चंडीगढ़। जिला अदालत ने मंगलवार को 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी राजेश चौहान को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने कहा कि यह गंभीर अपराध है। यह एक बच्ची नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करने वाली घटना है, इसलिए सख्त सजा सुनाई गई है। अदालत ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी से पीड़ित बच्ची को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की सिफारिश भी की है।
पुलिस ने 27 जून 2019 को बच्ची की शिकायत पर राजेश चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया था। बच्ची ने पुलिस को बताया कि राजेश चौहान ने उसके साथ गलत हरकत की थी और यह बात किसी को न बताने के लिए धमकाया था। बच्ची के परिजनों ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्ची की निशानदेही पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से आरोपी जेल में ही है। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि उसे झूठे केस में फंसाया गया है, लेकिन अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि बच्ची ने शारीरिक और मानसिक रूप से जो प्रताड़ना झेली है, उसकी भरपाई पैसों से नहीं हो सकती है, लेकिन फिर भी बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए मुआवजा मिलना चाहिए। बच्ची के नाम पर 3 लाख रुपये की एफडी करवाई जाएगी, जो उसे बालिग होने पर मिलेगी।