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Chandigarh: महादेव एप से करोड़ों की ठगी करने का मामला, तीन ठगों को साइबर सेल ने किया गिरफ्तार
Wed, 25 Sep 2024 11:16 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 25 Sep 2024 11:16 AM IST
सार
महादेव एप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया जा रहा है। इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।जो गरीब लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे।
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साइबर फ्राड
- फोटो : Freepik
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विस्तार
महादेव एप से जुड़े तीन साइबर ठगों को चंडीगढ़ साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में छत्तीसगढ़ निवासी दीपक शर्मा, पुष्पेंद्र, और बलाचौर निवासी सुशील मिश्रा शामिल हैं।
पुलिस को इन तीनों के पास से कई संदिग्ध चैट्स मिली हैं, जिनसे पता चला है कि ये आरोपी महादेव एप के नेटवर्क के जरिए ठगी कर रहे थे। महादेव एप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया जा रहा है। इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
जो गरीब लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ये खाते महादेव एप के जरिए देशभर में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इस एप के जरिए अब तक कई राज्यों में हजारों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं और इसके खिलाफ कई केस भी दर्ज हो चुके हैं। गिरोह का सरगना, जो हर खाते के लिए इन ठगों को 10 हजार रुपये देता था, फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी चंडीगढ़ के एक होटल में ठहरे हुए थे, जहां उनकी एंट्री होटल के रजिस्टर में नहीं की गई थी। अविनाश, जो चंडीगढ़ के एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है, इन ठगों की मदद से फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। अंकित जैन, जो बीटेक पास है, ने महादेव एप से फ्रेंचाइजी ली थी और इसी एप के माध्यम से सट्टेबाजी कर लोगों से ठगी करता था। महादेव एप के माध्यम से देशभर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, और इसके खिलाफ कई राज्यों में पहले से ही मामले दर्ज हैं।
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पुलिस को इन तीनों के पास से कई संदिग्ध चैट्स मिली हैं, जिनसे पता चला है कि ये आरोपी महादेव एप के नेटवर्क के जरिए ठगी कर रहे थे। महादेव एप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए किया जा रहा है। इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
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जो गरीब लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। ये खाते महादेव एप के जरिए देशभर में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इस एप के जरिए अब तक कई राज्यों में हजारों लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं और इसके खिलाफ कई केस भी दर्ज हो चुके हैं। गिरोह का सरगना, जो हर खाते के लिए इन ठगों को 10 हजार रुपये देता था, फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी चंडीगढ़ के एक होटल में ठहरे हुए थे, जहां उनकी एंट्री होटल के रजिस्टर में नहीं की गई थी। अविनाश, जो चंडीगढ़ के एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है, इन ठगों की मदद से फर्जी बैंक खाते खुलवाता था। अंकित जैन, जो बीटेक पास है, ने महादेव एप से फ्रेंचाइजी ली थी और इसी एप के माध्यम से सट्टेबाजी कर लोगों से ठगी करता था। महादेव एप के माध्यम से देशभर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, और इसके खिलाफ कई राज्यों में पहले से ही मामले दर्ज हैं।