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स्वच्छ सर्वेक्षण: चंडीगढ़ टॉप 50 शहरों में भी नहीं बना पाया जगह, अव्यवस्था और अफसरों की लापरवाही से मिला 66वां स्थान

Sun, 21 Nov 2021 12:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 21 Nov 2021 12:43 AM IST
सार

सर्टिफिकेशन की श्रेणी में शहर को कचरा मुक्त और खुले में शौच मुक्त बनाने के 1800 नंबर मिलते हैं। स्थानीय स्तर पर चंडीगढ़ को कचरा मुक्त शहर बनाने के 200 स्कोर और खुले शौच मुक्त बनाने के लिए 700 स्कोर मिले हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर यह क्रमश: 28.54 और 269.56 स्कोर मिले हैं।

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Chandigarh got 66th place in Swachh Survekshan 2021
चंडीगढ़

विस्तार

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर जारी स्वच्छ सर्वेक्षण 2020-21 के परिणामों ने सिटी ब्यूटीफुल की स्वच्छता की पोल खोल दी है। अव्यवस्था, प्रशासनिक लापरवाही, जागरूकता की कमी जैसे कारणों के चलते देशभर के शहरों की ओवरऑल रैंकिंग में चंडीगढ़ 66वें स्थान पर रहा है। वहीं, दस लाख से अधिक की आबादी वाले 48 शहरों की सूची में शहर आठवें स्थान से लुढ़ककर 16वें स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में वर्ष 2018 में चंडीगढ़ तीसरे पायदान पर था। हालांकि अच्छी खबर यह है कि सफाई मित्र चैलेंज में चंडीगढ़ को अनुपम (स्वर्ण) स्थान मिला है।

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हर साल सफाई पर करोड़ों रुपये फूंकने के बावजूद चंडीगढ़ की सफाई व्यवस्था दिनोंदिन बदहाल होती जा रही है। कुछ साल पहले तक टॉप टेन शहरों की सूची में रहने के बाद अब शहर टॉप 50 शहरों में भी नहीं है। मंत्रालय ने शहर के 26 वार्डों की 1026459 (2011 की जनगणना के अनुसार) जनसंख्या पर सर्वेक्षण किया था। 
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स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को 6 हजार में से 4277.29 नंबर मिले हैं। सर्वेक्षण में बुरी तरह पिछड़ने के बाद शहर को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए अधिकारी फिर से मंथन करने में जुट गए हैं। सफाई मित्र चैलेंज के लिए दिव्य (प्लेटिनम), अनुपम (स्वर्ण), उज्ज्वल (चांदी), उदित (कांसा) और आरोही (आकांक्षी) श्रेणी रखी गईं थीं।  

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मंत्रालय की ओर से कचरा मुक्त शहर और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) शहरों की रैंकिंग भी जारी की गई। कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में चंडीगढ़ को एक स्टार मिला है जबकि इस श्रेणी में सात स्टार तक दिए जाने थे। वहीं, ओडीएफ प्लस प्लस के शहरों की सूची में चंडीगढ़ को वाटर प्लस की श्रेणी में रखा गया है।

तीन श्रेणियों में हुआ सर्वेक्षण

  • सिटीजन वॉयस (1800 अंक)- सुझाव, अनुभव, स्वच्छता एप और इनोवेशन
  • सर्विस लेवल प्रोग्राम (2400 अंक)- कूड़े को अलग-अलग करना, कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था
  • सर्टिफिकेशन (1800 अंक)- कूड़ा मुक्त शहर, ओडीएफ और जलापूर्ति

सफाई व्यवस्था में बुरी तरह पिछड़ा चंडीगढ़

  •  श्रेणी                            स्थानीय स्कोर       राष्ट्रीय स्कोर
  • सर्विस लेवल प्रोग्राम             2004.48        914
  • सिटीजन वॉयस                   1372.81        860
  • सर्टिफिकेशन                         900            298
  • कुल                                    4277.29      2072

सर्विस लेवल प्रोग्राम में पहले ही क्वार्टर से पिछड़ गया शहर

2400 नंबरों के लिए सर्विस लेवल प्रोग्राम में तीन क्वार्टर में रिपोर्ट बनती है। इसमें चंडीगढ़ पहले ही क्वार्टर में पिछड़ गया था।   स्थानीय स्तर पर पहले क्वार्टर में चंडीगढ़ का मात्र 510.96 स्कोर था। दूसरे क्वार्टर में 512.95 और तीसरे क्वार्टर में पूरा जोर लगाने के बाद 980.57 स्कोर हो सका। इस तरह कुल 2004.48 स्कोर बना। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर पहले क्वार्टर में 244.93, दूसरे क्वार्टर में 251.92 और तीसरे क्वार्टर में 416.75 स्कोर रहा। इस तरह चंडीगढ़ का कुल 913.60 स्कोर बना।

लोगों की सहभागिता रही कम
वहीं, लोगों के सुझाव और अनुभव की श्रेणी में शहर को 1800 नंबर मिलने थे। इसमें स्थानीय स्तर पर पूरा प्रयास करने के बाद मात्र 1372.81 स्कोर ही बना सके। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर मात्र 860.25 ही स्कोर बना। वहीं इंदौर और सूरत लोगों की सहभागिता में हमसे काफी आगे रहे।

साल दर साल गिरता जा रहा प्रदर्शन

  • वर्ष        रैकिंग
  • 2017        11
  • 2018        03
  • 2019        20
  • 2020        16

(नोट : दस लाख के ऊपर की आबादी में)

जो खामियां रहीं हैं, उन्हें दूर करेंगे। घरों से कचरा लेने की व्यवस्था को मजबूत करेंगे और कचरे को अलग-अलग करने पर विशेष ध्यान देंगे। डंपिंग ग्राउंड को हटाने और कचरा निस्तारण प्लांट को बेहतर बनाने पर भी जोर देंगे। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम

इस वर्ष घर-घर से कचरा लेने की व्यवस्था को ठीक कर दिया गया है। कर्मचारियों के साथ भी तालमेल बेहतर बना लिया गया है। वाटर प्लस की श्रेणी में हमें बेहतर स्थान मिला है। अब स्वच्छता में भी अब प्रमुख 10 शहरों में आकर दिखाएंगे। -रविकांत शर्मा, मेयर

लगातार गिरती रैंकिंग के लिए भाजपा जिम्मेदार
पिछले पांच वर्षों से भाजपा सत्ता में काबिज है। शहर की सुंदरता का जिम्मेदारी भी उसी की है लेकिन भाजपा ने शहर को स्वच्छ बनाने से ज्यादा दिलचस्पी निजी कंपनियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने में दिखाई। विकास कार्यों की ओर ध्यान दिया होता तो आज चंडीगढ़ की रैंकिंग इतनी खराब नहीं होती। -प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश सह प्रभारी, आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़

26 साल में यह हाल तो नहीं हुआ शहर का
नगर निगम चंडीगढ़ को 26 साल हो गए हैं। इतनी बुरी स्थिति कभी नहीं रही। शहर में सफाई का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। निगम करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, फिर भी स्थिति नहीं सुधर रही। ठीक से विकास कार्यों पर खर्च किया गया होता तो शहर एक नंबर पर होता। - देवेंद्र सिंह बबला, पार्षद व नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस

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