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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: यूटी प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपा वार्डबंदी से जुड़ी बैठक का रिकार्ड 

Wed, 03 Nov 2021 12:36 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 03 Nov 2021 12:36 PM IST
सार

शिरोमणि अकाली दल के महासचिव शिव कुमार व आम आदमी पार्टी के नेता शकील मोहम्मद ने चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

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Chandigarh Administration presented record of meeting on wardbandi in Punjab Haryana High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षित करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन की ओर से वार्डबंदी करने की 4 दिसंबर 2020 की बैठक का रिकार्ड हाईकोर्ट में पेश किया गया। हाईकोर्ट ने इसे रिकार्ड पर लेने के साथ ही इसकी प्रति याची पक्ष को उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। याची पक्ष इसका अध्ययन करने के बाद अगली सुनवाई पर बहस करेगा।

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शिरोमणि अकाली दल के महासचिव शिव कुमार व आम आदमी पार्टी के नेता शकील मोहम्मद ने चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। याची ने बताया कि 2011 से 2021 के बीच कई कॉलोनियों को तोड़ा व हटाया गया है। कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जो अस्तित्व में ही नहीं है। वार्ड आरक्षित करते हुए ऐसी कालोनियों की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। 

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याची ने इस संबंध में आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी और पूछा कि एरिया के अनुसार वार्ड की जनसंख्या की जानकारी दी जाए। जवाब में एरिया के अनुसार जानकारी न देकर वार्ड के अनुसार जानकारी दी गई। याची ने कहा कि 2011 की जनसंख्या को आधार बनाकर कैसे वार्ड आरक्षित किए जा सकते हैं। याची ने कहा कि वार्ड 7, 16, 19, 24, 26, 28 व 31 को इसी प्रकार आरक्षित रखने का फैसला लिया गया है। हाईकोर्ट से अपील की गई कि वार्ड आरक्षित करने के चुनाव आयोग के 19 अक्तूबर के फैसले को खारिज किया जाए। साथ ही आरक्षण के लिए जनगणना को ध्यान में रखते हुए जो कॉलोनी मौजूद नहीं है, उनकी जनसंख्या को हटाकर देखा जाए कि वार्ड आरक्षित होना है या नहीं। साथ ही याचिका लंबित रहते वार्ड आरक्षित करने के फैसले पर रोक लगाई जाए।

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