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स्थिति गम्भीर, 15 दिनों में कोरोना से 38 मरीजों की मौत
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चंडीगढ़। शहर में कोरोना संक्रमण दर घट रही है, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। रोजाना दो से तीन मौतें हो रही हैं। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। पिछले 15 दिनों में 38 मरीजों की मौत हुई है।
चिंता की बात यह है कि तीसरी लहर भी बुजुर्गों व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए घातक साबित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण दर कम होने के बावजूद मौतों का बढ़ना स्थिति की गंभीरता को दर्शा रहा है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। वहीं, बुजुर्ग व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवानी जरूरी है, ताकि उन्हें संक्रमण से बचाव में मदद मिल सके।
मृतकों में 95 प्रतिशत बुजुर्ग और बीमार
कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में भी सबसे ज्यादा बुजुर्ग और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की मौत हो रही है। पिछले 15 दिनों में 38 मौतों में 95 प्रतिशत बुजुर्ग और अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों पर संक्रमण की गंभीरता सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा सामने आ रही है। इससे उनकी स्थिति तेजी से खराब हो रही है। अस्पताल में भर्ती 3 से 4 प्रतिशत मरीजों में भी एक तिहाई से ज्यादा संख्या इनकी ही है।
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टीकाकरण के बाद भी एहतियात जरूरी
पीजीआई डीन एकेडमिक प्रो. जीडी पुरी का कहना है कि कोरोना का टीका संक्रमण से बचाव में मददगार है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि टीका लगने के बाद हमें संक्रमण नहीं होगा। यह बेहद जरूरी है कि बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के साथ अन्य लोग जल्द से जल्द टीका लगवाएं और मास्क, सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन के मानकों का पालन सुनिश्चित करें क्योंकि टीका तभी कारगर साबित होगा, जब संक्रमण के बचाव के मानकों का सहयोग उसे मिलेगा।
कोट-
तीसरी लहर में भी सबसे ज्यादा बुजुर्ग व अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीज ही गंभीर संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जरूरी है कि लोग बचाव के मानकों का पालन सुनिश्चित करें क्योंकि टीका लगने के बाद भी संक्रमण का खतरा बरकरार है।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
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चिंता की बात यह है कि तीसरी लहर भी बुजुर्गों व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए घातक साबित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण दर कम होने के बावजूद मौतों का बढ़ना स्थिति की गंभीरता को दर्शा रहा है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। वहीं, बुजुर्ग व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवानी जरूरी है, ताकि उन्हें संक्रमण से बचाव में मदद मिल सके।
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मृतकों में 95 प्रतिशत बुजुर्ग और बीमार
कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में भी सबसे ज्यादा बुजुर्ग और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की मौत हो रही है। पिछले 15 दिनों में 38 मौतों में 95 प्रतिशत बुजुर्ग और अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों पर संक्रमण की गंभीरता सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा सामने आ रही है। इससे उनकी स्थिति तेजी से खराब हो रही है। अस्पताल में भर्ती 3 से 4 प्रतिशत मरीजों में भी एक तिहाई से ज्यादा संख्या इनकी ही है।
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टीकाकरण के बाद भी एहतियात जरूरी
पीजीआई डीन एकेडमिक प्रो. जीडी पुरी का कहना है कि कोरोना का टीका संक्रमण से बचाव में मददगार है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि टीका लगने के बाद हमें संक्रमण नहीं होगा। यह बेहद जरूरी है कि बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के साथ अन्य लोग जल्द से जल्द टीका लगवाएं और मास्क, सामाजिक दूरी व सैनिटाइजेशन के मानकों का पालन सुनिश्चित करें क्योंकि टीका तभी कारगर साबित होगा, जब संक्रमण के बचाव के मानकों का सहयोग उसे मिलेगा।
कोट-
तीसरी लहर में भी सबसे ज्यादा बुजुर्ग व अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीज ही गंभीर संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जरूरी है कि लोग बचाव के मानकों का पालन सुनिश्चित करें क्योंकि टीका लगने के बाद भी संक्रमण का खतरा बरकरार है।
-डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य