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1 अप्रैल से पुराने कामर्शियल वाहनों पर रोक, कई हजार वाहन होंगे प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:31 AM IST
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पहली अप्रैल से शहर में 15 साल पुराने कामर्शियल डीजल वाहन नहीं चलेंगे। खुद प्रशासन के 600 वाहन बंद हो रहे हैं। इनमें सीटीयू की बसें और कई विभागों की सरकारी गाड़ियां भी शामिल हैं। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) सभी विभागों को अपने पुराने वाहन बदलने का पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। 31 दिसंबर 2016 से ही यह वाहन बंद किए जाने थे। लेकिन विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों के दबाव में प्रशासन ने यह फैसला 31 मार्च तक टाल दिया था। 31 मार्च करीब आने पर अब एसटीए ने इन वाहनों पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है। 31 मार्च के बाद इन वाहनों को चालान कर जब्त करने की तैयारी है।
अभी चंडीगढ़ के ही 2 हजार से अधिक ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। दूसरे प्रदेशों से आने वाले वाहनों की संख्या इससे अलग है। 31 मार्च के बाद चंडीगढ़ ही नहीं दूसरे राज्यों के वाहनों पर भी पाबंदी होगी। अभी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सैकड़ों ऐसे वाहन रोजाना शहर में घूमते हैं। ऐसे में अब इन वाहनों पर पूर्ण तौर पर रोक लग जाएगी।
डीजल वाहन पेट्रोल की क्षमता में ज्यादा प्रदूषण उत्पन्न करते हैं। खासकर तब जब यह वाहन पुराने हो जाते हैं। 15 साल पुराने वाहन तो कई गुणा प्रदूषण उत्पन्न करते हैं। जिससे शहर की फिजा में जहर घुलना शुरू हो जाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) इन वाहनों पर रोक लगाने के आदेश पहले ही जारी कर चुका है। इन्हीं आदेशों को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन भी अब इन वाहनों पर रोक लगा रहा है।
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अभी चंडीगढ़ के ही 2 हजार से अधिक ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। दूसरे प्रदेशों से आने वाले वाहनों की संख्या इससे अलग है। 31 मार्च के बाद चंडीगढ़ ही नहीं दूसरे राज्यों के वाहनों पर भी पाबंदी होगी। अभी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सैकड़ों ऐसे वाहन रोजाना शहर में घूमते हैं। ऐसे में अब इन वाहनों पर पूर्ण तौर पर रोक लग जाएगी।
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डीजल वाहन पेट्रोल की क्षमता में ज्यादा प्रदूषण उत्पन्न करते हैं। खासकर तब जब यह वाहन पुराने हो जाते हैं। 15 साल पुराने वाहन तो कई गुणा प्रदूषण उत्पन्न करते हैं। जिससे शहर की फिजा में जहर घुलना शुरू हो जाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) इन वाहनों पर रोक लगाने के आदेश पहले ही जारी कर चुका है। इन्हीं आदेशों को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन भी अब इन वाहनों पर रोक लगा रहा है।
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जीएसटी के कारण टल सकता है एंट्री टैक्स
जीएसटी के कारण टल सकता है एंट्री टैक्स
चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों पर लगाया जाने वाला एंट्री टैक्स जीएसटी लागू होने तक टल सकता है। जुलाई में जीएसटी लागू होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन विचार कर रहा है कि अभी वह एंट्री टैक्स लगाते हैं तो जीएसटी के बाद इसको फिर बंद करना पड़ सकता है। इसलिए जीएसटी के बाद इस पर स्थिति स्पष्ट होगी। सोमवार को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल इस बारे में एडवाइजर परिमल राय से मिला। उन्होंने एंट्री टैक्स नहीं लगाए जाने की अपील एडवाइजर से की।
पहले अपने वाहनों को करे बंद
प्रशासन को पहले अपने 15 साल पुराने सभी वाहन बंद करने चाहिए। अभी भी सैकड़ों ऐसे सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सीटीयू की बसें भी चल रही हैं। प्रशासन ऐसा करता है तो उन्हें भी अपने वाहन हटाने से कोई एतराज नहीं है। वह इस मामले में प्रशासन के साथ हैं। हालांकि अधिकतर ट्रांसपोर्टर ने अपने वाहन जनवरी के बाद बदल लिए हैं।
बीएल शर्मा, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
31 मार्च के बाद 15 साल पुराने कॉमर्शियल डीजल वाहन शहर में नहीं चल सकेंगे। वह सभी विभागों को अपने वाहन बदलने की चिट्ठी पहले ही भेज चुके हैं। एसटीए 31 मार्च के बाद ऐसे वाहनों केचालान शुरू करेगा।
राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए।
चंडीगढ़ में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों पर लगाया जाने वाला एंट्री टैक्स जीएसटी लागू होने तक टल सकता है। जुलाई में जीएसटी लागू होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन विचार कर रहा है कि अभी वह एंट्री टैक्स लगाते हैं तो जीएसटी के बाद इसको फिर बंद करना पड़ सकता है। इसलिए जीएसटी के बाद इस पर स्थिति स्पष्ट होगी। सोमवार को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल इस बारे में एडवाइजर परिमल राय से मिला। उन्होंने एंट्री टैक्स नहीं लगाए जाने की अपील एडवाइजर से की।
पहले अपने वाहनों को करे बंद
प्रशासन को पहले अपने 15 साल पुराने सभी वाहन बंद करने चाहिए। अभी भी सैकड़ों ऐसे सरकारी वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सीटीयू की बसें भी चल रही हैं। प्रशासन ऐसा करता है तो उन्हें भी अपने वाहन हटाने से कोई एतराज नहीं है। वह इस मामले में प्रशासन के साथ हैं। हालांकि अधिकतर ट्रांसपोर्टर ने अपने वाहन जनवरी के बाद बदल लिए हैं।
बीएल शर्मा, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन।
31 मार्च के बाद 15 साल पुराने कॉमर्शियल डीजल वाहन शहर में नहीं चल सकेंगे। वह सभी विभागों को अपने वाहन बदलने की चिट्ठी पहले ही भेज चुके हैं। एसटीए 31 मार्च के बाद ऐसे वाहनों केचालान शुरू करेगा।
राजीव तिवारी, एडिशनल सेक्रेटरी, एसटीए।