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सावधान! इन जगहों पर खड़ा किया वाहन तो नगर निगम करेगा जब्त, चुकाना पड़ेगा जुर्माना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Jul 2018 09:38 AM IST
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12 दिन बाद नगर निगम फिर से नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को उठाने की कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। गुरूवार को सेक्टर-17 और 34 में नो पार्किंग जोन और सरकारी मैदानों में खड़े वाहनों को जब्त किया जाएगा। मालूम हो कि इस माह के पहले सप्ताह में नगर निगम ने नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को उठाने की ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी, जिससे शहर में अफरातफरी मच गई थी।
अब गुरूवार से दोबारा शुरू होने जा रहे इस अभियान के लिए नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया है। यह अभियान 31 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। ज्वाइंट कमिश्नर तेजदीप सैनी ने अलग-अलग दिन के लिए गठित टीमों को सुबह 9 से 11 बजे तक पहले लोगों को जागरूक करने और फिर उसके बाद कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
मालूम हो कि नगर निगम की ओर से जब्त किए हुए वाहनों को रिलीज करवाने में एक तो ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं जुर्माना भी ज्यादा अदा करना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा जो वाहन जब्त किए जा रहे हैं, उसमें ऑन द स्पॉट जुर्माना वसूलने की सुविधा नहीं है जबकि ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही जुर्माना अदा करने की सुविधा देता है।
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नगर निगम की ओर से नो पार्किंग में पार्क कार का 1500 रुपये जुर्माना वसूल किया जाता है जबकि ट्रैफिक पुलिस अगर जेसीबी मशीन द्वारा कार उठाकर नहीं ले जाती सिर्फ कलंप लगाती है तो पुलिस 300 रुपये जुर्माना लेकर वाहन छोड़ देती है जबकि नगर निगम का फिक्स जुर्माना 1500 रुपये तय है। नगर निगम के अनुसार जुर्माना की राशि 500 और जबकि एक हजार रुपये रिमूवल खर्चा शामिल है। लोगों का आरोप है कि पेड पार्किंग चलाने वाली कंपनी को फेवर करने के लिए नगर निगम यह अभियान चलाता है ताकि लोग इधर उधर वाहन न पार्क करके पेड पार्किंग में शुल्क अदा करके वाहन पार्क करें।
अब तक नहीं लगे नो पार्किंग के बोर्ड
नगर निगम की ओर से खाली पड़े सरकारी ग्राउंड में पार्क वाहन जब्त किए जाते हैं जबकि वहां पर नो पार्किंग का कोई बोर्ड नहीं लगा होता। इस कारण लोगों को पता नहीं चलता कि उक्त एरिया नो पार्किंग जोन है। बता दें कि नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर ने तीन सप्ताह पहले चीफ ही इंजीनियर को ऐसी जगहों पर नो पार्किंग के बोर्ड लगाने को कहा था लेकिन अब तक इंजीनियरिंग विंग की ओर से यह बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। बता दें कि नगर निगम ने एक से 7 जुलाई तक सेक्टर-17, 22 और 34 से अब तक 658 वाहन (कार और दोपहिया) जब्त किए थे। ये सभी वाहन नो पार्किंग और सरकारी ग्राउंड में पार्क थे।
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अब गुरूवार से दोबारा शुरू होने जा रहे इस अभियान के लिए नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया है। यह अभियान 31 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा। ज्वाइंट कमिश्नर तेजदीप सैनी ने अलग-अलग दिन के लिए गठित टीमों को सुबह 9 से 11 बजे तक पहले लोगों को जागरूक करने और फिर उसके बाद कार्रवाई शुरू करने को कहा है।
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मालूम हो कि नगर निगम की ओर से जब्त किए हुए वाहनों को रिलीज करवाने में एक तो ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं जुर्माना भी ज्यादा अदा करना पड़ रहा है। नगर निगम द्वारा जो वाहन जब्त किए जा रहे हैं, उसमें ऑन द स्पॉट जुर्माना वसूलने की सुविधा नहीं है जबकि ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही जुर्माना अदा करने की सुविधा देता है।
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नगर निगम की ओर से नो पार्किंग में पार्क कार का 1500 रुपये जुर्माना वसूल किया जाता है जबकि ट्रैफिक पुलिस अगर जेसीबी मशीन द्वारा कार उठाकर नहीं ले जाती सिर्फ कलंप लगाती है तो पुलिस 300 रुपये जुर्माना लेकर वाहन छोड़ देती है जबकि नगर निगम का फिक्स जुर्माना 1500 रुपये तय है। नगर निगम के अनुसार जुर्माना की राशि 500 और जबकि एक हजार रुपये रिमूवल खर्चा शामिल है। लोगों का आरोप है कि पेड पार्किंग चलाने वाली कंपनी को फेवर करने के लिए नगर निगम यह अभियान चलाता है ताकि लोग इधर उधर वाहन न पार्क करके पेड पार्किंग में शुल्क अदा करके वाहन पार्क करें।
अब तक नहीं लगे नो पार्किंग के बोर्ड
नगर निगम की ओर से खाली पड़े सरकारी ग्राउंड में पार्क वाहन जब्त किए जाते हैं जबकि वहां पर नो पार्किंग का कोई बोर्ड नहीं लगा होता। इस कारण लोगों को पता नहीं चलता कि उक्त एरिया नो पार्किंग जोन है। बता दें कि नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर ने तीन सप्ताह पहले चीफ ही इंजीनियर को ऐसी जगहों पर नो पार्किंग के बोर्ड लगाने को कहा था लेकिन अब तक इंजीनियरिंग विंग की ओर से यह बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। बता दें कि नगर निगम ने एक से 7 जुलाई तक सेक्टर-17, 22 और 34 से अब तक 658 वाहन (कार और दोपहिया) जब्त किए थे। ये सभी वाहन नो पार्किंग और सरकारी ग्राउंड में पार्क थे।