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पंजाब की आबकारी नीति से चंडीगढ़ को झटका: तीन साल में ठेकों के रेट बढ़ने के बजाय घटे, ये है बड़ा कारण

Wed, 12 Mar 2025 01:45 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 12 Mar 2025 01:45 AM IST
सार

पंजाब में एक्साइज और वैट एक फीसदी है, जबकि चंडीगढ़ में एक्साइज ड्यूटी कम से कम 66 रुपये प्रति प्रूफ लीटर से 377 रुपये प्रति प्रूफ लीटर है। वैट 12.50 फीसदी है। इसकी वजह से पंजाब के शराब विक्रेताओं को ज्यादा मार्जिन बचता है, लेकिन चंडीगढ़ में ऐसा नहीं हो पाता।

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Chandigarh  shock due to Punjab's excise policy, instead of increasing contract rates decreased in 3 years
चंडीगढ़ में ठेकों के रेट घटे - फोटो : अमर उजाला/फाइल

विस्तार

पिछले तीन साल में चंडीगढ़ के शराब ठेकों के रिजर्व प्राइज में बढ़ोतरी के बजाय गिरावट दर्ज की गई है। जहां तीन साल पहले तक चंडीगढ़-पंजाब बॉर्डर के ठेके 13 करोड़ रुपये तक बिकते थे, अब वे घटकर 8-9 करोड़ रुपये में सिमट गए हैं। 

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पंजाब की नई आबकारी नीति के चलते चंडीगढ़ को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई ठेकों की बिक्री पर असर पड़ा है और कई लाइसेंस अब तक अनसोल्ड हैं।

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सबसे महंगे धनास के ठेके पर भी असर

पिछले कई साल से धनास का ठेका सबसे महंगा बिकता था। वर्ष 2021-22 में यह ठेका 11.55 करोड़ तो 2022-23 में भी सबसे अधिक 12.78 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था, जबकि इस ठेके का रिजर्व प्राइस 10.39 करोड़ था। 2023-24 में धनास के ठेके का रिजर्व प्राइस सबसे अधिक 11.53 करोड़ तय किया गया, लेकिन किसी ने बोली ही नहीं लगाई। इससे यह ठेका पूरे साल बंद रहा। वर्तमान वित्त वर्ष में 9.17 करोड़ में बिका था तो वर्ष 2025-26 के लिए इसका रिजर्व प्राइस 8.71 लाख रखा गया है।

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ये है कारण

पंजाब की एक्साइज पॉलिसी का चंडीगढ़ पर ऐसा असर पड़ा है कि साल-दर-साल ठेकों के दाम बढ़ने के बजाय कम हो गए। उदाहरण के लिए धनास के ठेके का ही रिजर्व प्राइज पिछले तीन साल में 2.81 करोड़ रुपये कम हो गया है। इसका कारण धनास के पास मुल्लांपुर बैरियर पर ही ठेका है। बोतलों के दामों में भी ज्यादा अंतर नहीं है, इसलिए लोग वहीं से खरीद लेते हैं। पलसोरा का ठेका भी जो कभी 12 करोड़ का बिकता था, अब 10 करोड़ तक पहुंच गया है।

वहीं, कलेर वाइंस के दर्शन सिंह कलेर ने कहा कि लगातार चंडीगढ़ के ठेके अनसोल्ड जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी हकीकत को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। शराब विक्रेता कई समस्याओं से परेशान हैं।

पंजाब की इस नीति से चंडीगढ़ का बिजनेस हिला

पंजाब में एक्साइज और वैट एक फीसदी है, जबकि चंडीगढ़ में एक्साइज ड्यूटी कम से कम 66 रुपये प्रति प्रूफ लीटर से 377 रुपये प्रति प्रूफ लीटर है। वैट 12.50 फीसदी है। इसकी वजह से पंजाब के शराब विक्रेताओं को ज्यादा मार्जिन बचता है, लेकिन चंडीगढ़ में ऐसा नहीं हो पाता। हालांकि ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए पंजाब में चंडीगढ़ से थोड़ी महंगी ही शराब बिक रही है। इसकी वजह से कई ठेकेदार चंडीगढ़ के बजाय पंजाब में जाकर काम करने लगे हैं। कइयों ने बोलियों में भी हिस्सा लेना बंद कर दिया है।

2023-24 में पहली बोली में अधिकतर ठेके रह गए थे अनसोल्ड

वर्ष 2023-24 में ठेकों की पहली बोली में 50 प्रतिशत से अधिक ठेकों के लिए कोई बोलीदाता ही नहीं मिला था। 95 ठेकों में से सिर्फ 43 ही बिके। 2024-25 में एक्साइज विभाग ने 97 ठेकों की नीलामी कर करीब 1000 करोड़ कमाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सिर्फ 89 ठेके ही बिके। बाद में 4 ठेके बंद भी हो गए। ऐसे में एक्साइज विभाग को 743 करोड़ की ही आमदनी हुई थी।

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