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रेड द हिमालय रैली में जीते चंडीगढ़ के ड्राइवर्स, हाड़ कंपाने वाली ठंड में भी नहीं छूटा स्टेयरिंग
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:50 PM IST
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रेड द हिमालय रैली
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मोटर स्पोर्ट्स की सबसे मुश्किल रेड द हिमालय रैली में चंडीगढ़ के ड्राइवर्स ने माइनस 5 डिग्री में अपना जलवा दिखाते हुए विजेता ट्राफियां जीतने में कामयाबी पाई। चंडीगढ़ के हरप्रीत बावा ने टी-1 कैटेगरी जिप्सी वर्ग में विजेता ट्राफी जीती। प्रदीप गुप्ता कार वर्ग में विनर रहे। वहीं दो सगी बहनें मनु राणा और पूनम राणा ने महिला वर्ग की विजेता ट्राफी पर कब्जा जमाया।
रेड द हिमालय रैली 10 अक्तूबर से लेह लद्दाख से शुरू हुई और विभिन्न रास्तों से होते हुए 13 अक्तूबर को वापस लेह जाकर खत्म हुई। रैली में हिस्सा लेने वाले ड्राइवर्स ने करीब 27 हजार किलोमीटर का रास्ता तय किया। रैली में देश ही नहीं विदेशों से मोटर स्पोर्ट्स के बेहतरीन प्रतिभागियों ने जिप्सी, कार, मोटरसाइकिल इवेंट में शिरकत की। इस रैली की खास बात यह रही कि इस बार नए रूटों को रखा गया था। इन रूटों पर होते हुए ड्राइवर्स ने अपनी जीत की नींव रखी।
कड़ाके की ठंड और न्यूनतम तापमान
कार वर्ग में ग्रैंड विटारा में सवार होकर जीत हासिल करने वाले प्रदीप गुप्ता ने बताया कारगिल से लेकर द्रास तक का सफर काफी चैलेंजिंग रहा। कड़ाके की ठंड और माइनस 5 डिग्री तापमान में गाड़ी चलाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। शरीर को जमा देने वाली ठंड के बावजूद स्टेयरिंग से हाथ नहीं छूटा। प्रदीप गुप्ता के साथ चंद्रा मौली नेविगेटर थे।
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ऊंची चट्टानों पर गाड़ी चलाना
हरजी मोटर टीम के हरप्रीत बावा जिप्सी टी-1 की कैटेगरी 1600 सीसी के विजेता बने। बावा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में 13 हजार फुट ऊंचाई पर गाड़ी चलाना आसान नहीं होता। खासकर जब ऊंची चट्टानों पर अचानक घुमावदार मोड़ सामने आ जाते हैं।
बहनों ने दिखाया दम
अनु राणा और पूनम राणा दोनों बहने हैं। इन्होंने महिला वर्ग में ट्राफी जीती। दोनों चार साल से मोटर स्पोर्ट्स के इवेंट में एक साथ हिस्सा ले रही हैं। अनु राणा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में हर दिन एक नया चैलेंज लेकर आता था। जिसे काफी समझदारी से पूरा किया। रैली काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन हम दोनों ने किसी भी मोड़ पर हिम्मत नहीं हारी और विजेता ट्राफी को जीतने के बाद ही दम लिया।
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रेड द हिमालय रैली 10 अक्तूबर से लेह लद्दाख से शुरू हुई और विभिन्न रास्तों से होते हुए 13 अक्तूबर को वापस लेह जाकर खत्म हुई। रैली में हिस्सा लेने वाले ड्राइवर्स ने करीब 27 हजार किलोमीटर का रास्ता तय किया। रैली में देश ही नहीं विदेशों से मोटर स्पोर्ट्स के बेहतरीन प्रतिभागियों ने जिप्सी, कार, मोटरसाइकिल इवेंट में शिरकत की। इस रैली की खास बात यह रही कि इस बार नए रूटों को रखा गया था। इन रूटों पर होते हुए ड्राइवर्स ने अपनी जीत की नींव रखी।
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कड़ाके की ठंड और न्यूनतम तापमान
कार वर्ग में ग्रैंड विटारा में सवार होकर जीत हासिल करने वाले प्रदीप गुप्ता ने बताया कारगिल से लेकर द्रास तक का सफर काफी चैलेंजिंग रहा। कड़ाके की ठंड और माइनस 5 डिग्री तापमान में गाड़ी चलाना काफी चुनौतीपूर्ण रहा। शरीर को जमा देने वाली ठंड के बावजूद स्टेयरिंग से हाथ नहीं छूटा। प्रदीप गुप्ता के साथ चंद्रा मौली नेविगेटर थे।
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ऊंची चट्टानों पर गाड़ी चलाना
हरजी मोटर टीम के हरप्रीत बावा जिप्सी टी-1 की कैटेगरी 1600 सीसी के विजेता बने। बावा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में 13 हजार फुट ऊंचाई पर गाड़ी चलाना आसान नहीं होता। खासकर जब ऊंची चट्टानों पर अचानक घुमावदार मोड़ सामने आ जाते हैं।
बहनों ने दिखाया दम
अनु राणा और पूनम राणा दोनों बहने हैं। इन्होंने महिला वर्ग में ट्राफी जीती। दोनों चार साल से मोटर स्पोर्ट्स के इवेंट में एक साथ हिस्सा ले रही हैं। अनु राणा ने बताया कि रेड द हिमालय रैली में हर दिन एक नया चैलेंज लेकर आता था। जिसे काफी समझदारी से पूरा किया। रैली काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन हम दोनों ने किसी भी मोड़ पर हिम्मत नहीं हारी और विजेता ट्राफी को जीतने के बाद ही दम लिया।