चंडीगढ़: पीजीआई में बनेगा प्लाज्मा बैंक, प्राइवेट अस्पतालों में रिजर्व होंगे 25 प्रतिशत बेड
- लोगों पर नजर रखने के लिए बनेंगी कमेटियां, पार्षद और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे
- ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को दी जाएगी कोविड की जानकारी, प्रशासक ने दिए आदेश
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कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा की उपलब्धता को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्लाज्मा बैंक न होने और डोनर न मिलने से यह समय पर नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है। मरीजों को प्लाज्मा आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पीजीआई में प्लाज्मा बैंक स्थापित करने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसमें मंगलवार को पार्षदों के साथ बैठक में उनकी ओर से दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए कई आदेश जारी किए गए। प्रशासक ने आदेश दिए कि पीजीआई प्लाज्मा बैंक बनाने के साथ यह भी अध्ययन करे कि प्लाज्मा से ठीक होने वाले मरीजों को किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं आ रही।
दरअसल, प्लाज्मा थैरेपी में कोरोना से ठीक हो चुके मरीज के शरीर से प्लाज्मा लिया जाता है। यह प्लाज्मा उसके खून में बनता है। इसकी मदद से एक से दो और मरीजों को ठीक किया जा सकता है। सिर्फ वही ब्लड इस्तेमाल में लाया जाता है, जिसमें कोरोना संक्रमण से लड़ने की एंटीबॉडी होती है। ऐसे में जो मरीज अभी-अभी इस वायरस से ठीक हुआ है, उसके शरीर में एंटीबॉडी बना होता है।
वही एंटीबॉडी उसके शरीर से निकालकर दूसरे बीमार मरीज में डाल दिया जाता है। जैसे ही यह एंटीबॉडी शरीर में जाता है, मरीज पर असर करना शुरू कर देता है और वायरस कमजोर होने लगता है, इससे मरीज के ठीक होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को कोरोना के प्रति किया जाएगा जागरूक
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने आदेश जारी किए कि शहर के सभी प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम में 25 प्रतिशत बेड कोरोना वायरस के मरीजों के लिए सुरक्षित रखे जाएं। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को आदेश दिए कि वह शहर के पार्षदों और अधिकारियों समेत विभिन्न इलाकों में लोकल एरिया कमेटियां बनाएं, जो कि उन लोगों पर नजर रख सकें, जो मास्क नहीं पहन रहे और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
बदनौर ने शिक्षा विभाग के निदेशक को आदेश दिए कि चल रहे ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान बच्चों को कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी दी जाए व उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। बदनौर ने डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिए कि वह रैपिड एंटीजन टेस्टिंग के जरिए शहर के विभिन्न मार्केटों में कार्य करने वाले लोगों और वेंडर्स की कोरोना जांच करें।
शहरभर में अब तक हुए 2,692 रैपिड टेस्ट
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने बताया कि कोविड वार्ड में 137 कोरोना वायरस के मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 44 चंडीगढ़ से, 55 पंजाब से, 14 हरियाणा से, 11 हिमाचल व बाकी अन्य राज्यों से हैं। उन्होंने बताया कि पीजीआई की ओर से लिए गए 733 कोविड सैंपल में से 102 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें से 69 लोग चंडीगढ़ के हैं।
जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि उन्होंने 238 सैंपल लिए, जिसमें से चंडीगढ़ के 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पिछले दो दिनों में 78 लोग ठीक होकर घर लौटे हैं। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज डॉ. जी दीवान ने बताया कि वह अभी तक शहर में 20,458 एंटीजन टेस्टिंग कर चुके हैं, जिसमें से 2,692 रैपिड एंटीजन टेस्टिंग हुई है।