फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh : 'Change in mindset will reduce sexual harassment'

चंडीगढ़ : ‘मानसिकता में बदलाव से यौन उत्पीड़न होगा कम’

Sat, 27 Mar 2021 02:40 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 02:40 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh : 'Change in mindset will reduce sexual harassment'
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हरासमेंट ऑफ वुमन (पीयू कैश) ने एमसीएम कॉलेज-36 के साथ मिलकर कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न पर कार्यशाला आयोजित की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता नेशनल कमीशन फॉर वुमन (एनसीडब्ल्यू), नई दिल्ली की अध्यक्ष रेखा शर्मा मुख्य वक्ता रहीं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए पितृसतात्मक मानसिकता में बदलाव जरूरी है। उन्होंने महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्यस्थल व वातावरण सुनिश्चित करने की अनिवार्यता पर जोर दिया। यह कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। अगर वातावरण अच्छा होगा तो महिलाएं घर से बाहर कार्यस्थल पर सुरक्षित महसूस करेंगी।
विज्ञापन

रेखा शर्मा ने बताया कि कार्यस्थल पर पुरुष कर्मचारियों और आंतरिक समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के लिए जागरूकता और लिंग संवेदीकरण से संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन करवाए जाने चाहिएं। एमसीएम प्राचार्या डॉ. निशा भार्गव ने कहा कि कॉलेज स्थापना के बाद से ही एमसीएम शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। कॉलेज में वुमन डेवलपमेंट सेल, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी और इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेल जैसे समितियों की स्थापना कर एक सामंजस्यपूर्ण कार्यस्थली बनाई गई है, लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल बनाने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। बहुत से दफ्तरों और कंपनियों में महिलाओं के लिए यौन शोषण से निपटने के लिए कमेटी नहीं बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

100 प्रतिभागियों ने कार्यशाला में लिया हिस्सा
कार्यशाला में लगभग 100 के करीब प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला ऑनलाइन माध्यमों पर भी प्रसारित की गई थी, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण के प्रति जागरूक किया जा सके। इसमें पीयू के कुलपति प्रो. राजकुमार व डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी के उपप्रधान एचआर गांधार भी बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहे। एनसीडब्ल्यू नई दिल्ली की वरिष्ठ समन्वयक एम. लीलाबती बतौर गेस्ट स्पीकर उपस्थित रहीं।

पीयू में कार्यस्थल पर यौन शोषण.. हेल्पलाइन पर दे सकते हैं शिकायत
पीयू कैश की अध्यक्षा प्रो. प्रोमिला पाठक ने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय में अगर किसी महिला के साथ कार्यस्थल पर यौन शोषण होता है तो उसके लिए कमेटी बनी हुई है। महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल भी है, वे फोन या संदेश के जरिए अपनी शिकायत कमेटी को दे सकती हैं। कुलपति प्रो. राजकुमार ने बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मुद्दे से निपटने के लिए निरंतर व ठोस प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मुद्दे पर गंभीर विचार-विमर्श को प्रेरित करते हैं। एम. लीलाबती ने भारत में यौन उत्पीड़न को नियंत्रित करने वाले कानूनी प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। यौन उत्पीड़न की अवधारणा पर प्रकाश डालने से लेकर, कर्मचारी और नियोक्ता के प्रशिक्षण, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, संरचना, कार्यप्रणाली, निवारण प्रक्रिया, मुआवजे का निर्धारण, गैर अनुपालन के लिए जुर्माना, नियोक्ता के कर्तव्यों इत्यादि महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed