले ही अटकी हुई थी, अब नियमित कर्मचारियों को भी मार्च की तनख्वाह नहीं मिल पाई है।
निगम अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद कजौली वाटर वर्क्स के बिजली का बिल भरने के लिए छह करोड़ रुपये निकाले गए हैं। बिल जमा कराना जरूरी था, क्योंकि शुक्रवार को 11 लाख रुपये का जुर्माना लग जाता। ग्रांट इन एड आने पर निकाला गया पैसा दोबारा कर्मचारियों के पेंशन फंड में जमा करवा दिया जाएगा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक भी वेतन जारी होने की संभावना भी नहीं है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 10 मार्च के बाद नगर निगम को कुछ पैसे देने का आश्वासन दिया है। निगम प्रशासन से मिलने वाली ग्रांट का इंतजार कर रहा है। ग्रांट के बाद ही कर्मचारियों को सैलरी मिलेगी। यदि प्रशासन ने ग्रांट नहीं दी तो कर्मचारियों को अप्रैल में ही सैलरी मिलेगी क्योंकि तब नया वित्त वर्ष शुरू हो जाएगा और प्रशासन से 625 करोड़ के ग्रांट इन एड में से पहली किश्त मिलेगी।
वेतन न मिलने से कर्मचारियों की लोन की किस्तें हो रहीं बाउंस
कई कर्मचारियों ने कहा कि सैलरी न मिलने से उनकी लोन की किस्त बाउंस हो गई है। कुछ ने कहा कि उनकी चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अब बच्चों के एडमिशन की महीना चल रहा है। अगर सैलरी नहीं मिली तो बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। कर्मचारियों के परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। सैकड़ों सफाई, सीवर व अन्य कर्मचारी परेशान हैं और जल्द वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं।
तीन महीने से नहीं मिला वेतन, कर्मचारी 10 को करेंगे भूख हड़ताल
आउटसोर्स कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर उनमें रोष है। कर्मचारी 10 मार्च को भूख हड़ताल शुरू करेंगे। कर्मचारी 29 मार्च को कन्वेंशन करेंगे। यह फैसला को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स की गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिया गया। यह बैठक सेक्टर-32 के वाटर वर्क्स में को-ऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में चंडीगढ़ इंजीनियरिंग विभाग के इलेक्टि्रकल सर्किल, पब्लिक हेल्थ सर्कल, कंस्ट्रक्शन सर्किल और नगर निगम चंडीगढ़ में कार्यरत आउटसोर्स वर्करों को तीन महीने से वेतन नहीं दिए जाने की निंदा की गई।
भूख हड़ताल करेंगे कर्मचारी
कमेटी के महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने पर भी वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। प्रशासन और लेबर विभाग की हिदायतों को नजरअंदाज कर आउटसोर्स वर्करों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि 10 से 28 मार्च तक भूख हड़ताल की जाएगी तथा 29 मार्च को कन्वेंशन होगा।