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कार्यस्थल पर नहीं कर सकेंगे महिलाओं का यौन शोषण, बड़ी कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 18 Sep 2016 09:35 PM IST
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कार्यस्थल पर यौन शोषण
- फोटो : डेमो फोटो
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कार्यस्थल पर महिलाओं का किसी भी तरह से किसी भी प्रकार का शोषण न हो, इसके लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए आंतरिक शिकायत कमेटी का गठन कर दिया है। एडवाइजर परिमल राय ने इस विशेष कमेटी का गठन किया है। सभी सेक्रेटरी और विभागाध्यक्षों को भी इसकी कॉपी भेज दी गई है। साथ ही सभी विभागों के नोटिस बोर्ड पर यह जानकारी चस्पाने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
यह कमेटी इस तरह के सभी मामलों की शिकायतों के बाद सुनवाई करेगी। सिटको की एमडी कविता सिंह को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है ताकि कोई भी महिला बेझिझक शिकायत कर सके। कई बार महिलाएं विभिन्न कारणों से अपनी आवाज दबा लेती हैं और शोषण सहन करती रहती हैं। लेकिन अब ऐसी महिलाओं की आवाज सामने लाने के लिए प्रशासन ने यह प्लेटफार्म बनाया है।
नियमित ही नहीं अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारी भी अपनी शिकायत कमेटी को कर सकती हैं। फायनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर कम अंडर सेक्रेटरी होम जसबीर सिंह, लॉ ऑफिसर सीमा हांडा, सांख्यिकी सहायक नरिंद्र कुमार और सहायता एनजीओ की रेनू सहगल को इस कमेटी सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी 3 साल के लिए गठित की गई है।
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यौन शोषण के मामलों की शिकायतें सुनने और निवारण इस कमेटी का मुख्य काम होगा। यूटी प्रशासन के सभी विभागों में महिलाएं कार्यरत हैं। शाखाओं में महिलाओं की संख्या अधिक है।
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यह कमेटी इस तरह के सभी मामलों की शिकायतों के बाद सुनवाई करेगी। सिटको की एमडी कविता सिंह को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है ताकि कोई भी महिला बेझिझक शिकायत कर सके। कई बार महिलाएं विभिन्न कारणों से अपनी आवाज दबा लेती हैं और शोषण सहन करती रहती हैं। लेकिन अब ऐसी महिलाओं की आवाज सामने लाने के लिए प्रशासन ने यह प्लेटफार्म बनाया है।
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नियमित ही नहीं अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारी भी अपनी शिकायत कमेटी को कर सकती हैं। फायनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर कम अंडर सेक्रेटरी होम जसबीर सिंह, लॉ ऑफिसर सीमा हांडा, सांख्यिकी सहायक नरिंद्र कुमार और सहायता एनजीओ की रेनू सहगल को इस कमेटी सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी 3 साल के लिए गठित की गई है।
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यौन शोषण के मामलों की शिकायतें सुनने और निवारण इस कमेटी का मुख्य काम होगा। यूटी प्रशासन के सभी विभागों में महिलाएं कार्यरत हैं। शाखाओं में महिलाओं की संख्या अधिक है।