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गुड न्यूजः यहां अब ऑनलाइन अप्लाई होगी RTI

Wed, 21 Oct 2015 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 21 Oct 2015 11:58 AM IST
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सूचना के अधिकार (आरटीआई) की एप्लीकेशन को अब ऑनलाइन ही फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए सरकारी दफ्तरों केचक्कर नहीं काटने होंगे। साथ ही सूचना देने में आने वाला खर्च भी संपर्क सेंटरों पर ही जमा हो सकेगा। एडवाइजर विजय कुमार देव ने जल्द यह नई सुविधाएं शुरू होने की घोषणा की।

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वह सेक्टर-10 के गवर्नमेंट आर्ट गैलरी एंड म्यूजियम में आरटीआई एक्ट केदस सालपूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। एडवाइजर ने कहा कि आजादी के बाद का यह सबसे महत्वपूर्ण एक्ट है। यह एक्ट ज्यादा दिन नहीं चलना चाहिए। एक समय ऐसा आए जब इस एक्ट की जरूरत ही न पड़े।
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प्रोएक्टिव डिस्क्लोजर सिस्टम को अपनाया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिस्टम ट्र्रांसपेरेंट तो होना चाहिए, लेकिन शीशे इतने कमजोर भी नहीं होने चाहिए कि उसका मिसयूज होने लगे। उन्होंने कहा कि जो जानकारी एक या दो दिन में दी जा सकती है उसे बेवजह 30 दिन तक नहीं लटकाना चाहिए।
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कार्यक्रम में मौजूद होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल को एडवाइजर ने सभी व्हीसल ब्लोअर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने केआदेश दिए। खासकर उन एक्टिविस्ट की, जिन्हें धमकियां मिलती हैं।

गैरजरूरी जानकारी समय की बर्बादी
होम सेक्रेटरी ने कहा कि आरटीआई एक्ट का सदुपयोग होना चाहिए, न की कोई भी गैर जरूरी जानकारी मांग कर समय खराब करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कार्यालय में कितने पंखे लगे हैं, कौन सा कब खरीदा गया था जैसी जानकारी मांग रहे हैं। कुछ स्टाफ तो इस तरह की जानकारी जुटाने में ही जुटा रहता है। जिससे दूसरे काम प्रभावित होते हैं।


फोन पर ही बताया जाए खर्च
सिटीजन काउंसिल फॉर ह्यूमन राइट्स ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। आरटीआई एक्टिविस्ट आरकेगर्ग ने मांग करते हुए कहा कि 10 रुपये तक केखर्च की जानकारी फोन या ई-मेल पर दी जानी चाहिए। कई बार फोटो कॉपी खर्च के2 रुपयों केलिए बाबू कार से घर पर कहने आता है। उसकी विजिट का खर्च आमजन की जेब पर ही पड़ता है। एक्टिविस्ट अजय जग्गा ने आरटीआई में मिलने वाली जानकारी को भी ऑनलाइन ही उपलब्ध करवाए जाने की मांग रखी। एक्टिविस्ट डा. सुशील गुप्ता ने एडवाइजर देव का मोमेंटो देकर आभार जताया।

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