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चंडीगढ़ नगर निगम हुआ फेल, अब 8 प्राइमरी स्कूल और 21 डिस्पेंसरियों को टेकओवर करेगा प्रशासन
Fri, 05 Jul 2019 01:39 PM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 05 Jul 2019 01:39 PM IST
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नगर निगम चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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यूटी प्रशासन नगर निगम को जल्द एक बड़ा झटका देने जा रहा है। घाटे में चल रहा निगम शिक्षा और स्वास्थ्य में फेल हो गया है। इसके चलते प्रशासन शहर के आठ प्राइमरी स्कूल और 21 डिस्पेंसरीज को अपने हाथ में लेने जा रहा है। बीते एक साल से प्रशासन स्तर पर इसकी कवायद चल रही थी।
सूत्रों की मानें तो प्रशासन की आगामी माह होने वाली एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में इन प्राथमिक स्कूल और डिस्पेंसरीज के टेकओवर करने की प्रक्रिया पर मुहर लग जाएगी। नगर निगम अक्सर घाटे को लेकर प्रशासन से अतिरिक्त बजट की डिमांड करता रहता है। कई बार बजट नहीं होने के चलते निगम के प्रोजेक्ट अधर में लटक चुके हैं।
यही वजह है कि यूटी प्रशासन ने एमसी को घाटे से उबारने की कवायद शुरू कर दी है। प्रशासन सिटी के विभिन्न हिस्सों में स्थिति 8 प्राइमरी स्कूल और 21 डिस्पेंसरीज को निगम से वापस लेने जा रहा है। बताया जाता है इसके लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने प्रशासन के एजूकेशन डिपार्टमेंट को अनुमति दे दी है।
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प्रशासक से अनुमति मिलने के बाद प्रशासन ने प्राथमिक स्कूल और डिस्पेंसरी को लेने की तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी विवाद से बचने के लिए प्रशासन अगले माह होने वाली एडवाइरी काउंसिल की मीटिंग में इस मुद्दे को लाएगा। इसमें तय होगा कि एमसी के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए स्कूल और डिस्पेंसरी को अपने अंडर में लेगा।
इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि इससे पहले भी कई बार स्कूल और डिस्पेंसरी को लेने के लिए एमसी के साथ मीटिंग हो चुकी है। अब केवल इस पर मुहर लगना बाकी है।
पहले प्रशासन ही चला रहा था स्कूल
हालांकि साल 2010 में प्रशासन ने ही आठ स्कूलों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगम को दे दिया था। इससे पहले इन स्कूलों का संचालन प्रशासन के एजूकेशन डिपार्टमेंट के द्वारा ही किया जा रहा था। जानकारों की मानें तो प्रशासन के पास स्कूल और डिस्पेंसरी के जाने केबाद पैसों की कोई कमी नहीं रहेगी। एमसी के पास बजट नहीं होने के चलते शिक्षा और स्वास्थ्य की सेवाओं का संचालन उस तरह से नहीं हो पा रहा है, जैसा कि सिटी ब्यूटीफुल में होना चाहिए।
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सूत्रों की मानें तो प्रशासन की आगामी माह होने वाली एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में इन प्राथमिक स्कूल और डिस्पेंसरीज के टेकओवर करने की प्रक्रिया पर मुहर लग जाएगी। नगर निगम अक्सर घाटे को लेकर प्रशासन से अतिरिक्त बजट की डिमांड करता रहता है। कई बार बजट नहीं होने के चलते निगम के प्रोजेक्ट अधर में लटक चुके हैं।
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यही वजह है कि यूटी प्रशासन ने एमसी को घाटे से उबारने की कवायद शुरू कर दी है। प्रशासन सिटी के विभिन्न हिस्सों में स्थिति 8 प्राइमरी स्कूल और 21 डिस्पेंसरीज को निगम से वापस लेने जा रहा है। बताया जाता है इसके लिए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने प्रशासन के एजूकेशन डिपार्टमेंट को अनुमति दे दी है।
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प्रशासक से अनुमति मिलने के बाद प्रशासन ने प्राथमिक स्कूल और डिस्पेंसरी को लेने की तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी विवाद से बचने के लिए प्रशासन अगले माह होने वाली एडवाइरी काउंसिल की मीटिंग में इस मुद्दे को लाएगा। इसमें तय होगा कि एमसी के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए स्कूल और डिस्पेंसरी को अपने अंडर में लेगा।
इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि इससे पहले भी कई बार स्कूल और डिस्पेंसरी को लेने के लिए एमसी के साथ मीटिंग हो चुकी है। अब केवल इस पर मुहर लगना बाकी है।
पहले प्रशासन ही चला रहा था स्कूल
हालांकि साल 2010 में प्रशासन ने ही आठ स्कूलों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए नगर निगम को दे दिया था। इससे पहले इन स्कूलों का संचालन प्रशासन के एजूकेशन डिपार्टमेंट के द्वारा ही किया जा रहा था। जानकारों की मानें तो प्रशासन के पास स्कूल और डिस्पेंसरी के जाने केबाद पैसों की कोई कमी नहीं रहेगी। एमसी के पास बजट नहीं होने के चलते शिक्षा और स्वास्थ्य की सेवाओं का संचालन उस तरह से नहीं हो पा रहा है, जैसा कि सिटी ब्यूटीफुल में होना चाहिए।