चंडीगढ़ निगम चुनाव: आयोग की अधूरी तैयारी, नहीं मिली मतदाता पर्ची, भटकते रहे बुजुर्ग, मतदान करने पहुंचे तो पता चला कोई और डाल गया
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ। इस दौरान चुनाव आयोग की अधूरी तैयारियों की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग मतदान करने के लिए भटकते रहे तो बहुत से घरों में मतदाता पर्ची नहीं पहुंची।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नगर निगम चुनाव में चुनाव आयोग की अधूरी तैयारियां रहीं। कॉलोनी क्षेत्रों में मतदाताओं के घर मतदाता पर्ची ही नहीं पहुंची। इस कारण लोग नजदीकी बूथों पर भटकते रहे और कई परेशान होकर बिना वोट दिए ही लौट गए। मतदान बूथ पर लोग पहुंचे लेकिन चुनाव आयोग की लापरवाही की वजह से वोट नहीं दे पाए। वार्ड नंबर 9, 20, 51 आदि के इलाकों में मतदाताओं को परेशानी हुई। मौके पर उनकी शिकायत की सुनवाई करने वाला और समस्या को सुलझाने के लिए भी कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
शहर के कॉलोनी नंबर-4, संजय कॉलोनी, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, कबाड़ी कॉलोनी, मौलीजागरां, धनास कच्ची कॉलोनी, फैदा गांव, हल्लोमाजरा, मलोया गांव आदि में सैकड़ों लोगों को मतदाता पर्ची घर में नहीं पहुंचाई गई थी। अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने बूथों से कुछ दूरी पर बेंच लगाए हुए थे और लोगों को पर्चियां दे रहे थे। लोगों ने बताया कि इस बार कुछ भी व्यवस्थित नहीं था, पहली बार चुनाव में इतनी परेशानी हो रही है।
76 वर्षीय बुजुर्ग भटकते रहे मतदान करने के लिए
कॉलोनी नंबर चार के ई- ब्लॉक में रहने वाले 76 वर्षीय बुजुर्ग अला रक्खा ने बताया कि उनके घर पर मतदाता पर्ची नहीं पहुंची थी। इसलिए वे हमेशा की तरह सुबह के समय लगभग दो किमी पैदल चलकर सीटीयू वर्कशॉप में बने बूथ पर मतदान करने पहुंचे। जब अंदर गए तो डेस्क पर उन्हें बताया गया कि आपका वोट पॉल्ट्री फॉर्म इंडस्ट्रियल एरिया में है, वहां जाए। इसके बाद बाहर पड़ोसी को बताने पर जब उसके साथ पूछने गया तो बताया कि आपका मतदान केंद्र संपर्क केंद्र इंडस्ट्रियल एरिया में हैं। अब समझ नहीं आ रहा इतनी दूर वापस कैसे और कौन से केंद्र पर मतदान के लिए जाऊं।
मतदान करने पहुंचे तो पता चला कोई और डाल गया
नगर निगम चुनाव में कुछ लोगों को बिना मतदान किए मायूस लौटना पड़ा। जब वह पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो पता चला कि उनका वोट तो पहले ही कोई डाल चुका है। बापूधाम, मनीमाजरा और सेक्टर-29 इस तरह के पांच मामले सामने आए। बापूधाम में लोगों ने बहस की तो अधिकारियों ने वोट डालने दिया लेकिन मनीमाजरा के दो लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, सेक्टर 29 स्थित केंद्रीय विद्यालय में बनाए गए पोलिंग बूथ पर दो लोगों के वोट उनके आने से पहले ही डाले जाने की सूचना मिली। उन्होंने वहां मौजूद थाना प्रभारी से इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि इस बारे में आयोग के अधिकारियों से बात की जाएगी। बाद में उन्हें बिना वोट डाले ही लौटना पड़ा।
चुनाव आयोग चाहे लाख पारदर्शिता का दावा करे लेकिन व्यवस्था में खामी तो रह ही जाती है। बापूधाम में पोलिंग बूथ पर सुबह लगभग 9 बजे हंगामा हो गया। बूथ वोट डालने पहुंची बिंदु ने बताया कि उनके नाम के आगे पहले ही वोट डाले जाने का निशान लगा है। इस पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कमल शर्मा महिला को फिर से बूथ में लेकर गए और बताया कि दस्तावेज महिला के हाथ में हैं, उंगली पर कोई निशान नहीं है, फिर कैसे वोट डल गया। लगभग 45 मिनट तक चली बहस के बाद महिला को वोट डालने की अनुमति दी गई।
इधर, दोपहर में मनीमाजरा के मॉडर्न कांप्लेक्स निवासी दो लोगों का वोट भी कोई डाल गया। उन्होंने बीएलओ को इसकी सूचना दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मकान नंबर 5224 के कुलदीप सिंह ने बताया कि उनका वोट कोई और डाल गया है, यह सुनते ही बड़ी हैरानी हुई। उनका कहना था कि इतनी सुरक्षा के बाद कैसे कोई दूसरा व्यक्ति वोट डालकर जा सकता है। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि मॉडर्न कांप्लेक्स के मकान नंबर 5021/3 निवासी वितिका को भी बूथ पर जाकर पता चला कि उनका वोट कोई और डाल चुका है। वहां मौजूद डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि कुलदीप सिंह के नाम पर वोट डालने वाले का रिकॉर्ड चेक किया जाए। वहीं, इस मामले को लेकर वितिका ने राज्य चुनाव आयुक्त को लिखित में शिकायत दे दी है।
दिव्यांग मतदाता दिखे लाचार
राज्य चुनाव आयोग ने दावा किया था कि शहर के सभी मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर मौजूद रहेगा ताकि किसी भी दिव्यांग मतदाता को समस्या न झेलनी पड़े। लेकिन हकीकत आयोग के दावे से दूर नजर आई। शहर के कई मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर का इंतजाम नहीं था। इस वजह से कई मतदाता वोट नहीं डाल सके।
सेक्टर-25 निवासी 24 वर्षीय मोनिका ने बताया कि वह बचपन से दिव्यांग हैं। उनका पोलिंग बूथ यूआईईटी के ब्लॉक नंबर-2 में बना था। बताया कि वो पहले सुबह अपने माता-पिता के साथ वोट देने गईं लेकिन व्हीलचेयर नहीं होने की वजह से वापस आ गईं। इसके बाद माता-पिता ने जाकर अपना वोट दिया। शाम को फिर वह माता-पिता के साथ वोट देने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचीं।
सोचा था कि शाम तक तो व्हीलचेयर की व्यवस्था हो गई होगी लेकिन उन्हें बूथ पर पुलिसकर्मियों द्वारा मना कर दिया गया। ऐसे में उन्हें वोट दिए बिना ही लौटना पड़ा। मोनिका ने कहा कि वो बेहद दुखी हैं कि चुनाव आयोग की व्यवस्था की वजह से वोट नहीं दे पाईं। मोनिका ने अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया पर भी साझा किया और पूछा कि चुनाव आयोग ने पहले से इसकी तैयारी क्यों नहीं की थी।
मतदान करने जाते दिव्यांग प्रदीप कुमार।
रेंगकर वोट देने पहुंचे दिव्यांग प्रदीप, नहीं मिला व्हीलचेयर
मलोया के पोलिंग बूथ पर भी चुनाव आयोग की ओर से माकूल व्यवस्था नजर नहीं आई। मलोया के स्कूल में भारी भीड़ के बीच दिव्यांग प्रदीप कुमार वोट डालने पहुंचे। हर कोई प्रदीप के जज्बे को देखकर हैरान था क्योंकि दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वह वोट डालने पहुंचे थे। प्रदीप मतदान केंद्र के पास रेंगकर चल रहे थे लेकिन यहां व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने काफी देर तक इंतजार किया कि कोई उनकी मदद करेगा लेकिन सभी लाचार नजर आए। इसके बाद किसी तरह उन्होंने वोट डाला। इस अव्यवस्था से लोग काफी नाराज दिखे।