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Chandigarh News: पेंशन बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को दर्ज कराई शिकायत
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कर्मचारियों को लेकर दिए गए बयान पर हरियाणा की सियासत गरमा गई है। कर्मचारी संगठनों ने भाजपा सरकार और मनोहर लाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र धारीवाल ने कर्मचारियों पर दबाव बनाने और उनको धमकी देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। धारीवाल ने कहा कि प्रत्याशी द्वारा इस तरह की धमकी देने और किसी विशेष वर्ग पर दबाव बनाना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव के दौरान किसी भी बूथ पर कोई शिकायत नहीं आई है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मनोहर लाल के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें माफी मांगने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि चेतावनी व धमकी देने से कर्मचारी डरने वाले नही हैं। लांबा ने कहा कि सरकार को उनकी पीठ थपथपाने की बजाय उनपर गलत आरोप लगाकर उनके मनोबल को तोड़ने का काम नहीं करना चाहिए।
किस हैसियत मनोहर दे रहे ऐसा बयान : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहली बात तो यह कि मनोहर लाल किस आधार पर चेतावनी दे रहे हैं। दूसरा अगर ऐसा है तो वह किस अथोरिटी के आधार पर एक्शन की बात कह रहे हैं, क्योंकि अभी सरकार में वह कुछ भी नहीं हैं। तीसरा, जब प्रदेश और केंद्र में उनकी सरकार है और सभी जगह पोलिंग एजेंट तैनात थे तो क्या सरकार के पास कोई ऐसी रिपोर्ट आई है। हुड्डा ने कहा कि कर्मचारियों को केवल निशाना बनाया जा रहा है, दरअसल भाजपा लोकसभा चुनाव हार रही है और वह कर्मचारियों और अधिकारियों के सिर ठीकरा फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मनोहर लाल के बयान से साफ है कि वह अपनी हार मान चुके हैं।
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चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कर्मचारियों को लेकर दिए गए बयान पर हरियाणा की सियासत गरमा गई है। कर्मचारी संगठनों ने भाजपा सरकार और मनोहर लाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र धारीवाल ने कर्मचारियों पर दबाव बनाने और उनको धमकी देने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। धारीवाल ने कहा कि प्रत्याशी द्वारा इस तरह की धमकी देने और किसी विशेष वर्ग पर दबाव बनाना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। चुनाव के दौरान किसी भी बूथ पर कोई शिकायत नहीं आई है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मनोहर लाल के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें माफी मांगने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि चेतावनी व धमकी देने से कर्मचारी डरने वाले नही हैं। लांबा ने कहा कि सरकार को उनकी पीठ थपथपाने की बजाय उनपर गलत आरोप लगाकर उनके मनोबल को तोड़ने का काम नहीं करना चाहिए।
किस हैसियत मनोहर दे रहे ऐसा बयान : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहली बात तो यह कि मनोहर लाल किस आधार पर चेतावनी दे रहे हैं। दूसरा अगर ऐसा है तो वह किस अथोरिटी के आधार पर एक्शन की बात कह रहे हैं, क्योंकि अभी सरकार में वह कुछ भी नहीं हैं। तीसरा, जब प्रदेश और केंद्र में उनकी सरकार है और सभी जगह पोलिंग एजेंट तैनात थे तो क्या सरकार के पास कोई ऐसी रिपोर्ट आई है। हुड्डा ने कहा कि कर्मचारियों को केवल निशाना बनाया जा रहा है, दरअसल भाजपा लोकसभा चुनाव हार रही है और वह कर्मचारियों और अधिकारियों के सिर ठीकरा फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मनोहर लाल के बयान से साफ है कि वह अपनी हार मान चुके हैं।
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