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नितिन गडकरी की खास बता कर की 27 लाख की ठगी, आरोपी मंजीत कौर गिरफ्तार
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चंडीगढ़। खुद को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक की करीबी बताकर बुजुर्ग से 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर-51 निवासी आरोपी मंजीत कौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मंजीत कौर के खिलाफ फ्लैट व बूथ दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आठ केस दर्ज हैं। आर्थिक अपराध शाखा इन मामलों की जांच कर रही है।
मंजीत कौर पहले से बुड़ैल जेल में बंद थी। सेक्टर-44 निवासी भागीरथ शर्मा के साथ धोखाधड़ी के मामले में मामले में केस दर्ज कर पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई और उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रिमांड पर लिया गया। भागीरथ शर्मा ने बताया कि वह सर्वे ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि मंजीत कौर से उनकी मुलाकात एक रिश्तेदार विजय पाल के जरिए हुई। विजय पाल ने बताया था कि मंजीत कौर ने सेक्टर-53 में मंदिर भी बनवाया है। उसी मंदिर में वह कीर्तन करता था। उसने बताया कि वह काफी धार्मिक महिला है। इसी झांसे में आकर वह उससे सस्ते दाम में फ्लैट खरीदने के लिए राजी हो गए। उन्होंने मंजीत कौर को फ्लैट के लिए करीब 55 लाख रुपये दिए थे। इसमें से उसने 27 लाख लौटा दिए थे लेकिन बाकी के 27 लाख लेने हैं। भागीरथ ने इस मामले में मंजीत कौर, उसके बेटे विजय पाल और विजय की पत्नी मलिका और मंजीत कौर की बहन हरजीत कौर के खिलाफ शिकायत दी थी। मामले में सेक्टर-49 थाना पुलिस ने मंजीत के खिलाफ केस दर्ज किया था।
मोहल्ला कमेटी की प्रधान थी मंजीत, सभी कहते थे ‘माता जी’
भागीरथ ने बताया कि मंजीत ने उनसे कहा था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और चंडीगढ़ के तत्कालीन प्रशासक से उसके अच्छे संबंध हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि मंजीत ने फ्लैट के साथ एक बूथ भी दिलाने के लिए कहा था। इसके लिए मंजीत को 55 लाख रुपये दिए थे। पैसे लेने के बाद आरोपी एक और बूथ दिलाने के नाम पर पैसे मांग रही थी। उसने दूसरा बूथ दिलाने के लिए चार लाख रुपये मांगे। जब काफी समय तक उन्हें फ्लैट नहीं मिला तो उन्होंने मंजीत से इस बारे में पूछा लेकिन वह टालमटोल करने लगी और धमकी देने लगी। इसके बाद उसने धीरे-धीरे उनके 27 लाख रुपये वापस कर दिए। पीड़ित ने कहा सभी लोग उसे माता जी कहकर बुलाते थे, इसलिए उन्हें उस पर बिल्कुल शक नहीं हुआ। मंजीत कौर मोहल्ला कमेटी की प्रधान भी थी।
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खुद को सीएचबी की अलॉटमेंट कमेटी की सदस्य बताकर बलटाना वासी को ठगा
एक अन्य मामले में बलटाना के एकता विहार निवासी विजय कुमार सूद ने पुलिस को शिकायत दी है। आरोप है कि वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात मंजीत कौर से हुई थी। उनने खुद को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की अलॉटमेंट कमेटी की सदस्य बताया और कहा कि वह चंडीगढ़ के तत्कालीन प्रशासक की करीबी है। वह दावा करती थी कि सीएचबी की अलॉटमेंट प्रक्रिया उसके हाथ में है। इसके लिए उसे प्रशासक से अनुमति मिली हुई है। इसके बाद उन्होंने उसे 18.39 लाख रुपये दे दिए लेकिन न मकान मिला और न ही उसने रुपये लौटाए। अगत 2021 में पुलिस ने मंजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
फिरोजपुर निवासी से भी 35 लाख ठगे
फिरोजपुर के धवन कॉलोनी निवासी पॉल मेहता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-51 में अपनी बेटी सुधा के पास आए थे। इस दौरान बेटी के जरिए उनकी मंजीत कौर से मुलाकात हुई। उसने पॉल मेहता को दो फ्लैट और दो बूथ दिलवाने के लिए कहा। मंजीत के कहने पर उन्होंने 2019 और 2020 के बीच एक करोड़ 35 लाख रुपये दे दिए। कुछ समय बाद जब मंजीत कौर से फ्लैट और बूथ के बारे में पूछा गया तो वह टालमटोल करने लगी।
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मंजीत कौर पहले से बुड़ैल जेल में बंद थी। सेक्टर-44 निवासी भागीरथ शर्मा के साथ धोखाधड़ी के मामले में मामले में केस दर्ज कर पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई और उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रिमांड पर लिया गया। भागीरथ शर्मा ने बताया कि वह सर्वे ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि मंजीत कौर से उनकी मुलाकात एक रिश्तेदार विजय पाल के जरिए हुई। विजय पाल ने बताया था कि मंजीत कौर ने सेक्टर-53 में मंदिर भी बनवाया है। उसी मंदिर में वह कीर्तन करता था। उसने बताया कि वह काफी धार्मिक महिला है। इसी झांसे में आकर वह उससे सस्ते दाम में फ्लैट खरीदने के लिए राजी हो गए। उन्होंने मंजीत कौर को फ्लैट के लिए करीब 55 लाख रुपये दिए थे। इसमें से उसने 27 लाख लौटा दिए थे लेकिन बाकी के 27 लाख लेने हैं। भागीरथ ने इस मामले में मंजीत कौर, उसके बेटे विजय पाल और विजय की पत्नी मलिका और मंजीत कौर की बहन हरजीत कौर के खिलाफ शिकायत दी थी। मामले में सेक्टर-49 थाना पुलिस ने मंजीत के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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मोहल्ला कमेटी की प्रधान थी मंजीत, सभी कहते थे ‘माता जी’
भागीरथ ने बताया कि मंजीत ने उनसे कहा था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और चंडीगढ़ के तत्कालीन प्रशासक से उसके अच्छे संबंध हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि मंजीत ने फ्लैट के साथ एक बूथ भी दिलाने के लिए कहा था। इसके लिए मंजीत को 55 लाख रुपये दिए थे। पैसे लेने के बाद आरोपी एक और बूथ दिलाने के नाम पर पैसे मांग रही थी। उसने दूसरा बूथ दिलाने के लिए चार लाख रुपये मांगे। जब काफी समय तक उन्हें फ्लैट नहीं मिला तो उन्होंने मंजीत से इस बारे में पूछा लेकिन वह टालमटोल करने लगी और धमकी देने लगी। इसके बाद उसने धीरे-धीरे उनके 27 लाख रुपये वापस कर दिए। पीड़ित ने कहा सभी लोग उसे माता जी कहकर बुलाते थे, इसलिए उन्हें उस पर बिल्कुल शक नहीं हुआ। मंजीत कौर मोहल्ला कमेटी की प्रधान भी थी।
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खुद को सीएचबी की अलॉटमेंट कमेटी की सदस्य बताकर बलटाना वासी को ठगा
एक अन्य मामले में बलटाना के एकता विहार निवासी विजय कुमार सूद ने पुलिस को शिकायत दी है। आरोप है कि वर्ष 2018 में उनकी मुलाकात मंजीत कौर से हुई थी। उनने खुद को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की अलॉटमेंट कमेटी की सदस्य बताया और कहा कि वह चंडीगढ़ के तत्कालीन प्रशासक की करीबी है। वह दावा करती थी कि सीएचबी की अलॉटमेंट प्रक्रिया उसके हाथ में है। इसके लिए उसे प्रशासक से अनुमति मिली हुई है। इसके बाद उन्होंने उसे 18.39 लाख रुपये दे दिए लेकिन न मकान मिला और न ही उसने रुपये लौटाए। अगत 2021 में पुलिस ने मंजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
फिरोजपुर निवासी से भी 35 लाख ठगे
फिरोजपुर के धवन कॉलोनी निवासी पॉल मेहता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-51 में अपनी बेटी सुधा के पास आए थे। इस दौरान बेटी के जरिए उनकी मंजीत कौर से मुलाकात हुई। उसने पॉल मेहता को दो फ्लैट और दो बूथ दिलवाने के लिए कहा। मंजीत के कहने पर उन्होंने 2019 और 2020 के बीच एक करोड़ 35 लाख रुपये दे दिए। कुछ समय बाद जब मंजीत कौर से फ्लैट और बूथ के बारे में पूछा गया तो वह टालमटोल करने लगी।