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अजीब अनदेखी: बिना पंजीकरण हजारों गर्भवतियों को बांट दिया फोलिक एसिड आयरन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

Wed, 29 Jan 2025 02:50 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 29 Jan 2025 02:50 PM IST
सार

फोलिक एसिड फोलेट नामक विटामिन बी का एक मानव निर्मित रूप है जो कि लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। जन्म की असामान्यताएं गर्भावस्था के शुरुआती 3-4 सप्ताह में होती हैं इसलिए इस समय फोलिक एसिड की जरूरी मात्रा लेना आवश्यक है।

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chandigarh health department Folic acid and iron distributed to thousands  pregnant women without registration
गर्भावस्था - फोटो : Freepik.com

विस्तार

चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की लाभार्थियों के रिकॉर्ड मेंटेन करने को लेकर स्थिति अजीब हो गई है। आलम यह है कि लाभार्थियों के रिकॉर्ड रखने में एक के बाद एक लापरवाही सामने आ रही है। 

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इस बार विभाग ने गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किए बिना उन्हें फोलिक एसिड आयरन बांट दिया। यह हकीकत सामने आने पर विभाग के पास कोई जवाब नहीं है क्योंकि हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम पर विभाग को इन दवाओं के लाभार्थियों की एक-एक सूचना दर्ज करनी है। 
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हैरान करने वाली बात यह है कि 5000 से ज्यादा लाभार्थियों को बिना पोर्टल पर पंजीकृत किए 23 लाख रुपये से ज्यादा की दवाइयां बांट दी गईं। अब सेंट्रल ऑडिट टीम ने इसकी जांच कर आपत्ति उठाई है, जिस पर जवाब मांगे जाने पर विभाग के हाथ खाली हैं।
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यह गड़बड़ी 2020-21 और 2021-22 के बीच की है। इसमें ऑडिट ने जांच के दौरान पाया कि पंजीकृत लाभार्थियों के अतिरिक्त दोनों वर्षों में 5694 उन लाभार्थियों को 23 लाख 52 हजार 86 रुपये की फोलिक एसिड आयरन गोलियां वितरित कर दी गई है, जिनका रिकॉर्ड चेक करने पर पोर्टल पर उनसे संबंधित सूचना ऑडिट टीम को नहीं मिली है।

विभाग की ये पुरानी आदत

स्वास्थ्य विभाग रिकॉर्ड रखने में पहले भी लापरवाही बरत चुका है। ऑडिट रिपोर्ट में चंडीगढ़ के रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ 11 के रिकॉर्ड की जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आ चुका है, जिसमें 2015 से 2023 के बीच पंजीकृत 55 से 60 प्रतिशत गर्भवतियों को टिटनेस की पहली व दूसरी डोज नहीं लगाई गई। 

रिपोर्ट के अनुसार कुल 315661 पंजीकृत गर्भवतियों में से 142193 को पहली और 124886 को दूसरी डोज लगी है। यानी 173468 पहली और 190775 दूसरी डोज से वंचित रहीं। गंभीर बात यह है कि इस संबंध में ऑडिट ने जब विभाग से इसका कारण पूछा तो उन्हें यह जवाब दिया गया कि उन गर्भवती महिलाओं ने निजी केंद्रों से टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया है, जबकि ऑडिट की आपत्ति है कि यह जवाब तर्कसंगत नहीं है। 

क्योंकि सार्वजनिक या निजी क्षेत्र से टिटनेस का इंजेक्शन प्राप्त करने वाली पंजीकृत महिलाओं का उचित रिकॉर्ड मिशन की ओर से बनाए रखा जाना चाहिए था। ऐसी स्थिति में मिशन के तहत प्राप्त लक्ष्य की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

इसलिए जरूरी है ये खुराक

विशेषज्ञ के अनुसार फोलिक एसिड फोलेट नामक विटामिन बी का एक मानव निर्मित रूप है जो कि लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। जन्म की असामान्यताएं गर्भावस्था के शुरुआती 3-4 सप्ताह में होती हैं इसलिए इस समय फोलिक एसिड की जरूरी मात्रा लेना आवश्यक है। इसी दौरान शिशु का मस्तिष्क और मेरुदंड का गठन हो रहा होता है। फोलिक एसिड बहुत जरूरी है क्योंकि यह भ्रूण (गर्भस्थ शिशु) के बनने और विकसित होने में सहायक है। यह शिशु की तंत्रिका नली (न्यूरल ट्यूब) के विकास के लिए जरूरी है, जो मस्तिष्क और मेरुदंड (स्पाइनल कॉर्ड) के विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है। यह तंत्रिका नली में स्पाइना बाईफिडा जैसी असामान्यताओं यानी मेरुदंड के आंशिक विकास अथवा रीढ़ (वर्टीब्रा) और एनेनसेफली यानी मस्तिष्क के महत्वपूर्ण अंगों के आंशिक विकास की आशंका कम कर देता है।

गर्भावस्था में आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां लेने के फायदे

- गर्भावस्था में आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है। एनीमिया में शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं। ये कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं।
- फोलिक एसिड से जन्म दोषों का खतरा कम होता है। फोलिक एसिड मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करता है।
- गर्भावस्था के दौरान रक्त की मात्रा बढ़ जाती है, इसलिए आयरन और फोलिक एसिड की जरूरत बढ़ जाती है।
- फोलिक एसिड शिशु में क्लेफ्ट लिप और पैलेट के खतरे को कम करता है। ये प्रीमेच्योर बर्थ, मिसकैरेज, भ्रूण में शिशु के खराब विकास और जन्म के समय शिशु का वजन कम होने जैसी जटिलताओं से सुरक्षा मिलती है।
- यदि प्रेगनेंट महिला रोज फोलिक एसिड ले तो इससे उनमें प्रीक्लैंपसिया, हार्ट स्ट्रोक, हार्ट डिजीज, कैंसर और अल्जाइमर रोग से बचाव होता है।
- डीएनए के उत्पादन, रिपेयर और कार्यशीलता के लिए फोलिक एसिड जरूरी होता है। ये शिशु और प्लेसेंटा के जल्द विकास में भी जरूरी होता है।

इतनी मात्रा जरूरी

कंसीव करने की कोशिश के दौरान : 400 माइक्रोग्राम
प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने : 400 माइक्रोग्राम
गर्भावस्था के चार से नौ महीने : 600 माइक्रोग्राम
स्तनपान करवाने के दौरान : 500 माइक्रोग्राम

इतने दवा के लाभार्थी का ब्योरा नहीं

वर्ष                                                  2020- 21                       2021- 22
पंजीकृत गर्भवतियों की संख्या              21179                              26004 
इनका रिकॉर्ड नहीं                                4874                                820 
जीएसटी के साथ प्रति लाभार्थी खर्च      446.4 रुपये                        215.04
अतिरिक्त खर्च                               2175753.60 रुपये            176332.80 रुपये
 
 
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