निगम की बैठक में फैसला: इस साल नहीं शुरू होगा कोई नया प्रोजेक्ट, 1628 करोड़ का बजट पास
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नगर निगम में शुक्रवार को सदन की विशेष बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया गया। सदन ने वित्तीय वर्ष के लिए 1628 करोड़ का बजट पास किया है। आयुक्त केके यादव ने बताया कि प्रशासन ने इस साल नगर निगम को 502 करोड़ का बजट आवंटित किया है। वहीं, 469 करोड़ का रेवेन्यू निगम के अपने संसाधनों से जुटाने का लक्ष्य है। हालांकि, इस साल कोई नए कार्य नहीं होंगे। पुराने कार्यों को पूरा करना ही लक्ष्य रखा है।
मेयर रविकांत शर्मा ने अपने भाषण में कहा कि इस साल पांच नए सामुदायिक केंद्र बनाने की योजना है। एक नया फायर स्टेशन बनाने और फायर सेफ्टी ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। साइकिल ट्रैक को मजबूत करने के साथ दक्षिण क्षेत्रों में विकास कार्य पर ध्यान देने की कोशिश करेंगे। इस साल कोई टैक्स नहीं लगेगा।
नगर निगम के खुद का खर्च और कर्मचारियों की सैलरी 500 करोड़ रुपये है। वहीं, 150 करोड़ रुपये हर साल बिजली बिल देना होता है। नगर निगम ने कैपिटल हेड में 443 करोड़ और रेवेन्यू हेड में 1197 करोड़ का बजट रखा है। अब यह बजट अंतिम निर्णय के लिए प्रशासन के पास भेजा जाएगा।
चतुर्थ दिल्ली फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट पर मांगी ग्रांट
निगम आयुक्त ने कहा कि यह बजट चतुर्थ दिल्ली फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी का 30, स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन का 100, स्टेट एक्साइज का 30, सेल्स टैक्स का 30, गाड़ियों पर टैक्स का 100, सामान व सवारियों पर टैक्स का 25 प्रतिशत भाग और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी का 26 करोड़ रुपये निगम को मिलना चाहिए।
इस आधार पर 1176 करोड़ का बजट तैयार किया गया है। हमने रिपोर्ट प्रशासन को भेजी थी, प्रशासन ने यह रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। उम्मीद है वहां से जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। 971 करोड़ तो निगम ने अपना रेवेन्यू दिखा दिया लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 657 करोड़ रुपये निगम कहां से लाएगा।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में आया रेवेन्यू (करोड़ में)
- मद रेवेन्यू निगम का भाग
- जीएसटी 1425.44 427
- स्टांप और रजिस्ट्रेशन 245.66 245.66
- स्टेट एक्साइज 645.25 193.58
- सेल्स टैक्स 449.90 134.97
- गाड़ियों पर टैक्स 171.23 171.23
- सामान व सवारियों पर टैक्स 12.10 3.03
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 26 26
- कुल 2975.88 1176.09
पिछले साल भी मांगे थे 1349 करोड़, मिले 425 करोड़
निगम ने पिछले साल 1349 करोड़ का बजट तैयार किया था। हालांकि, प्रशासन से 425 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। बाद में कोरोना के कारण 20 प्रतिशत बजट में कटौती भी की गई लेकिन निगम के अनुरोध पर पूरा बजट देने का फैसला किया गया। निगम की वित्तीय हालत को देखते हुए प्रशासन ने 75 करोड़ रुपये और स्वीकृत कर दिए। इस तरह निगम को पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 500 करोड़ रुपये मिले।
निगम का व्यय
- बिल्डिंग व रोड - 80 करोड़
- सिविक कार्य - 43 करोड़
- पेयजल आपूर्ति - 55 करोड़
- सीवरेज - 27 करोड़
- स्टॉर्म वाटर लाइन - 8 करोड़
- इलेक्ट्रिसिटी - 6 करोड़
- बागवानी - 15 करोड़
- व्यावसायिक भवन - 23 करोड़
- गांव - 47.25 करोड़
- ईडब्ल्यूएस कॉलोनी - 18.50 करोड़
- माइनर इरिगेशन- 10.25 करोड़
- एमओएच - 24.90 करोड़
- अग्निशमन विभाग - 9.40 करोड़
- ट्रांसपोर्ट- 31 करोड़
- वार्ड डेवलपमेंट फंड - 23.60 करोड़
- स्वच्छ भारत मिशन - 4 करोड़
- आवासीय भवन - 7 करोड़
- प्राथमिक चिकित्सा - 80 लाख
- सहज सफाई केंद्र -400 करोड़