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हाउस और प्रापर्टी टैक्स महंगा, 25 प्रतिशत ज्यादा लगेगा टैक्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Jun 2017 09:16 AM IST
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चंडीगढ़ नगर निगम
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प्रापर्टी और हाउस टैक्स वीरवार से महंगा हो जाएगा। अब लोगों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स अदा करना पड़ेगा। साथ ही 12 प्रतिशत ब्याज भी चार्ज किया जाएगा। शहरवासियों को अप्रैल से मई माह तक सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत हाउस टैक्स पर 20 प्रतिशत और प्रापर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी। बुधवार को दोनों टैक्सों पर मिलने वाली छूट समाप्त हो गई।
हाउस टैक्स से हो चुकी है 3.22 करोड़ की कमाई
नगर निगम अब तक 5 करोड़ की राशि हाउस टैक्स से कमा चुका है। निगम के अनुसार शहर में 83 हजार लोग हाउस टैक्स देते हैं। इनमें से लगभग 30 हजार लोगों का हाउस टैक्स जमा हो चुका है। लेकिन अगले वित्तीय सत्र से यह छूट नहीं मिलेगी। सिर्फ प्रापर्टी टैक्स की तर्ज पर अप्रैल और मई माह में हाउस टैक्स जमा करवाने वालों को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पिछले साल अब तक 2.7 करोड़ रुपये की कमाई हाउस टैक्स से हुई थी।
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हाउस टैक्स से हो चुकी है 3.22 करोड़ की कमाई
नगर निगम अब तक 5 करोड़ की राशि हाउस टैक्स से कमा चुका है। निगम के अनुसार शहर में 83 हजार लोग हाउस टैक्स देते हैं। इनमें से लगभग 30 हजार लोगों का हाउस टैक्स जमा हो चुका है। लेकिन अगले वित्तीय सत्र से यह छूट नहीं मिलेगी। सिर्फ प्रापर्टी टैक्स की तर्ज पर अप्रैल और मई माह में हाउस टैक्स जमा करवाने वालों को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पिछले साल अब तक 2.7 करोड़ रुपये की कमाई हाउस टैक्स से हुई थी।
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प्रापर्टी टैक्स से इकट्ठा हो चुका है 10 करोड़
नगर निगम चंडीगढ़
कामर्शियल इमारतों पर लगे प्रापर्टी टैक्स से चालू वित्तीय वर्ष के दौरान निगम को अब तक 10 करोड़ राजस्व की प्राप्ति हुई है। नगर निगम के अनुसार 23 हजार व्यापारी हर साल प्रापर्टी टैक्स अदा करते हैं। इनमें से अब तक 15 हजार व्यापारी प्रापर्टी टैक्स जमा करवा चुके हैं। पिछले साल अब तक छह करोड़ रुपये की कमाई प्रापर्टी टैक्स से हुई थी। नगर निगम ने 20 करोड़ रुपये की राशि डिफाल्टराें से भी लेनी है जिन्होंने अभी तक प्रापर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया है।
फौजी परिवारों में भारी रोष
रिटायर्ड मेजर एवं मनोनीत पार्षद डीएस संधू का कहना है कि इस फैसले से फौजी परिवारों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
सभी रेजिडेंशियल और कामर्शियल प्रापर्टी का जीआईसी डिजिटाइजेशन टेक्नोलॉजी के तहत सर्वे अगले माह से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर हो चुका है और यह काम इसी माह से शुरू हो जाएगा। इस समय निगम के पास कोई सर्वे नहीं है।सर्वे होने पर नए लोगों का भी पता लगेगा जो टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं।
चरणजीव सिंह, चेयरमैन, हाउस टैक्स कमेटी
फौजी परिवारों में भारी रोष
रिटायर्ड मेजर एवं मनोनीत पार्षद डीएस संधू का कहना है कि इस फैसले से फौजी परिवारों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
सभी रेजिडेंशियल और कामर्शियल प्रापर्टी का जीआईसी डिजिटाइजेशन टेक्नोलॉजी के तहत सर्वे अगले माह से शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर हो चुका है और यह काम इसी माह से शुरू हो जाएगा। इस समय निगम के पास कोई सर्वे नहीं है।सर्वे होने पर नए लोगों का भी पता लगेगा जो टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं।
चरणजीव सिंह, चेयरमैन, हाउस टैक्स कमेटी